ताज़ा खबर
 

गांवों को गोद लेकर भूले विधायक और सांसद, नए सिरे से लागू होगी योजना: मनोहर लाल खट्टर

अभी तक भाजपा के 47 में से 41 तथा कांग्रेस के 17 में से केवल पांच विधायक ही ऐसे हैं जिन्होंने विशेष विकास योजनाओं के लिए गावों को गोद लिया है।
Author चंडीग | July 5, 2017 05:32 am
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर। (File Photo)

संजीव शर्मा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी के ग्रामीण उत्थान मिशन को सार्थक रूप देने के लिए जितनी तेजी के साथ सांसद आदर्श ग्राम योजना शुरू की थी उतनी ही तेजी से यह योजना हरियाणा में दम तोड़ गई है। दिलचस्प बात यह है कि हरियाणा में जो हश्र सांसद आदर्श ग्राम योजना का हुआ है उससे भी बुरा हाल विधायक आदर्श ग्राम योजना का हुआ है। हरियाणा में इस योजना की शुरुआत केंद्र सरकार द्वारा सांसद आदर्श ग्राम योजना शुरू किए जाने के बाद की गई थी। आज हालत यह है कि प्रदेश के अधिकतर विधायक और सांसद इस योजना के तहत गोद लिए गए गांवों को भूल चुके हैं और सरकार अब नए सिरे से इस योजना को लागू करने पर विचार कर रही है। हरियाणा में इस समय करीब पौने सात हजार गांव तथा 90 विधानसभा क्षेत्र हैं। जिन विधायकों व सांसदों ने अपने निर्वाचन क्षेत्रों के गांव गोद ले रखे हंै, उन्होंने भी उद्घाटन कार्यक्रमों के बाद कभी पलटकर नहीं देखा। उक्त गावों में अभी तक विकास के नाम पर कोई बड़ी परियोजना शुरू नहीं हो सकी है।

वर्ष 2014 में सत्ता परिवर्तन के बाद हरियाणा सरकार ने केंद्र की तर्ज पर हरियाणा सरकार ने विधायक आदर्श ग्राम योजना शुरू की थी। इसके तहत प्रत्येक विधायक को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में मॉडल ग्राम बनाने के लिए एक-एक गांव गोद लेना था। योजना को शुरू हुए करीब ढाई साल हो चुके हैं और राज्य में करीब 30 विधायक ऐसे हैं जिन्होंने आजतक एक भी गांव को गोद नहीं लिया है।इनमें एक मंत्री व एक सीपीएस समेत सत्तारूढ़ भाजपा के भी छह विधायक शामिल हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला समेत कांग्रेस के 10 विधायकों ने अभी तक अपने विधानसभा क्षेत्र के किसी भी गांव को मॉडल ग्राम बनाने के लिए गोद नहीं लिया है। इसी तरह विधानसभा में विपक्ष के नेता अभय चौटाला समेत इनेलो के भी 10 विधायक ऐसे हैं, जिन्होंने इस योजना में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है।

अभी तक भाजपा के 47 में से 41 तथा कांग्रेस के 17 में से केवल पांच विधायक ही ऐसे हैं जिन्होंने विशेष विकास योजनाओं के लिए गावों को गोद लिया है। इनमें कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी, कुलदीप बिश्नोई तथा रेणुका बिश्नोई भी शामिल हैं। कांग्रेस के 12, इनेलो के नौ विधायकों ने इस योजना में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। विधानसभा में बसपा तथा अकाली दल के एक-एक विधायक ने तो इस योजना में दिलचस्पी दिखाई है जबकि पांच निर्दलीय विधायकों ने इस योजना में दिलचस्पी नहीं दिखाई।

क्यों नहीं विधायकों की विकास में दिलचस्पी

हरियाणा में व धायकों को विकास के लिए अलग से निधि का कोई प्रावधान नहीं है। विधायक विकास निधि के अभाव में विधायकों को संबंधित गावों में विकास हेतु विशेष योजनाएं लागू करवाने में कई तरह की व्यवहारिक दिक्कतें आ रही हैं। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्राजेक्ट हरियाणा में अब दम तोड़ रहा है। हालांकि सरकार द्वारा प्रत्येक विधायक को अपने-अपने हलकों में विकास कार्यों के लिए दो-दो करोड़ रुपए दिए जाने का प्रावधान है लेकिन पूर्व तथा वर्तमान सरकार पर इस मामले में भेदभाव के आरोप लगते रहे हैं। इसके कारण विधायकों द्वारा गावों में विकास योजनाएं नहीं चलाई जा रही हैं।

हरियाणा में विधायक आदर्श ग्राम योजना में शामिल होने वाले कुछ विधायकों को लगता है कि गावों में विकास के लिए उन्हें पैसे देने पडेÞंगे। ऐसी भ्रांतियों को दूर करने के लिए सरकार अब इस योजना को नए सिरे से लागू करने जा रही है। इस खातिर सरकार द्वारा दस हजार से अधिक आबादी वाले गांव के विकास के लिए दो करोड़, पांच से दस हजार की आबादी वाले गांव के विकास के लिए एक करोड़ तथा पांच हजार से कम आबादी वाले गांवों को विकास के लिए 50 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी।

-मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री

कुछ जनप्रतिनिधि बन रहे हैं उदाहरण 

एक तरफ जहां हरियाणा में विधायकों और सांसदों द्वारा गावों को मॉडल ग्राम बनाने में दिलचस्पी नहीं ली जा रही है, वहीं हरियाणा से राज्यसभा सांसद एवं रेल मंत्री सुरेश प्रभु जहां रोहतक जिले के गांव में विशेष विकास योजनाएं चला रहे हैं वहीं हरियाणा के ग्रामीण विकास मंत्री ओपी धनखड़ तथा हथीन से इनेलो विधायक केहर सिंह ने दो-दो गांवों को गोद लेकर अन्य विधायकों के समक्ष उदाहरण पेश किया है।

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.