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राजस्‍थान से बीजेपी के लि‍ए बुरी खबर, जयपुर उपचुनावों में भारी पड़ी कांग्रेस

जयपुर के वार्ड नंबर 76 पर तक मुकाबला इकतरफा रहा। कांग्रेस के प्रत्याशी ने बीजेपी उम्मीदवार को बुरी तरह हरा दिया।
इसी साल हिमाचल प्रदेश और गुजरात में विधान सभा चुनाव होने हैं। दोनों राज्यों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। (फाइल फोटो)

सोशल मीडिया पर महंगाई, पेट्रोल-डीजल के दाम, जीएसटी, दलितों और अल्पसंख्यकों पर हमले को लेकर लगातार आलोचनाओं से घिरी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिए राजस्थान की तीन नगर निकाय सीटों पर हुए उप-चुनाव के नतीजे निराशाजनक रहे। कांग्रेस ने इन तीन में दो सीटों पर जीत हासिल करके बीजेपी के माथे पर चिंता की लकीरें ला दी हैं। राज्य में सत्ताधारी बीजेपी को केवल एक सीट पर जीत मिली है। कांग्रेस को जयपुर के वार्ड नंबर 76 और टोंक के मालपुरा नगर निकाय सीट पर जीत मिली है। वहीं बीजेपी को सीकर के लोसल नगर निकाय सीट पर जीत मिली है। जयुपर सीट पर हुआ मुकाबला तो लगभग इकतरफा रहा। यहां कांग्रेस के इकरामुद्दीन ने बीजेपी के अशोक अग्रवाल को करीब पांच हजार से ज्यादा वोटों से हरा दिया।

जयपुर की वार्ड नंबर 76 सीट कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी के निधन के कारण खाली हुई थी। मुस्लिम बहुल इस इलाके में कांग्रेस का पलड़ा हमेशा से भारी रहा है। उप-चुनाव में वार्ड के करीब 26 हजार वोटरों में से करीब 10 हजार ने ही वोट डाला। कम मतदान होने के बाद बीजेपी जीत के दावे कर रही थी लेकिन जब नतीजे आए तो बीजेपी उम्मीदवार को करीब पांच हजार वोटों से हार का स्वाद चखना पड़ा। सीकर की लोसल नगरपालिका वार्ड नंबर 24 से बीजेपी के मदनलाल 117 वोटों से जीते। उन्होंने कांग्रेस के संतोष कुमार को हराया। वहीं टोंक के मालपुर के नगर पालिका उपचुनाव में कांग्रेस की मनीषा जैन ने महज 24 वोटों से जीत हासिल की। उन्होंने बीजेपी के रिंकू जैन को हराया।

राजस्थान में इस समय बीजेपी की वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली सरकार है। साल 2013 में हुए विधान सभा चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार को सत्ता से बाहर किया था। प्रदेश में अगले साल विधान सभा चुनाव होने हैं लेकिन बीजेपी अभी से राज्य बचाने के लिए परेशान नजर आ रही है। कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी भी राजस्थान चुनाव को लेकर कमर कसे हुए है। आम आदमी पार्टी ने कुमार विश्वास को राजस्थान प्रभारी बनाया है। वहीं राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि कांग्रेस सचिल पायलट को कांग्रेस मुख्यमंत्री उम्मीदवार बना सकती है।

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  1. G
    Girish
    Oct 7, 2017 at 11:33 am
    बदलाव हमेशा अच्छा ही होता है, गुजरात में भाजपा २० साल्से सत्तामे है, उधर बदलाव लाना जरुरी है, राजस्थानमे भी भाजप काफी समयसे है, वसुंधरा के बहुत स्कैम्स के बावजूद सत्ता में बनी हुए है, उन्हें हराना जरुरी है, हिमाचल में विकास कमजोर हुआ है कर्नाटक में कांग्रेस और भाजपा फिछले दसकोंसे फ़ैल हुई है वह नया शाशन होना जरुरी है.वोटरोंको जिमेदारिसे अपना नेता चुनना और ी पार्टी को वोटिंग करना उचित रहेगा , भाजपा और चुनाव आयोग दो नो चाहते है लोकससभा और विधान सभा चुनाव साथ हो , तो इसी समय सभी राजो में चुनाव किया तो पांच साल सभी राज्य और लोकसभा साथ साथ काम कर सके , यह बेहतर होगा , चुनाव पांच साल की बजाय तीन रखे तो पेफरोमान्स अछि रहेगी , तेजीसे काम होये .
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    Reply
    1. G
      Gautam
      Oct 6, 2017 at 9:23 pm
      Sachil nhi Sachin hota h jee
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      Reply
      1. B
        bitterhoney
        Oct 6, 2017 at 8:03 pm
        बीजेपी मुक्त भारत का शुभारम्भ हो चुका है, राजस्थान की जनता को ढेर सारी बधाई. अब अगर बीजेपी के नेता गरम तवे पर बैठ कर भी वादा करेंगे तो जनता मानने को तैयार नहीं है. दूध का जला छाछ फूँक फूँक कर पीता है.
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        Reply
        1. S
          sanghpriya wasnik
          Oct 6, 2017 at 4:14 pm
          राजस्थान के निवासिओं के लिए राहत की बात है खासकर दलितों के लिए
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          Reply
          सबरंग