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कश्मीर में कर्नल पति की शहादत के एक साल बाद ही पत्नी भी बनने जा रहीं सेना में अफसर

स्वाति के पति जब शहीद हुए तो वो एक स्कूल में टीचर थीं। पति की मृत्यु के बाद उन्होंने सेना में जाने का फैसला किया।
Author September 1, 2017 09:05 am
स्वाति पहले स्कूल टीचर थीं लेकिन पति के शहीद होने के बाद उन्होंने सेना में शामिल होने के फैसला किया। (एक्सप्रेस फोटो)

जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हुए भारतीय सेना के कर्नल संतोष महादिक की पत्नी को भारतीय सेना में नौ सितंबर को आर्मी आर्डिनेंस कॉर्प्स (एओसी) में नियुक्त किया जाएगा। कर्नल संतोष को मरणोपरांत शौर्य चक्र प्रदान किया गया था। 38 वर्षीय स्वाति महादिक ने अक्टूबर 2016 में चेन्नई स्थिति ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकैडमी (ओटीए) में प्रशिक्षण के लिए प्रवेश लिया था। उनके पति कर्नल संतोष की नवंबर 2015 में मौत हुई थी। सूत्रों के अनुसार स्वाति ने सेना के गैर-तकनीकी कोर्स में दाखिला लिया था और 11 महीने का कठोर प्रशिक्षण पूरा किया। अब उन्हें आधिकारिक तौर पर सेना में नियुक्ति का इंतजार है। सेना के एक अधिकारी ने बताया, “लेडी कैडेट ने एओसी में जाने का विकल्प चुना है और उनकी पसंद को स्वीकृति मिल चुकी है इसलिए वो जल्द ही सेना में नियुक्त हो जाएंगी।”

सूत्रों के अनुसार स्वाति ने अपने से बहुत कम उम्र की कैडेट के साथ ट्रेनिंग पूरी की। स्वाति ने फीजिकल और एकैडमिक दोनोें तरह की ट्रेनिंग में उच्च स्तरीय प्रदर्शन किया। ओटीए ट्रेनिंग के कैडेट को कठिन प्रशिक्षण के कारण कड़ी नियमों का पालन करना पड़ता है इसलिए उनसे संपर्क नहीं हो सका। ओटीए के एक अफसर ने कहा कि स्वाति ने “अप्रतिम साहस दिखाते हुए” ये प्रशिक्षण पूरा किया है। जव स्वाति के पति मारे गए तो वो एक स्कूल टीचर थीं। ओटीए अफसर ने कहा, “उसने जिस तरह खुद को सैन्य जरूरतों के हिसाब से ढाला वो उसकी मजबूत इच्छाशक्ति को दर्शाता है। ”

स्वाति ने पुणे के सावित्रीबाई फुले यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। उनके दो बच्चे हैं। एक 12 साल की लड़की और एक सात साल का बेटा। स्वाति को देश की रक्षा करते दिवंगत हुए सैन्य अधिकारियों की बेवा होने के नाते उम्र इत्यादि पात्रताओं में छूट दी गयी। उन्होंने ओटीए की परीक्षा पास करके अपना प्रशिक्षण शुरू किया था।

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  1. M
    manish agrawal
    Sep 1, 2017 at 10:19 am
    ये एक बेहद स्वागत योग्य खबर है ! शहीद कर्नल संतोष महादिक की बेग़म साहिबा को भी , उनके इस बेमिसाल होंसले के लिए सलाम !
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    Reply
    सबरंग