ताज़ा खबर
 

इंसाफ के लिए अदालत पहुंचे भगवान लक्ष्मण, दबंगों से 16 बीघा जमीन वापस दिलाने की लगाई गुहार

मामला राजस्थान के बारां जिले में केलवाड़ा के प्रसिद्ध सीताबाड़ी मंदिर का है।
बारां स्थित भगवान लक्ष्मण का मंदिर।

जहां एक तरफ लोग अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए मंदिर-मंदिर जाकर पूजा अर्चना करते हैं। वैसे ही एक अजीब मामला सामने आया है जहां भगवान को इन्साफ के लिए कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। यह मामला राजस्थान के बारां जिले में केलवाड़ा के प्रसिद्ध सीताबाड़ी मंदिर का है। इस मंदिर में भगवान लक्ष्मण की पूजा की जाती है। दूर-दूर से यहां पर लोग मन्नत मांगने के लिए आते हैं। अब मंदिर की इस जमीन पर कई लोगों ने कब्जा कर लिया है और अवैध रूप से बड़ी-बड़ी इमारतों का निर्माण कर लिया है। इसे लेकर मंदिर समिति के सदस्यों ने कोर्ट में केस किया है जिसका फैसला अभी आना बाकी है।

ईटीवी के अनुसार आदिवासियों का कुम्भ कहे जाने वाले इस मंदिर से कई चमत्कारिक घटनाएं जुड़ी हुई हैं। इस मंदिर के नाम सालों से 16 बीघा जमीन है लेकिन यहां के पुजारियों द्वारा इस जमीन को रसूखदार लोगों को बेच दिया गया है। अब यह जमीन केवल 11 बिस्वा तक ही सिमटकर रह गई है। वहां के लोगों का कहना है कि नामी डकैत अमृत सिंह को इस प्राचीन मंदिर से काफी लगाव था और उसी ने इस मंदिर का विकास करवाया था।

इस मंदिर की सीताबाड़ी विकास समिति के सदस्य जसविंदर सिंह साबी को जब इस मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने इस जमीन को वापस भगवान लक्ष्मण के नाम पर कागजों में चढ़वाने की कोशिश की लेकिन वह सफल नहीं हो पाए। इसके बाद साबी ने 25 अगस्त 2016 को बारां जिले के कलेक्टर से मांग की कि मंदिर की इस जमीन को वापस भगवान के नाम पर कराया जाए। 6 महीने बाद भी जब जिला कलेक्टर द्वारा इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो साबी ने कोर्ट को दरवाजा खटखटाया। साबी द्वारा कोर्ट में पेश किए गए सबूतों के आधार पर कोर्ट ने इस मामले में मंदिर के पुजारी राजेंद्र, जीतेन्द्र और सुमन के खिलाफ केलवाड़ा थाने में केस दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।

देखिए वीडियो - केरल का मलप्पुरम और राजस्थान का नया गांव बने ‘कैशलेस’; जानिए सच्चाई

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग