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Jat Stir Ground Report: जाटों में दिख रहे मतभेद और हताशा, जातीय हिंसा पर गैर जाट पलटवार के मूड में

हरियाणा में आरक्षण की मांग को लेकर जाटों का आंदोलन रविवार से फिर शुरू हो रहा है। इसके चलते लोगों में डर और चिंता है।
हरियाणा में आरक्षण की मांग को लेकर जाटों का आंदोलन रविवार से फिर शुरू हो रहा है। (PTI Photo)

हरियाणा में आरक्षण की मांग को लेकर जाटों का आंदोलन रविवार से फिर शुरू हो रहा है। इसके चलते लोगों में डर और चिंता है। लोगों ने जरूरी और कीमती सामान दुकानों से निकालकर घरों में रख लिया है। फरवरी में हुए आंदोलन में काफी नुकसान पहुंचा था। आंदोलनकारियों ने दुकानों, शोरूमों में आग लगा दी थी। झज्‍जर में शनिवार सुबह सात बजे दो युवक मोटरसाइकिल पर आए और छावनी मोहल्‍ले में बाजार में बैठे लोगों को चेताया, ”हम फिर से आ रहे हैं।” हालांकि इस बार सरकार ने सुरक्षा का भरोसा दिया है। साथ ही सुरक्षा बल भी तैनात कर दिए गए हैं।

फिर भी लोगों ने बच्‍चों को दूर भेज दिया है। वहीं कुछ लोग जाटों के गांवों से मिल रही सूचनाओं के आधार पर अपनी योजना बना रहे हैं। ऐसे लोग भी है जिन्‍होंने पलटवार करने की ठान रखी है। फरवरी में आंदोलन के दौरान छावनी मोहल्‍ला में मामला जातीय हिंसा में बदल गया था। आरोप है कि भीड़ ने दो पिछड़ा वर्ग के युवकों को मार दिया, साथ ही गैर जाटों की दुकानों और घरों को निशाना बनाया गया। कारोबारी मैनपाल सिंह चौहान सरकारी मदद के इंतजार में नहीं है। उन्‍होंने कहा, ”हम पिछली बार लापरवाही में रह गए। इस बार हम तैयार हैं। उन्‍हें आने दो। हम लड़ेंगे। सही कहूं तो, हम चाहते हैं कि वे आए। डीजीपी साहब पहले ही कह चुके हैं कि आत्‍मरक्षा में हम कानून हाथ में ले सकते हैं।”

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वहीं जाट समुदाय में अब पहले जितना उत्‍साह नहीं दिख रहा। आरक्षण मांग रहे संगठनों के अलग-अलग रूख नजर आ रहे हैं और समाज बचाव के मूड में हैं। रोहतक में बंदूक की दुकान के मालिक विकास बराक ने बताया, ”पिछला आंदोलन समाज के खिलाफ गया। इससे नाम खराब हुआ। इतने लोग मर गए, जाट जेलों में है और अभी तक आरक्षण नजर नहीं आ रहा।” इधर, जाटों में आंदोलन को लेकर भी मतभेद नजर आ रहा है।

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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्‍यक्ष यशपाल मलिक ने एलान किया कि इस बार आंदोलन झज्‍जर जिले के जोंदी गांव से शुरू होगा। जबकि इस बारे में गांव के सरपंच जोगिंदर सिंह दावा करते हैं कि उन्‍हें कुछ पता नहीं। उन्‍होंने कहा, ”जाट नेता बिना गांव वालों से पूछे घोषणा कर रहे हैं। मुझे इस बारे में अखबारों से पता चनला। मैंने गांव में कह दिया है कि जो भी आंदोलन में जाना चाहता है वह अपने जोखिम पर जाए। मैंने पुलिस को भी यह जानकारी दे दी है।”

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सोनीपत में डीएम ने जाट आंदोलन के चलते शनिवार को मोबाइल इंटरनेट पर बैन लगा दिया है। अगले आदेश तक यह बैन जारी रहेगा। वहीं रोहतक प्रशासन ने धारा 144 के तहत चार से ज्‍यादा लोगों के इकट्ठे होने पर निषेधात्‍मक आदेश जारी कर दिए हैं।

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  1. V
    victim
    Jun 5, 2016 at 3:57 pm
    जाट पिछड़े नहीं हैं पर अभी जो आरक्षण निति हैं उसको रिव्यु किया जाना चाहिए ताकि आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को उसी में शामिल किया जा सके. किसी व्यक्ति को आरक्षण का लाभ एक ही बार मिलना चाहिए. ऐसा नहीं की दादा भी , बाप भी और बेटे भी ...
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    Reply
    1. M
      mukesh
      Jun 5, 2016 at 1:55 pm
      अगर हरयाणा के अहीर पिछड़े हैं तो फिर जाट भी पिछड़े हैं , दोनों जातियां सामाजिक , आर्थिक और शैक्षणिक रूप से बराबर हैं
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      1. V
        Vijay
        Jun 5, 2016 at 9:06 am
        जाट अपने दिल पर हाथ रख कर बोलें कयय सच में ही वो पिछड़े हैं.
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        Reply
        1. V
          Vijay
          Jun 5, 2016 at 9:02 am
          हरयाणा एक नक्सली राज्य बनने के कगार पर है. इंडस्ट्री का पलायन होने में ज़यादा समय नहीं . और यही कांग्रेस चाहती है. प्रदेश के लोग ये समझ नहीं रहे.
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          सबरंग