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पंजाब: जमीन के नाम पर NRI को बेच डाली सड़क, तीन करोड़ से ज्‍यादा का लगाया चूना

पुलिस ने कहा कि उन्होंने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
Author March 29, 2017 21:17 pm
एनआरआई को जमीन बताकर 3 करोड़ रुपये से ज्यादा में बेच दिया सड़क (File Photo)

एक अप्रवासी भारतीय को जमीन बेचने के नाम पर तीन करोड़ रूपये से ज्यादा की ठगी करने के आरोप में एक राजस्व अधिकारी और एक महिला सहित छह व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वे उन्हें ऐसी जमीन बेच रहे थे जो असल में थी ही नहीं। ब्रिटेन के एनआरआई हरभजन सिंह जसपाल ने पुलिस को बताया कि प्रॉपर्टी डीलरों ने 18 मई 2015 को 1.80 करोड़ रूपये की 20 कनाल और दो मरला भूमि की ब्रिकी का अनुबंध किया।

पुलिस ने कहा कि दोनों ने उन्हें बताया कि भूमि राजविंदर सिंह की है जिनकी मां शिव देव कौर के पास पावर ऑफ अटॉर्नी है। पुलिस ने कहा कि एनआरआई ने अग्रिम धन के तौर पर विभिन्न चेकों के माध्यम से 45 लाख रूपये दे दिए। नौ सितंबर 2015 को भूमि का पंजीकरण होना था।

उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों ने 40.60 लाख और मांगे जो उन्होंने दे दिए लेकिन पंजीकरण नहीं कराया गया। इसबीच राजस्व अधिकारी मामले में आता है तो यह आश्वासन दिया कि अगर एनआरआई दो करोड़ रूपये (पहली की कीमत से 20 लाख रूपये) ज्यादा में संपत्ति खरीदने को तैयार है तो वह सुनिश्चित करेगा कि पंजीकरण हो जाए।

एनआरआई ने पाया कि पंजीकरण के लिए स्टांप पेपर का शुल्क 20 लाख रूपये था लेकिन अधिकारी ने इसमें उससे इसमें भी 52 लाख रूपये की धोखाधड़ी की। बाद में जब वह जमीन देखने के लिए गया तो वहां कोई जमीन थी ही नहीं और उसे जो जमीन दिखाई गई थी वह असल में सड़क थी।

पुलिस ने कहा कि उन्होंने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

पंजाब सरकार ने पुलिस को दिया सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह डीजीपी को निर्देश दिया कि वो पुलिस व्यवस्था की बेहतरी और पुलिस के कल्याण के लिए सुरक्षा समीक्षा को लागू करने के लिए जरूरी कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को वापस लेना और वीवीआई मार्गों पर पुलिस कर्मियों को तैनात करने की मौजूदा व्यवस्था को समाप्त करने से इन अनावश्यक ड्यूटी पर लगे पुलिस कर्मी मुक्त होंगे और अपने संबंधित जिलों में तैनाती के लिए उपलब्ध होंगे जिससे जनता को बेहतर पुलिस व्यवस्था मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि काम के लिए अनुकूल माहौल बनाने के क्रम में वह डीजीपी से पहले ही कह चुके हैं कि वह पुलिस कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश और आठ घंटे की ड्यूटी देने के लिए एक प्रस्ताव तैयार करें। ताकि प्रदेस में अप्रिय घटना पर अंकुश लगाया जा सके।

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