ताज़ा खबर
 

गौरक्षा के नाम पर हिंसा के विरोध में मुस्लिम फिल्ममेकर ने गोद ली गाय, हिन्दू रीति-रिवाज से कराया ग्रह प्रवेश

50 हजार रुपए में यह गाय और बछड़ा खरीदने वाले खान ने कहा कि हिंसा सिर्फ फर्जी गौरक्षक कर रहे हैं।
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है (PTI Photo)

देश में गौरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा और हत्या के बीच एक मुस्लिम फिल्ममेकर ने गाय व एक बछड़े को गोद लिया है। इतना ही नहीं इन जानवरों का हिन्दू रीति रिवाज से गृह प्रवेश भी कराया गया। मूलत: कोटा के रहने वाले सरोश खान ने गाय के नाम पर हो रही हिंसा के खिलाफ शांति का संदेश देने के लिए यह कदम उठाया है। अंग्रेजी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक, सरोश खान मुंबई में रहते हैं और उन्होंने अपने कोटा स्थित घर पर गाय का गृह प्रवेश कराया। सरोश खान ने हिन्दुओं की तरह गाय के माथे पर सिंदूर भी लगाया। इस दौरान सरोश के कई हिन्दू दोस्त भी मौजूद रहे।

पेबैक, कोटा जंकशन और भंवरी जैसी कई हिन्दी और राजस्थानी फिल्म बना चुके और उनमें काम कर चुके सरोश खान ने कहा, “इस्लाम हिन्दुओं या किसी भी धर्म के खिलाफ हिंसा नहीं सिखाता। हम सभी को एक दूसरे का आदर करना चाहिए और गाय के नाम पर हो रही हिंसा को खत्म करना चाहिए।” 50 हजार रुपए में यह गाय और बछड़ा खरीदने वाले खान ने कहा कि हिंसा सिर्फ फर्जी गौरक्षक कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं बतना चाहता था कि मुस्लिम भी गाय को प्यार करते हैं। इसलिए मैने गाय पालने का फैसला किया। अगर मेरे ऐसा करने से हिंसा में जरा भी कमी आती है तभी मुझे सुकून मिलेगा।”

उन्होंने गौरक्षकों से अपील की कि अगर वह गाय को ‘माता’ मानते हैं तो लावारिस गायों को भी पाला करें। गाय के गृह प्रवेश की रस्म को जदगुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृति यूनिवर्सिटी (JRRSU) के असिस्टेंट प्रोफेसर शास्त्री कोसलेंद्रदास ने किया। प्रोफेसर ने कहा, “मैं पहले भी गायों का गृह प्रवेश करा चुका हूं, लेकिन किसी मुस्लिम ने ऐसा पहली बार कराया है।” उन्होंने कहा कि वेदों में गाय को किसी देश या विशेष समुदाय की ही ‘माता’ नहीं बताया गया है, बल्कि यह तो पूरे विश्व और इसके निवासियों की माता है। JRRSU के पूर्व डायरेक्टर डॉक्टर राजेंद्र तिवारी ने कहा, “सरोश द्वारा हिन्दू रीति रिवाज से गाय को गोद लेने का जो कदम उठाया गया है उससे हिन्दुओं और मुस्लिमों के रिश्ते को मजबूती मिलेगी।”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग