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राजस्थान विस का बजट सत्र शुरू, हंगामे के बीच अभिभाषण नहीं पढ़ पाए राज्यपाल

सत्र की शुरुआत में ही कांग्रेस ने भाजपा के प्रति आक्रामक तेवर दिखाए। राज्यपाल ने जैसे ही अभिभाषण पढ़ना शुरू किया तो प्रतिपक्ष के नेता रामेश्वर डूडी भी खड़े होकर बोलने लगे।
राजस्थान विधानसभा सत्र के दौरान राज्यपाल कल्याण सिंह, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे। (पीटीआई फाइल फोटो)

राज्यपाल कल्याण सिंह के अभिभाषण के साथ ही राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से यहां शुरू हो गया। अभिभाषण शुरू होते ही प्रतिपक्षी दल कांग्रेस के विधायक अध्यक्ष के आसन के पास आकर नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस की मांग थी कि राहुल गांधी के खिलाफ टिप्पणी करने वाले भाजपा के दो विधायकों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाए और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे टिप्पणी के लिए खेद जताएं। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में सरकार के कामकाज की उपलब्धियां गिनार्इं।

सत्र की शुरुआत में ही कांग्रेस ने भाजपा के प्रति आक्रामक तेवर दिखाए। राज्यपाल ने जैसे ही अभिभाषण पढ़ना शुरू किया तो प्रतिपक्ष के नेता रामेश्वर डूडी भी खड़े होकर बोलने लगे। उनकी मांग थी कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के प्रति अशोभनीय टिप्पणी करने वाले भाजपा विधायक कैलाश चौधरी और ज्ञानदेव आहूजा के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अपने विधायकों की टिप्पणी के लिए सदन में माफी मांगें। डूडी के बोलने के दौरान ही कांग्रेस के सभी विधायक वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस विधायकों ने भाजपा सरकार के विरोध में नारेबाजी करते हुए दोनों विधायकों के इस्तीफे की मांग की। नारेबाजी के दौरान शोरशराबा बढ़ने पर संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने दखल देते हुए कहा कि अभिभाषण के दौरान कांग्रेस विधायकों का बर्ताव गरिमा के अनुकूल नहीं है। इस कारण उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि वे अभिभाषण का आखिरी पेज पढ़ लें और फिर उसे पढ़ा हुआ मान लिया जाए। इसके बाद राज्यपाल कल्याण सिंह ने ऐसा ही किया और अभिभाषण को पढ़ा हुआ मान लिया गया।

प्रतिपक्ष के नेता डूडी और अन्य विधायकों ने अभिभाषण के बाद पत्रकारों से कहा कि भाजपा के दो विधायकों ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ जिस तरह की टिप्पणी की है, उसे लोकतंत्र में जायज नहीं ठहराया जा सकता है। भाजपा को अपने विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उनका कहना था कि इससे आम कांग्रेसजन में खासी नाराजगी है। डूडी ने कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर नाकाम साबित हुई है। प्रदेश की जनता बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा और चिकित्सा के साथ ही अपराधों में बेतहाशा बढ़ोतरी से परेशान है। कांग्रेस जनता से जुडेÞ मुद्दे बजट सत्र में उठाएगी। कांग्रेस विधायक दल की सोमवार सवेरे ही बैठक हुई। इसमें भाजपा सरकार को घेरने के मुद्दे तय किए गए। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी शामिल हुए। गहलोत ने इन दिनों भाजपा सरकार के खिलाफ तीखे तेवर अपना रखे हैं। प्रदेश में भाजपा विधायकों के आचरण के साथ ही विकास से जुड़ी रिफाइनरी की स्थापना में सरकार की टालमटोल की नीति पर उन्होंने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को घेर रखा है।

विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के बाद अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने पिछले दिनों दिवंगत हुए नेताओं के प्रति शोक प्रस्ताव पढ़ा। इसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। भाजपा विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में हुई थी। इसमें बजट सत्र में सत्ताधारी दल की तरफ से अपनाई जाने वाली रणनीति तय की गई। राजे ने अपने विधायकों को संयमित भाषा का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने मंत्रियों को विधानसभा में मौजूद रहने का निर्देश दिया और विधायकों के उठाए गए मुद्दों का जवाब भी देने को कहा। मंत्रियों को सदन में रहने के निर्देश के साथ ही उन्हें पूरी तैयारी से आने को भी कहा गया है। प्रदेश में मंत्रियों के कामकाज को लेकर भाजपा के ही विधायकों ने कई बार मुख्यमंत्री से शिकायतें की है। इस बार मुख्यमंत्री बजट सत्र में अपने विधायकों के कामकाज का भी आकलन करेंगी।

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