ताज़ा खबर
 

राजस्थान: सरकार से वार्ता के बाद खत्म हुआ जाट आंदोलन, जल्द मिलेगा आरक्षण मगर रेलवे-हाईवे पर अभी भी परिचालन ठप

सरकार जल्द ही ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट का अध्ययन करेगी और जाट आरक्षण के प्रति सकारात्मक रुख अपनाएगी।
आरक्षण के लिए धरने पर जाट। (फाइल फोटो)

राजस्थान सरकार और आंदोलनकारी जाट नेताओं के बीच बातचीत सफल रही है। इसके बाद जाट नेताओं ने आंदोलन खत्म करने का एलान किया है। ओबीसी में जाटों को शामिल कर सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने की मांग करने वाले जाट समुदाय के लोग राजस्थान के भरतपुर समेत कई इलाकों में रेलवे और हाईवे जाम किए हुए थे। इससे राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बीच रेल और सड़क यातायात ठप पड़ गई थी। सरकार से बातचीत के बाद धौलपुर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह ने सभी जाट नेताओं से चक्का जाम हटवाने का एलान किया है।

सरकार की तरफ से सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के सचिव बी.एल. जाटावत ने बातचीत को सफल करार दिया है। कांग्रेस विधायक विश्वेन्द्र सिंह ने राजस्थान पत्रिका से बातचीत में कहा कि सरकार जल्द ही ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट का अध्ययन करेगी और जाट आरक्षण के प्रति सकारात्मक रुख अपनाएगी। ओबीसी कमीशन ने गुरुवार को ही सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी है।

बता दें कि जाट आंदोलन की वजह से अलवर-मथुरा रेल मार्ग पिछले तीन दिनों से पूरी तरह से बंद है। इसलके अलावा जाट आंदोलनकारियों ने भारतपुर-धौलपुर मार्ग को भी जाम कर रखा है। मथुरा-कोटा रेलवे लाइन पर भी आंदोलनकारियों ने कब्जा कर रखा है। इस वजह से रेलवे ने इन रूटों पर चलने वाली ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इस बीच आंदोलनकारियों ने आगरा-जयपुर नेशनल हाईवे 11 पर यूपी स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की बसों पर पथराव किया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक जाट आंदोलन के कारण सात पैसेंजर ट्रेनों का रद्द किया गया है जबकि 10 एक्सप्रेस और मेल ट्रेनों के रूट में बदलाव किए गए हैं। फिरोजपुर- मुंबई जनता एक्सप्रेस को नई दिल्ली तक ही चलाया जा रहा है। जयपुर-इलाहाबाद सुपर फास्ट और कोटा-पटना एक्सप्रेस ट्रेन को मथुरा से ही रवाना किया जा रहा है। राजस्थान परिवहन की भी कई बसों को रद्द कर दिया गया है जबकि कुछ बसों का रूट बदला गया है। इस वजह से कई मुसाफिर जयपुर के सिंधी कैम्प बस में अटके पड़े हुए हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग