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अलवर: पुलिस ने मारे गए उमर को बताया गोतस्कर, विधवा बोली- बच्चों को दूध पिलाने के लिए खरीदी थी गाय

10 नवंबर को अलवर में गाय और बछड़े लेकर जा रहे उमर, ताहिर और जावेद पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था।
Author November 14, 2017 12:54 pm
उमर की बेवा खुर्शीदन अपने बच्चों के साथ (एक्सप्रेस फोटो- हमजा खान)

राजस्थान के अलवर में शुक्रवार (10 नवंबर) को कुछ अज्ञात लोगों ने उमर, ताहिर और जावेद पर हमला कर दिया। तीनों गाय खरीद कर अपने गाँव वापस आ रहे थे। हमले के बाद उमर का शव मिला। ताहिर वहां से भागने में कामयाब रहे लेकिन वो बताते हैं कि उनकी बाँह में गोली लग गयी थी। जबकि अलवर पुलिस ने रविवार (12 नवंबर) को अपनी रिपोर्ट में कहा कि मामले में प्रथम दृष्टया गोली चलने के सबूत नहीं मिले हैं। 42 वर्षीय उमर अलवर के घटमिका गाँव के रहने वाले थे। उनकी पत्नी खुर्शीदन गर्भवती हैं। उमर और खुर्शीदन के आठ बच्चे हैं। सबसे बड़ा मकसूद करीब 18 साल का है। सबसे छोटी आलिया करीब एक साल की है। खुर्शीद को अफसोस है कि उन्होंने उमर से गाय खरीदने की जिद क्यों की। खुर्शीदन ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “हम अपने बच्चों के दूध-घी के लिए गाय लाना चाहते थे। वो गुरुवार को 15 हजार रुपये लेकर गये थे। मैंने ही उनसे कहा था कि अगर हमारे पास गाय होगी तो हमारे बच्चों को दूध मिल जाएगा और बाकी हम बेच सकते हैं, जैसा गांव में दूसरे परिवार करते हैं।”

खुर्शीदन कहती हैं, “जब वो शुक्रवार सुबह वापस नहीं आए तो मैंने पूछताछ शुरू की। सब कह रहे थे कि वो जल्दी ही आ जाएंगे लेकिन वो नहीं आए।” उमर के परिजनों का बाद में खबर मिली की अलवर पुलिस को रेल की पटरियों पर पड़ा एक शव मिला है। उमर की शिनाख्त शनिवार (11 नवंबर) को ही हो सकी। उमर का शव घटनास्थल से करीब 15 किलोमीटर दूर मिला था। उमर और उनके तीन भाई शौकीन, खुर्शीद और आजाद के पास कुल डेढ़ बीघा जमीन है। 25 वर्षीय शौकीन बताते हैं कि उमर के पास केवल तीन बकरियां थीं। उमर दिहाड़ी मजदूर के तौर पर काम करते थे।

ग्राम पंचायत के अध्यक्ष शौकत कहते हैं कि घटमिका गांव में ज्यादातर लोग दूध का कारोबार करते हैं। सरपंच शौकत ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “गाँव के 300 घरों में लगभग हर घर में गाय या भैंस है…दूध बेचकर ही गांव के लोग गुजर बसर करते हैं।” इसी गांव में रहने वाले राशिद बताते हैं कि वो रोजाना 300 लीटर दूध इकट्ठा करके बेचते हैं। एक अन्य ग्रामीण जयकाम बताते हैं कि वो हर रोज 200 लीटर दूध पास-पड़ोस के गांवों में बेचते हैं। जयकाम कहते हैं, “अगर दिन अच्छा रहे तो 250 लीटर तक दूध बिक जाता है।” उमर के शव का अभी पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। उमर के परिवार का दावा है कि उनके पास एक तस्वीर है जिसमें गोली का घाव साफ देखा जा सकता है। ताहिर ने भी दावा किया है कि उनकी बांह में गोली लगी थी। ताहिर के अनुसार उनके पास वो गोली अभी मौजूद है। पुलिस ने मामले में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार उमर और ताहिर के खिलाफ गोतस्करी के पुराने मामले दर्ज हैं।

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