ताज़ा खबर
 

इराक में लापता भारतीयों के परिवारों की अब टूटने लगी है आस

कैंसर की बीमारी से पीड़ित 65 वर्षीय सुखविंदर कौर को मालूम नहीं कि उसकी कितनी सांसे बची हैं, आंखे धीरे-धीरे अंदर धंसती जा रही हैं, घर का खर्च बड़ी मुश्किल से चल पा रहा है, लेकिन इन बूढ़ी आंखों में आज भी एक उम्मीद है कि उनका बेटा इराक से लौट आएगा
Author चंडीगढ़ | August 2, 2017 05:14 am
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इराक में अगवा 39 भारतीय के परिवार वालों से मुलाकात की। फोटो-PTI

संजीव शर्मा

कैंसर की बीमारी से पीड़ित 65 वर्षीय सुखविंदर कौर को मालूम नहीं कि उसकी कितनी सांसे बची हैं, आंखे धीरे-धीरे अंदर धंसती जा रही हैं, घर का खर्च बड़ी मुश्किल से चल पा रहा है, लेकिन इन बूढ़ी आंखों में आज भी एक उम्मीद है कि उनका बेटा इराक से लौट आएगा और उनके सब दुख दूर हो जाएंगे। यह व्यथा है अमृतसर के गांव डोएवाल की उस मां की जिनका बेटा मनजिंदर तीन साल से इराक में उन भारतीयों के साथ लापता है, जिन्हें मोसुल शहर में बंधक बनाकर रखा गया है। ‘काका जे एत्थे हालत ठीक हुंदी तां मैं आपणे पुत्त नूं काहनूं इन्नी दूर भेजदी, कालजे ते पत्थर धर के पुत्त नूं भेजया सी, मैंनू की पता सी मेरा मुंडा इक वार जाके वापस नई आवेगा।’ यह कहकर सुखविंदर कौर फफक कर रोने लगती हैं। उसे हौंसला देते हुए पास बैठी सुखविंदर की बेटी गुरपिंदर खुद को संभालते हुए बताती हैं कि जब उनका भाई यहां से गया था तो ट्रैवल एजेंट उन्हें इरबल कहकर ले गया था लेकिन उसने धोखे से बगदाद पहुंचा दिया और बगदाद से वह मोसूल पहुंच गए। गुरपिंदर के अनुसार शुरू में सबकुछ सामान्य रहा। उनके भाई ने घर पैसे भी भेजे।

इसके बाद इराक के कई शहरों पर आइएस का कब्जा हो गया और लड़ाई शुरू हो गई। इसके बाद वह खासे भयभीत हो गए। पंजाब से इराक में लापता हुए कई नौजवानों की लड़ाई लड़ रहीं गुरपिंदर कौर आंसू पोंछते हुए कहती हैं कि ‘वीर जी सानूं हुण एह नहीं की ओह छेती वापस आ जावे, बस इक वार फोन ते गल्ल हो जावे इस नाल ही मन शांत हो जावेगा, इत्थे असीं ना जी सकदे आं ते ना मर सकदे हैं।’ इराक में फंसे मनजिंदर का 15 जून 2014 को आखिरी बार फोन आया था। तब से उसका फोन लगातार बंद आ रहा है। जिला गुरदासपुर के गांव रूपोवाली के 70 वर्षीय किसान हरभजन सिंह के एक बेटे की करीब सात साल पहले मौत हो गई तो घर के हालात कुछ ठीक नहीं थे। परिवार ने आपसी सहमति के साथ छोटे बेटे कमलजीत को पहले दुबई भेजा और बाद में 20 जुलाई 2013 को इराक भेज दिया। कमलजीत तो विदेश चला गया लेकिन परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया। हरभजन सिंह ने बेटे को विदेश भेजने तथा लड़की की शादी के लिए कर्ज लिया और सारी जमीन साहूकार के पास गिरवी रख दी। 15 जून 2014 को कमलजीत ने घर फोन करके बताया कि इराक में जंग हो रही है और वह एक किसान के घर में पनाह लिए हुए है। वह बहुत घबराया हुआ था। उसके बाद कमलजीत की कोई खबर नहीं आई।

हरभजन व उनकी पत्नी महिंदर कौर के दुखों का अंत यहीं नहीं हुआ। कमलजीत के इराक जाने के कुछ माह बाद कमलजीत की पत्नी हरप्रीत कौर ने बेटी को जन्म दिया। कमलजीत की कोई खबर नहीं आई तो करीब एक साल पहले उसकी पत्नी हरप्रीत अपने बूढेÞ सास-ससुर को भगवान भरोसे छोड़कर बेटी को लेकर मायके चली गई। हरभजन सिंह कहते हैं कि आज वह दोहरी मार मर रहे हैं। पुत्रवधु न खुद मिलती है और न ही पोती को मिलने देती है। बेटे की कोई खबर नहीं है। वक्त के हाथों हरभजन सिंह आज इतना लाचार हो चुके हैं कि वह इराक में फंसे अपने बेटे के केस की पैरवी करने के लिए भी दिल्ली नहीं जा पाते हैं।होशियारपुर जिले के उपमंडल गढ़शंकर के गांव जैतपुर निवासी अनिता के बच्चे जब उनसे पूछते हैं कि पापा कब आएंगे तो अनिता के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं होता। अनिता के पति गुरदीप सिंह भी इराक में लापता हैं। अनिल अपनी छह वर्षीय बेटी अंकिता व चार वर्षीय बेटे अर्शप्रीत को साथ लेकर पति की तलाश में यहां-वहां भटक रही हैं। लेकिन उन्हें मायूसी के सिवा कुछ नहीं मिला है। अमृतसर जिले के गांव सियालदा की 52 वर्षीय रानी कहती हैं कि पता नहीं ‘मेरा मुंडा जिंदा वी है जां नहीं हुण सानूं किसे सरकार ते भरोसा नहीं…सवेर शाम वाहेगुरु अगगे एही अरदास है कि जो तेरा भाणा होवेगा सानूं मंजूर होवेगा।’
अब भगवान के आगे अरदास के अलावा दूसरा कोई चारा नहीं बचा है।

चंडीगढ़-जालंधर मार्ग पर स्थित शहीद भगत सिंह नगर जिला के उपमंडल बलाचौर के गांव जगतपुर के निवासी परविंदर सिंह (35) भी उन 39 भारतीयों में से एक हैं जो इस समय इराक में लापता हैं, जिनके बारे में किसी के पास कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। परमिंदर सिंह के पिता जीतराम के अनुसार घर की आर्थिक हालत इस समय खासी दयनीय हो चुकी है। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि वह अपने बेटे की तलाश में कहां जाएं, किसे मिलें। सरकार से हर बार कोरे आश्वासन ही मिलते हैं।इन नौजवानों की तरह पंजाब के शहीदभगत सिंह नगर जिले के गांव जैनपुर का एक, जगतपुर का एक, जैतपुर का एक, होशियारपुर के चार, जलंधर के चार, अमृतसर जिले के सात, नकोदर के दो, संगरूर जिले के कस्बे धूरी के दो नौजवान इस समय इराक में लापता हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग