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शिवसेना ने समान नागरिक संहिता लागू करने को राष्ट्रीय कार्य बताया

मुसलमानों के लिए अलग से कानून रखना एक और पाकिस्तान के गठन को बढ़ावा देने जैसा बताते हुए शिवसेना ने सोमवार को कहा कि समान नागरिक संहिता कार्यान्वयन राष्ट्रीय कार्य है।
Author मुंबई | July 5, 2016 01:24 am
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)

मुसलमानों के लिए अलग से कानून रखना एक और पाकिस्तान के गठन को बढ़ावा देने जैसा बताते हुए शिवसेना ने सोमवार को कहा कि समान नागरिक संहिता कार्यान्वयन राष्ट्रीय कार्य है। अपनी सहयोगी भाजपा से उसने आग्रह किया कि वह अपने चुनावी वादे को जल्द से जल्द पूरा करे। विधि मंत्रालय ने विधि आयोग से समान नागरिक संहिता से संबंधित सभी मुद्दों को विस्तृत रूप से देखने और सरकार को रिपोर्ट देने को कहा है।

शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में कहा, ‘हिन्दुस्तान सार्वभौम स्वतंत्र देश वगैरह भले हो, फिर भी इस सार्वभौम स्वतंत्र देश में पिछले 60 साल में धर्मनिरपेक्षता के नाम पर ऊधम ही मचाया गया। हिंदू और मुसलमानों के लिए अलग-अलग कानून हैं। सच यह है कि मुसलमानों के लिए अलग से कानून रखना एक और पाकिस्तान के गठन को बढ़ावा देने जैसा है।’ इसने कहा कि पिछली सरकारों ने स्थिति को बदलने के लिए कुछ भी नहीं किया और तुष्टीकरण की अपनी नीति को जारी रखा ।

शिवसेना ने जानना चाहा, ‘यदि लोग आपसे (भाजपा) कानून को कार्यान्वित करने और अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की उम्मीद रखते हैं तो क्या गलत है जो कभी आप विपक्ष में रहने के दौरान चाहते थे।’ इसने कहा कि यदि सरकार ने अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर मामले को विधि आयोग को भेजा है तो यह देश के लिए अच्छा नहीं है।

पार्टी ने कहा, ‘मुस्लिम नेताओं के विरोध से प्रभावित हुए बिना सरकार को (समान नागरिक संहिता के) मामले में आगे बढ़ना चाहिए, जो एक राष्ट्रीय कार्य है । मोदी सरकार के पास पूर्ण बहुमत है। इसका उसे सम्मान करना चाहिए। ’ समान नागरिक संहिता एक विवादास्पद मुद्दा रहा है और यह भाजपा के चुनाव घोषणापत्र का हिस्सा था।
संहिता यदि लागू होती है तो इसका मतलब यह होगा कि विभिन्न धार्मिक समूहों के लिए अलग-अलग पर्सनल लॉ की जगह देश के सभी नागरिकों के लिए समान कानून होगा।

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