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शव के साथ प्रदर्शन कर रहे लोगों से आपस में लगवाए थप्पड़

डेंगू बुखार से ग्रस्त महिला मरीज की मौत के बाद प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिसिया इंसाफ का शिकार होना पड़ा जब पुलिस ने उन पर लाठी भांजी और फिर लोगों को कतार में खड़ा कर उनसे एक दूसरे को थप्पड़ लगवाए
Author लुधियाना | November 7, 2017 02:46 am
दिल्ली पुलिस के जवान। (File Photo)

लुधियाना स्थानीय शिवपुरी इलाके के प्रीत अस्पताल में रविवार रात डेंगू बुखार से ग्रस्त महिला मरीज की मौत के बाद प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिसिया इंसाफ का शिकार होना पड़ा जब पुलिस ने उन पर लाठी भांजी और फिर लोगों को कतार में खड़ा कर उनसे एक दूसरे को थप्पड़ लगवाए। प्रीत अस्पताल में रविवार रात शांति देवी की मौत के बाद उनके पति लविनोद ने अस्पताल के बाहर धरना दे दिया और आरोप लगाया कि उनकी पत्नी समेत कई अन्य मरीजों के इलाज में अस्पताल ने कोताही बरती। विनोद दरअसल, पूर्वांचल के रहने वाले हैं और पूर्वांचल के अन्य लोगों ने शांति देवी के शव के साथ वहां अस्पताल के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। वहां प्रदर्शनकारियों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को उन पर लाठियां तक भांजनी पड़ीं। प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती देख पुलिस को मौके पर अपनी क्विक रिस्पांस टीम बुलानी पड़ी। बाद में अज्ञात लोगों ने पुलिस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इस पर वहां हालात संभालने को तैनात किए गए एसीपी सचिन गुप्ता ने वहां इलाके में कुछ मकानों की छतों पर खड़े लोगों से इस बाबत पूछताछ के लिए उन्हें नीचे गली में बुलाया।

रात के समय सो रहे कुछ लोगों को नींद से जगाकर जबरन नीचे ले जाया गया। उन्हें फिर वहां एक कतार में खड़े हो जाने को कहा गया पर जब किसी ने भी पुलिस पर पत्थर फेंकने की बाबत नहीं बताया तो उन्हें एक-दूसरे को थप्पड़ लगाने को कहा गया। एक स्थानीय गुड्डू ने बताया कि हैरानी की बात यह कि बिना किसी सबूत के लोगों को सरेआम एक-दूसरे के थप्पड़ मारने को कहा गया।एक चश्मदीद ने बताया कि जब लोगों ने वहां एक-दूसरे को हलके-फुलके अंदाज में थप्पड़ मारे तो पुलिस कर्मी नाराज हो गए और उन्होंने उन्हें खुद थप्पड़ मारकर बताया कि ऐसे लगाया जाता है थप्पड़। इस तरह से कुछ लोगों को वहां पुलिस ने खूब धुना।

उधर, विनोद का आरोप है कि प्रीत अस्पताल में उनकी पत्नी का इलाज चल रहा था पर वहां तैनात डाक्टरों ने उन्हें सच्चाई नहीं बताई। उन्होंने उन्हें कहा कि मरीज ठीक हो रहा है पर रविवार को उन्हें कहा गया कि पत्नी को आॅटो में बैठाकर डीएमसीएच ले जाएं। अस्पताल ने कोई एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं कराई। पर डीएमसीएच पहुंचते ही मरीज ने दम तोड़ दिया। बाद में विनोद शिवपुरी पहुंचे और दोषी डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
हालांकि विनोद ने सोमवार को यू-टर्न लेते हुए इस मामले में पुलिस में शिकायत देने से इनकार कर दिया जबकि पहले उन्होंने पुलिस आयुक्त आरएन ढोके से शिकायत दर्ज कराई थी।

रविवार रात की इस घटना के बाद वहां आज शिवपुरी इलाके में ज्यादातर श्रमिकों के आवासों पर ताला लटका मिला। इस संवाददाता से बातचीत में आरएन ढोके ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने प्रीत अस्पताल के बाहर धरना-प्रदर्शन किया था और हमने वहां मौके पर पहुंचकर धरना उठवाया। इस प्रकरण में कोई शिकायत अब तक तो नहीं मिली है। सोमवार को भी शांति देवी के परिजन मुझ से मिलने आए थे और मैंने उन्हें बताया कि सिविल सर्जन की जांच-पड़ताल के बाद हम संबंधित डाक्टरों के खिलाफ कोताही का मामला दर्ज कर सकते हैं।

 

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