January 20, 2017

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पंजाब: 12 साल पहले किशोर की हत्या के केस में हत्यारों को दी जाएगी 25 को फांसी

अभि को अपहर्ताओं के हाथों ज्यादा मात्रा में एनिस्थीसिया देने से उसकी मौत हो गई। उसका शव जलंधर के एक गांव के खेतों में पड़ा मिला था।

Author जलंधर | October 5, 2016 03:08 am
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

होशियारपुर में 12 साल से भी ज्यादा समय पहले एक किशोर को अगवा कर बेरहमी से मौत के घाट उतारने वाले दो हत्यारों को अब आगामी 25 तारीख को पटियाला के केंद्रीय कारावास में फांसी पर लटका दिया जाएगा। वजह यह कि उनकी ओर से भारत के राष्ट्रपति को भेजी दया याचिका हाल ही में खारिज कर दिए जाने के बाद हत्याकांड में 30 वर्षीय दो दोषियों- जसवीर सिंह और विक्रम सिंह वालिया- के बचने का अब कोई रास्ता नहीं रह गया। हालांकि हत्याकांड की तीसरी आरोपी जसवीर की पत्नी सोनिया है जो अभी जेल में बंद है क्योंकि उसकी सजा-ए-मौत को 2010 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा उम्रकैद में बदल दिया गया। बता दें कि पंजाब में 27 सालों बाद किसी को फांसी पर लटकाया जाएगा। पीड़ित किशोर अभि के माता-पिता अनीता और रवि वर्मा को लगता है कि आखिरकार उन्हें इंसाफ मिल गया। पिता रवि का कहना है, ‘हमारा बेटा हमें अब कभी नहीं मिलेगा पर हम उसके लिए इंसाफ चाहते थे और इसलिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी है।’ रवि के वकील एमपी सिंह का कहना है कि किसी भी दया याचिका पर एक बार राष्टÑपति के इनकार के बाद दोषी के लिए फांसी से बचने की गुंजाइश नहीं रह जाती।

सनद रहे कि अभि वर्मा (उस समय 16 साल की उम्र) डीएवी स्कूल में नौवीं के छात्र को 50 लाख रुपए की फिरौती की मंशा के साथ पांच फरवरी, 2005 को अगवा कर लिया गया था। यह वारदात अभी के घर के ही नजदीक सुबह करीब आठ बजे तब हुई थी, जब वह पैदल स्कूल के रास्ते में था। सोनिया को पता था कि अभी एक जानेमाने सुनार का बेटा था, क्योंकि वह उसे सेंट जोसेफ स्कूल में पढ़ा भी चुकी थी। रवि वर्मा का कहना है, ‘मेरे बेटे को सुबह आठ बजे अगवा किया गया था, पर मुझे इस वारदात का पता दोपहर बारह बजे तब चला, जब मेरे ही एक कर्मचारी ने बताया कि होशियारपुर में एक लड़का अगवा कर लिया गया है। तब मैंने उसकी सही-सलामती की दुआ मांगते हुए काम जारी रखा, पर चंद घंटों के बाद पता चला कि अगवाशुदा बच्चा मेरा अपना ही बेटा था। पुलिस ने इस कांड में बड़ी मुस्तैदी दिखाई थी और एक ही दिन में इस कांड की गुत्थी भी सुलझा दी थी, पर अभि को अपहर्ताओं के हाथों ज्यादा मात्रा में एनिस्थीसिया देने से उसकी मौत हो गई। उसका शव जलंधर के एक गांव के खेतों में पड़ा मिला था।’

रवि ने आगे कहा कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी और उन्हें अभी के अगवा किए जाने की हैरानी भी हुई थी। बाद में वर्मा का ही एक ग्राहक वालिया अभी हत्याकांड का मास्टरमाइंड निकला जो अपहरण के बाद उनके साथ सहानुभूति तक जताने आया था। इस मामले में दिसंबर, 2006 में जिला एवं सत्र न्यायाधीश, होशियारपुर ने फैसला सुनाया और तीनों आरोपियों को मौत की सजा सुनाई थी। उसके बाद तीनों ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी, जिसने 2008 ने इस फैसले को बरकरार रखा। बाद में तीनों आरोपी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए थे, जहां उनकी याचिका को जस्टिस टीएस ठाकुर के खंडपीठ ने ठुकरा दिया था। पर इसी बीच, सुप्रीम कोर्ट ने सोनिया की सजा-ए-मौत को 2010 में उम्रकैद में तब्दील कर दिया।

इसके बाद सोनिया और जसवीर ने अदालत में एक और दलील रखी कि उन्हें अपनी संतान पैदा करने की अनुमति दी जाए, पर उसे भी खारिज कर दिया गया, जिसके बाद दोनों ने राष्टÑपति के पास अपनी दया याचिका भेजी थी, जिसे पिछले महीने खारिज कर दिया गया। इसके साथ ही जिला एवं सत्र न्यायाधीश के उक्त फैसले पर भी मुहर लगा दी गई कि ‘सजा-ए-मौत के आदेश पर अमल में लाए जाने के आदेश दिए जाते हैं, और दोनों दोषियों को यह फांसी 25 अक्तूबर, 2016 की सुबह नौ बजे आपकी जेल में दे दी जाए।’_

 

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First Published on October 5, 2016 3:08 am

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