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गायों की मौत पर सियासत, कांग्रेस ने किया श्रमदान व सद्बुद्धि यज्ञ

मुद्दे को भुनाने के लिए कांग्रेस सेवादल ने सोमवार (8 अगस्त) को गोशाला में श्रमदान किया।
जयपुर नगर निगम की तरफ से संचालित हिंगोनिया गोशाला। (फाइल फोटो)

जयपुर नगर निगम की तरफ से संचालित हिंगोनिया गोशाला में बड़ी संख्या में गायों की मौत पर अब सियासी खेल शुरू हो गया है। इस मामले में कांग्रेस ने भाजपा की जमकर घेराबंदी कर ली है। लोगों के गुस्से को देखते हुए अब भाजपा सरकार के कई मंत्री गोशाला जाकर हालात संभालने में लगे हैं। नगर निगम में भाजपा का कब्जा होने से भी उसकी परेशानियां बढ़ गई है और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी इस मामले में अपनी नाराजगी जताई है। राज्य में कुछ समय से जयपुर की हिंगोनिया गोशाला में गायों की लगातार हो रही मौत के मामले में लापरवाही उजागर होने के बाद अब राजनीति गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट का साफ आरोप है कि इस पूरे प्रकरण में सरकार की तरफ से घोर लापरवाही बरती गई है। मुद्दे को भुनाने के लिए कांग्रेस सेवादल ने सोमवार (8 अगस्त) को गोशाला में श्रमदान किया और पायलट भी इस दौरान मौजूद रहे। पायलट का कहना है कि गायों की लगातार मौत होना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मामले में लापरवाही की पूरी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। पायलट ने इस मामले में भाजपा सरकार के मंत्रियों के जिम्मेदारी से बचने के प्रयासों की निंदा की। उन्होंने सेवादल कार्यकर्ताओं के श्रमदान में भी सहयोग किया।

जयपुर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी सोमवार (8 अगस्त) को बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ कानोता पुलिस स्टेशन जाकर नगर निगम के खिलाफ रपट लिखाई। खाचरियावास का कहना है कि उन्होंने इस मामले में नगर निगम और गोशाला के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस को इसे दर्ज कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अर्चना शर्मा की अगुआई में कार्यकर्ताओं ने यहां सरकार के उदासीन रवैये के खिलाफ सद्बुद्धि यज्ञ कर प्रार्थना सभा की। शर्मा का आरोप है कि गायों की लगातार मौत के बावजूद सरकार उनकी चिकित्सा और सुरक्षा के कारगर कदम नहीं उठा रही है। सरकार की इस तरह की अनदेखी से ही आम जनता में खासी नाराजगी पनपी हुई है।

दूसरी तरफ मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शनिवार (6 अगस्त) को स्वायत्त शासन मंत्री राजपाल सिंह शेखावत और विभाग के अफसरों को चार दिन में गोशाला सुधारने का निर्देश दिया था। इसके बाद से मंत्री और अफसर लगातार गोशला के दौरे कर व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। पशुपालन मंत्री प्रभुलाल सैनी भी गायों की स्थिति देखने पहुंचे। नगर निगम के मेयर निर्मल नाहटा भी लगातार गोशाला के हालात पर नजर रख रहे हैं। गोशाला की देखरेख करने वाले दो अफसरों का निलंबन भी कर दिया गया है। सरकार इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने में लगी है। हालांकि इस मामले में जिस तरह से कांग्रेस ने आक्रामक रवैया अपनाया है, उससे भाजपा सकते में जरूर है।

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