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राजस्थान में ‘गाय कर’ वसूल रही है वसुंधरा राजे की सरकार, 350 से ज्यादा चीजों पर लगेगा 10% काउ सरचार्ज

राज्‍य की गौशालाओं में तकरीबन 5 लाख से ज्यादा गायें हैं, ज‍िनके संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार को कम से कम 200-500 करोड़ रुपये की आवश्यकता है।
पुलिस वाहन से ले जाए जा रहे मवेशियों को लेकर गयी। इलाके में पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी तैनात की गयी है। (संकेतात्मक तस्वीर)

राजस्थान में वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने गाय कर वसूलने का फैसला कर लिया है। प्रदेश सरकार ने इस वित्तिय वर्ष से 350 से ज्यादा चीजों की खरीद फरोख्त में 10% काउ सरचार्ज वसूलने की घोषणा कर दी है। सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि इन सेवाओं पर काउ सरचार्ज लगाने का फैसला गो वंश के संरक्षण के उद्देश्य से किया है। आपको बता दें कि जिन भी चीजों के क्रय विक्रय में स्टाम्प ड्यूटी लगती है वहां यह गायकर देना होगा। हालांकि वसुंधरा सरकार ने वित्तिय वर्ष 2016-17 में ही काउ सरचार्ज लेना शुरू कर दिया था, लेकिन ये सरचार्ज सिर्फ 12 तरह के ट्रांजैक्शन पर ही लगता था। वसुंधरा सरकार के नए आदेश के बाद लगभग 350 ट्रांजैक्शन्स में काउ सरचार्ज देना होगा।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने अपनी प्राथमिकताओं में गो संरक्षण को जगह देते हुए पिछले साल अपने राज्य में देश का पहला काउ मंत्रालय का गठन किया था। राज्‍य की गौशालाओं में तकरीबन 5 लाख से ज्यादा गायें हैं, ज‍िनके संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार को कम से कम 200-500 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। सरकारी खताने पर अतिरिक्त बोझ ना पड़े इसके लिए सरकार ने इस काउ सरचार्ज को वसूलने का मन बनाया था। राजस्थान स्टाम्प ऐक्ट, 1998 के तहत ही यह काउ सरचार्ज वसूलने की व्यवस्था की गई है।

आपको बता दें कि साल 2016 के अगस्त महीने में राजधानी जयपुर से केवल 35 किमी दूर हिंगोनिया गौशाला से 500 गायों के मरने की खबर आई थी। गायों के मौत की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई थी। इस घटना से वसुंधरा सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। इस मामले से सबक लेते हुए ही सरकार गोसंरक्षण को लेकर काफी सतर्क हो गई है।

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