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पंजाब चुनाव में आईपीएस अफसरों की निकली लॉटरी, पीपीएस अफसरों की जगह 12 आईपीएस बनाए गए एसएसपी

पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में 12 आईपीएस अफसरों को एसएसपी बनाया गया है।
पंजाब में 12 आईपीएस ऑफिसर बनाए गए एसएसपी

पंजाब में इन दिनों आईपीएस अफसरों की लॉटरी निकल आई है। सालों से अच्छी जगह पर पोस्टिंग का इंतजार कर रहे आईपीएस अफसरों की अच्छी जगहों पर पोस्टिंग हो गई है। दरअसल, विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग को बड़ी संख्या में जिलों में तैनाती के लिए आईपीएस अफसरों की जरूरत थी। इस वजह से चुनाव आयोग और आईपीएस लॉबी ने प्रदेश में 12 आईपीएस अफसरों को एसएसपी बना दिया है। जानकारी ये भी मिल रही है कि चुनाव के परिणाम के बाद इन अफसरों पर तबादले की गाज गिर सकती है। हालांकि, अभी इन अफसरों के लिए राहत की खबर है। आपको बता दें कि सूबे में आईपीएस और पीपीएस अफसरों को जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती को लेकर सालों से खींचतान चल रही है। आईपीएस लॉबी इस मामले में एक बार कोर्ट भी जा चुकी है लेकिन सरकार के कानों पर जूं नहीं रेंगी। आलम ये रहा कि सरकार ने तमाम पीपीएस अफसरों को एसएसपी के पदों पर तैनात कर दिया।

इससे खफा कुछ आईपीएस अफसरों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। एक साल तक जिलों में एसएसपी की तैनाती को लेकर आईपीएस अफसरों का ख्याल रखने के बाद बड़े जिलों को दो भागों में विभाजित करके सरकार ने शहरी व देहाती के एसएसपी का फार्मूला निकाल दिया। इसके बाद शहरों में आईपीएस को एसएसपी तो देहाती जिलों में पीपीएस की एसएसपी के पदों पर तैनाती करके सरकार ने अपने चहेते पीपीएस अफसरों के बीच तोहफे बांट दिए।

इस समय में पंजाब में 145 आईपीएस और 523 पीपीएस अफसर तैनात हैं। 65 आईपीएस सीनियर होने के चलते जिलों में तैनात नहीं किए जा सकते है, लेकिन उससे नीचे के करीब 85 आईपीएस की तैनाती अगर सरकार जिलों में पुलिस के अहम पदों पर करती है तो पीपीएस को उनके अधीन ही काम करना पड़ेगा। विधानसभा चुनाव के चलते आयोग के निर्देशों पर चुनाव शांतिपूर्ण व निष्पक्ष तरीके से करवाने के लिए सभी जिलों में पुलिस कप्तान, डीआईजी और आईजी के पदों पर आईपीएस को ही तैनात किया गया।

देखिए वीडियो - पंजाब: चुनाव आयोग ने 48 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान करवाने का आदेश दिया

ये वीडियो भी देखिए - विधानसभा चुनाव 2017: क्या चाहता है पंजाब

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