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अमित शाह के दौरे और राजपूत आंदोलन का दबाव, सरकार सीबीआई जांच पर सहमत

सरकार ने गैंगस्टर आनंदपाल एनकाउंटर की जांच के लिए सीबीआई को सिफारिश करने पर सहमति दे दी है।
आनंदपाल एनकाउंटर: आनंदपाल सिंह 24 जून को कथित पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के दौरे को देखते हुए और राजपूतो के आंदोलन की धमकी के बाद सरकार ने गैंगस्टर आनंदपाल एनकाउंटर की जांच के लिए सीबीआई को सिफारिश करने पर सहमति दे दी है। सरकार ने राजपूत समाज की सभी मांगों पर सहमति जताई। इसके बाद राजपूतों ने अपने 22 जुलाई को जयपुर कूच एलान के साथ ही आंदोलन को स्थगित करने की घोषणा कर दी है।

भाजपा अध्यक्ष शाह के 21 से 23 जुलाई को प्रस्तावित दौरे के दौरान 22 जुलाई को राजपूत समाज ने जयपुर कूच का एलान कर सरकार को सकते में ला दिया था। इसके साथ ही भाजपा के कई राजपूत विधायकों ने भी पुलिस के रवैये पर गहरी नाराजगी जताई थी। इससे हरकत में आई सरकार ने मंगलवार को यहां राजपूत समाज के प्रतिनिधियों से वार्ता की। इस वार्ता में राजपूत समाज की प्रमुख मांग कि आनंदपाल एनकाउंटर की सीबीआई जांच पर सहमति दे दी। गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया, पंचायतराज मंत्री राजेंद्र राठौड और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अशोक परनामी ने मंगलवार को यहां राजपूत सभा के अध्यक्ष गिर्राज सिंह लोटवाडा, लोकेंद्र सिंह कालवी समेत कई नेताओं से सुलह वार्ता की। गृह मंत्री कटारिया ने बताया कि राजपूत समाज की सभी मांगों पर सहमति बन गई है।

कटारिया के अनुसार 24 जून को हुए आनंदपाल एनकाउंटर के साथ ही सावंराद गावं में 12 जुलाई को हुई श्रद्वांजलि सभा के दौरान उपद्रव में सुरेंद्र सिंह की मौत के मामले की जांच के लिए सीबीआई को सिफारिश की जाएगी। दोनों पक्षों में कई घंटे तक वार्ता के दौर चलें। सीबीआई जांच को सिरे से नकारने वाले गृह मंत्री कटारिया ने अब उस पर सहमति दे दी है। राजपूत समाज और आनंदपाल के परिजन भी इसी मांग पर अडे हुए थे और उन्होंने बीस दिन तक शव का अंतिम संस्कार तक नहीं किया था।

गृह मंत्री कटारिया और राजपूत सभा के अध्यक्ष गिर्राज सिंह ने बताया कि सीबीआई को जांच के लिए सरकार सिफारिशी पत्र भेजेगी। जांच का अंतिम फैसला सीबीआई ही करेगी। इसके साथ ही आनंदपाल एनकाउंटर के बाद घटित हुई घटनाओं पर पुलिस बदले की भावना से कोई कार्रवाई नहीं करेगी। आनंदपाल की बेटी के भारत आने पर सरकार उसे कोई कठिनाई पेश नहीं करेगी। श्रंद्वाजंलि सभा के दौरान उपद्रव में मारे गये सुरेंद्र सिंह के मामले की भी जांच सीबीआई को दी जाएगी और उसके परिजनों को सरकार की तरफ से तय मुआवजा दिया जाएगा। मांगों पर सहमति के बाद राजपूत सभा के अध्यक्ष गिर्राज सिंह ने सर्वसमाज की तरफ से 22 जुलाई को प्रस्तावित जयपुर में बडी रैली के साथ ही आंदोलन को स्थगित करने का एलान किया।

आनंदपाल प्रकरण में भाजपा का परंपरागत समर्थक राजपूत समाज में सरकार के रवैये से गहरी नाराजगी पनप गई थी। राजपूतों में भाजपा सरकार के प्रति बढते गुस्से से सत्ताधारी दल में खासी हलचल मची हुई थी। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ विधायक नरपत सिंह राजवी भी सरकार के रवैये से खासे नाराज हो गये थे। राजवी ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को भी पत्र लिख कर वसुंधरा सरकार और पुलिस की कार्रवाईयों पर कडा एतराज जताया था। राजवी का कहना था कि ऐसा लग रहा है कि सरकार और पुलिस राजपूत समाज के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव कर रही है। इसके साथ ही राजपूतों ने ऐसे दिन का जयपुर कूच के लिए चुन लिया था जब भाजपा अध्यक्ष शाह यहां रहने वाले थे। भाजपा अध्यक्ष के सामने सरकार की छवि को बिगडने से बचाने के लिए ही सरकार को सीबीआई जांच के लिए सहमत होना पडा।

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  1. B
    bitterhoney
    Jul 19, 2017 at 12:24 am
    राजपूतों ने अमित शाह की हेकड़ी को धूल चटा दी. अमित शाह बन गए.
    (0)(0)
    Reply
    सबरंग