ताज़ा खबर
 

मरीज का आधे घंटे चला ऑपरेशन, पित्त की थैली से निकले 5,070 पत्थर, गिनने में लग गए 2 घंटे

ऑपरेशन में शब्बीर के शरीर से 5,070 पत्थरी निकाली जिन्हें गिनते-गिनते अस्पताल का स्टाफ परेशान हो गया था।
इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

आजकल हर दूसरे व्यक्ति को पित्त की थैली में पत्थरी होने की बीमारी सामने आती हैं। लोग इस बीमारी का इलाज या तो ऑपरेशन से कराते हैं या दवाइयां खाकर ठीक हो जाते हैं। अक्सर देखा गया है कि पित्त की थैली में होने वाली इन पत्थरी की संख्या मामूली होती है जिनका वजन कुछ ग्राम ही होता है, लेकिन एक मामला ऐसा सामने आया है जहां पत्थरी का इलाज कराने गए व्यक्ति के पेट से निकले छोटे-छोटे पत्थरों को गिनते-गिनते 2 घंटा लग गया। यह मामला राजस्थान के कोटा का है जहां पर रतलाई इलाके के रहने वाले 45 वर्षीय मोहम्मद शब्बीर को काफी दिनों से पेट में दर्द था जिसके बाद उसने कोटा से 100 किंमी दूर जिंदल एंड लैप्रोस्कोपिक अस्पताल के डॉक्टर दिनेश जिंदल से संपर्क किया जिसके बाद शब्बीर का करीब आधे घंटे तक आपरेशन चला मगर पत्थरों को गिनने में अस्पताल कर्मचारियों को 2 घंटे लग गए।

डॉक्टरों ने बताया कि शब्बीर की हालत अभी ठीक है। उसके शरीर में पानी की मात्रा कम होने के कारण पित्त की थैली में पत्थरी हो गई थी। शब्बीर की इन पत्थरियों के बारे में डॉ. दिनेश नें कहा कि यह पहला मामला नहीं है जब किसी के पेट से इतनी पत्थरी निकली हों। इससे पहले वेस्ट बंगाल के डॉ एमएल शाह ने एक व्यक्ति की पित्त की थैली से 11,950 पत्थरी निकाली थीं जो कि विश्व रिकॉर्ड बना हुआ है।

डॉक्टर ने कहा कि पत्थरियों के वजन कोई मायने नहीं रखता, हो सकता है कॉलेस्ट्रोल के कारण  पत्थर शरीर के पानी में तैर रहे हों। डॉक्टर ने कहा कि अक्सर ज्यादा कॉलेस्ट्रोल, बिलिरुबिन के कारण पत्थरियां बन जाती हैं। इसका कारण है ज्यादा तल-भूना खाना जो कि ठीक से पच नहीं पाता है, इसके साथ ही डायबिटीज़, होरमॉनल में बदलाव, और वजन बढ़ने-घटने के कारण पित्ती की थैली में पत्थरियां हो जाती हैं। इसी के साथ डॉक्टर ने बताया कि इस बीमारी के चलते 1000 में से 1 व्यक्ति में पित्त की थैली में कैंसर होता है।

देखिए वीडियो - राजस्थान: ASP आशीष प्रभाकर ने खुद को मारी गोली; कार से महिला का शव भी हुआ बरामद

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग