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विरोध की वजह से 40 प्रतिशत गिरी चीनी सामान की ब्रिकी

फैडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी) के अनुसार चीन में बने उत्पादों का उपयोग नहीं करने को लेकर चल रही जागरूकता मुहिम के कारण जयपुर में चीन निर्मित उत्पादों की बिक्री करीब चालीस प्रतिशत घट गई है।
Author October 22, 2016 14:28 pm
प्रतिकात्मक फोटो

फैडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी) के अनुसार चीन में बने उत्पादों का उपयोग नहीं करने को लेकर चल रही जागरूकता मुहिम के कारण जयपुर में चीन निर्मित उत्पादों की बिक्री करीब चालीस प्रतिशत घट गई है। फोर्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने बताया कि उरी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के चलते कई संस्थाओं ने लोगों से चीन के बने उत्पादों के बहिष्कार करने की अपील कर रहा है। इसका असर चीन में निर्मित उत्पादों की बिक्री पर सीधा नजर आ रहा है। खरीददार चीन में बने उत्पाद से किनारा कर स्वदेशी उत्पाद खरीद रहे है।

एक व्यवसायिक संगठन के आकलन के अनुसार दीपावली के मौके पर चीन उत्पादों के बहिष्कार करने का असर चीन में निर्मित सजावटी लाइट और अन्य अन्य उत्पादों की बिक्री 30 से 40 प्रतिशत तक कम हुई है। उन्होंने कहा कि चीन निर्मित एलसीडी की मांग में दस से पंद्रह प्रतिशत और मोबाइल बिक्री दो प्रतिशत तक कम हुई है। फोर्टी पिछले कुछ दिनों से चीन में बने उत्पादों की मांग ओर बिक्री पर करीबी नजर रखे हुए है।

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जयपुर व्यापार महासंघ के सचिव अजय विजवर्गीय फोर्टी के आंकलन का समर्थन करते हुए कहा कि उपभोक्ता चीन निर्मित उत्पाद खरीदने के बजाय भारतीय उत्पाद खरीद रहे है। सजावटी लाईट्स के कारोबारी श्याम मीणा ने बताया कि सबसे ज्यादा बिकने वाली चीन निर्मित सजावटी प्रकाश बल्बों की बिक्री में भारी गिरावट आई है। चीनी उत्पाद का बहिष्कार करने के अभियान से जुडे पेशे से चार्टेड अकाउंटेंट संदीप गुप्ता ने कहा कि चीन निर्मित उत्पाद सस्ते होते है लेकिन लोगों में जागरूकता के चलते अब स्वदेशी वस्तुए खरीद रहे है। गुप्ता अपनी जीप पर ‘शहीदों को दे दो श्रद्धांजलि, चाईना के सामानों को दो तिलांजली लिखे बैनर लगा रखा है।’

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