ताज़ा खबर
 

बेटी को गले में बांध रिक्शा चलाकर आए थे सुर्खियां में, अब ज्यादा शराब पीने से हुई मौत, हफ्ते भर बाद मिली सड़ी गली लाश

भरतपुर की सड़कों पर एक रिक्शा चलाते हुए शख्स और गले में बंधी हुई उसकी मासूम-सी बेटी की तस्वीर सामने आई थी। दामिनी बहुत बीमार थी और उसकी हालत देखकर हर तरफ से लोगों ने बब्लू को आर्थिक मदद दी, ताकि वह अपनी बेटी का इलाज और परवरिश कर सके।
बेटी को गले में बांधकर रिक्शा चलाने वाले पिता की मौत। (FILE PHOTO)

राजस्थान के भरतपुर में रिक्शा चालक बब्लू और उसकी बेटी दामिनी की तस्वीर कुछ साल पहले सामने आई थी। जिसने इस तस्वीर को देखा वह अपने आप को रोक नहीं सका और अपनी इच्छाशक्ति के अनुसार उसकी मदद की। दरअसल दामिनी के सिर से मां का सांया तो जन्म के साथ ही उठ गया था। पिता रिक्शा चलाता था। एक पिता ही था जो उसके जीने का सहारा था। लेकिन अब उसकी भी मौत हो गई। दैनिक भास्कर के मुताबिक मंगलवार को बल्लू की मौत हुई। इस बात की जानकारी उस समय हुई जब शव से बदबू आने लगी। माना जा रहा है कि बब्लू की मौत हफ्ते भर पहले ही हो गई थी। वहीं, पुलिस का कहना है कि उसकी मौत ज्यादा शराब पीने से हुई है। इसके बाद मंगलवार शाम को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

मामला साल 2012 का है। भरतपुर की सड़कों पर एक रिक्शा चलाते हुए शख्स और गले में बंधी हुई उसकी मासूम-सी बेटी की तस्वीर सामने आई थी। दामिनी बहुत बीमार थी और उसकी हालत देखकर हर तरफ से लोगों ने बब्लू को आर्थिक मदद दी, ताकि वह अपनी बेटी का इलाज और परवरिश कर सके। पत्नी की मौत के बाद बेटी की सारी जिम्मेदारी बब्लू पर आ गई। ऐसे में वह कैसे नवजात बच्ची को घर में अकेला छोड़ता तो उसने बेटी को गले में कपड़े की रस्सी डालकर उसमें रखा और बेटी की परवरिश के लिए रिक्शा चलाने लगा। उस समय बल्लू को मदद के रूप में नया रिक्शा और 14 लाख रुपए मिले। राजस्थान सरकार की ओर से बच्ची के इलाज में मदद की गई।

बेटी को गले के बांधकर चलने के बारे में जब बब्लू से पूछा गया था तो उसने कहा कि भीख मांगकर या फिर लोगों से अन्य तरह की मदद लेना उसके लिए आसान रास्ता था लेकिन मेरी अंतरात्मा ने मुझे इस बात की इजाजत नहीं दी और मैंने दामिनी के साथ लेकर रिक्शा चलाने का फैसला किया। दामिनी कम वजन और अनीमिया की शिकार थी। अब बब्लू की मौत के बाद दामिनी बिल्कुल अकेली हो गई। फिलहाल वह शिशुगृह में रह रही है और वहीं उसका लालन-पोषण हो रहा है। अब दामिनी साढे चार साल की हो गई है। हालांकि वह अभी भी इस बात से अंजान है कि उसका पिता अब इस दुनिया में नहीं रहा।

घर के बाहर मृत गाय मिलने पर भीड़ ने मुस्लिम शख्स को पीटा, मकान में लगाई आग

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on June 28, 2017 1:58 pm

  1. No Comments.
सबरंग