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बीते साल सुरक्षा एजंसियों की निगरानी के दायरे में आया प. बंगाल

पश्चिम बंगाल में 2015 में आइएसआइ के साथ कथित संबंधों को लेकर एक मजदूर, कुछ पासपोर्ट एजंट, एक कॉलेज छात्र और एक बार टेंडर सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।
Author कोलकाता | January 3, 2016 01:07 am

पश्चिम बंगाल में 2015 में आइएसआइ के साथ कथित संबंधों को लेकर एक मजदूर, कुछ पासपोर्ट एजंट, एक कॉलेज छात्र और एक बार टेंडर सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही राज्य पाक खुफिया एजंसी के एजंटों के लिए एक सुरक्षित ठिकाने के तौर पर सुरक्षा एजंसियों की जांच के दायरे में आ गया।

कोलकाता के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कथित तौर पर आइएसआइ के काम पर रखे गए एजंटों से हासिल नकली पासपोर्ट, नकली मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड ने इन घुसपैठियों की देश में घुसने और यहां बसने में मदद की। बांग्लादेश, नेपाल और भूटान के साथ राज्य की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की समुचित निगरानी न होने से एजंटों को पश्चिम बंगाल के रास्ते देश में घुसने में मदद मिली।

एक वरिष्ठ सीआइडी अधिकारी ने बताया कि खगरागढ़ विस्फोट (बर्द्धमान में) की जांच के दौरान कई दस्तावेजों और सुरागों से संकेत मिले कि घटना में शामिल लोग बांग्लादेश की सीमा से आए थे और उन्हें स्थानीय लोगों की मदद मिली। उन्होंने कहा- जांच अब भी जारी है। लेकिन हमें संदेह है कि या तो वे स्थानीय (एजंट) लोग थे या एक दशक के भीतर यहां आकर बसे लोग थे।
अधिकारी ने बताया कि नवंबर में शहर के मध्य हिस्से में एक बार टेंडर की गिरफ्तारी से राज्य में काम कर रहे आइएसआइ एजंटों के एक नेटवर्क का खुलासा हुआ। कोलकाता पुलिस के एक शीर्ष आइपीएस अधिकारी ने कहा- हमें सूचना मिली कि आइएसआइ ने इन सभी एजंटों को विशेष भूमिकाएं दी थीं।

उनमें से कुछ यहां एजंटों की भर्ती के लिए, कुछ नौसेना, सेना या वायुसेना के शिविर वाले इलाकों से सूचना जुटाने के लिए थे। उन्होंने कहा कि उनके अलावा ऐसे लोग भी हैं जो देश में जाली भारतीय नोट लाते हैं और अर्थव्यवस्था को तबाह करने के उद्देश्य से उनका प्रसार करते हैं।

अधिकारी ने कहा कि जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) ने हावड़ा और उत्तर व दक्षिण 24 परगना जिलों में अपने नेटवर्क का विस्तार किया। इन्होंने मुर्शिदाबाद, नदिया, बर्द्धमान और बीरभूम जैसे जिलों में संगठन के शिविर स्थापित किए। हम पता लगा रहे हैं कि क्या उन्होंने असम, त्रिपुरा, मेघालय जैसे दूसरे राज्यों में भी अपना विस्तार किया है।

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