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अब जयपुर पुलिस ने बनाया “एंटी-रोमियो” दस्ता, दो-दो महिला कांस्टेबलों वाली 26 टीमें कसेंगी मनचलों पर लगाम

जयपुर पुलिस अधिकारी इस बात से इनकार कर रहे हैं कि ये "एंटी रोमियो" दस्ता है और इसकी प्रेरणा यूपी पुलिस के एंटी-रोमियो दस्ते से मिली है।
Author May 1, 2017 11:11 am
एंटी रोमियो अभियान के तहत कार्रवाई करती यूपी पुलिस। (PTI FIle Photo)

उत्तर प्रदेश पुलिस के एंटी-रोमियो दस्ते की तर्ज पर अब जयपुर पुलिस भी मनचलों पर रोकथाम के लिए एक विशेष दस्ता बनाएगी। सोमवार (एक मई) को इसकी घोषणा की जानी है। राजस्थान में ये अपनी तरह का पहला पुलिस दस्ता होगा। जयपुर पुलिस मुख्यालय के डीसीपी गौरव श्रीवास्तव ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “हमने दो-दो महिला पुलिसकर्मियों की 26 टीमें बनायी हैं जो शहर भर में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों, छेड़खानी इत्यादि को रोकने के लिए तैनात की जाएंगी।”

श्रीवास्तव के अनुसार महिला पुलिसकर्मी दिन के अलग-अलग समय के अनुसार विभिन्न स्थानों पर तैनात की जाएंगी। मसलन, सुबह के वक्त वो पार्कों के बाहर, दोपहर में स्कूलों के बाहर और शाम को  मॉल और बाजारों के आसपास तैनात की जाएंगी जहां महिलाएं बड़ी संख्या में आती-जाती हैं। श्रीवास्तव ने कहा, “पुलिस का मकसद है कि इस दस्ते की मौजूदगी से असमाजिक तत्व ऐसी जगहों पर आने से बचें और महिलाओं के संग अवांछित घटनाएं न हों।”

राजस्थान पुलिस सर्विस (आरपीएस) के अधिकारी कमल शेखावत को इस दस्ते के नोडल अफसर होंगे। शेखावत ने बताया, "हमने जयपुर में करीब 200 ऐसी जगहों को चिह्नित किया है जहां ऐसी घटनाएं होने की ज्यादा आशंका रहती है। समय के साथ और भी जगहों को चिह्नित किया जाएगा। इस दस्ते की महिला पुलिसकर्मी सुबह सात बजे से रात 11 बजे तक आठ-आठ घंटों की दो शिफ्ट में काम करेंगी।"

पुलिस के अनुसार इस जयपुर के इस विशेष दस्ते के पास हथियार नहीं रहेगा वो बस एक विशेष बैटन (डंडा) लेकर चलेंगी। वाकी-टाकी से लैस ये दस्ता स्कूटर से चलेगा और उसके पास प्राथमिक चिकित्सा बक्सा भी मौजूद रहेगा। जयपुर के पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल ने कहा, “ये दस्ता शहर में मुक्त रूप से घूमेगा और जिसे भी जरूरत होगी उसकी मदद करेगा। स्थानीय पुलिस थाने और पुलिस कंट्रोल रूम उनकी मदद करेंगे।” पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इस दस्ते के लिए स्कूटर हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉंन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत दान किए हैं।

हालांकि जयपुर पुलिस अधिकारी इस बात से इनकार कर रहे हैं कि ये “एंटी रोमियो” दस्ता है और इसकी प्रेरणा यूपी पुलिस के एंटी-रोमियो दस्ते से मिली है। पुलिस के अनुसार इस दस्ते के गठन का यूपी पुलिस से कोई लेना-देना नहीं है। जयपुर पुलिस इसे “महिला दस्ता” बता रही है। राजस्थान में इससे पहले उदयपुर पुलिस ने भी पिछले साल अक्टूबर में एक “महिला गश्ती दल” बनाया था। श्रीवास्तव कहते हैं कि जयपुर पुलिस के दस्ते का स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) उदयपुर पुलिस से अलग है। वो बताते हैं, “वो मुख्यतः पर्यटन स्थलों के बाहर तैनात होता है और यातायात नियंत्रण, अपराध नियंत्रण, विशिष्ट जनों के आवागमन इत्यादि में भी सहयोग करता है लेकिन हमारे दस्ते का मुख्य ध्येय महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ होने वाले अपराध को रोकना है।”

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