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जाट आरक्षण आंदोलन का चौथा दिन: यशपाल मलिक ने हरियाणा सरकार के व्यवहार को बताया का ‘तानाशाही’

यशपाल मलिक ने कहा कि आने वाले दिनों में प्रदर्शन बढ़ेगा और फैलेगा।
Author चंडीगढ़ | February 1, 2017 20:14 pm
नौकरी में जाट आरक्षण नहीं देने कि खिलाफ रोहतक के जासिया गांव में जाट प्रदर्शनकारी धरना देते हुए। (PTI Photo/31 Jan, 2017)

हरियाणा के विभिन्न जिलों में चल रहे जाट आरक्षण का बुधवार (1 फरवरी) को चौथा दिन है और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। प्रदर्शन का आह्वान करने वाले संगठन एआईजेएएसएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने बुधवार (1 फरवरी) को विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। अधिकारियों ने यहां कहा कि व्यापक सुरक्षा इंतजाम के बीच जाटों ने विभिन्न स्थानों पर धरना प्रदर्शन किया जो शांतिपूर्ण रहे। आरक्षण को लेकर इस ताजा आंदोलन का आह्वान कुछ ही जाट संगठनों ने किया है। इनमें विशेष रूप से वे समूह शामिल हैं जो यशपाल मलिक के नेतृत्व वाले अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के विश्वासपात्र हैं।

जस्सिया गांव में एकत्र हो रहे प्रदर्शनकारियों की संख्या को देखते हुए अधिकारियों ने सभी वाहनों को रोहतक-पानीपत राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर मोड़ दिया। मलिक ने कहा कि उन्होंने रोहतक, पानीपत, झज्जर और सोनीपत में प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। हरियाणा के अवर मुख्य सचिव (गृह) राम निवास ने कहा कि कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा, ‘प्रदर्शनकारी अभी तक अपना विरोध शांतिपूर्ण तरीके से जता रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार सोशल मीडिया पर भी नजर रखे हुए है।

राम निवास ने कहा कि उपायुक्त जरूरत पड़ने पर प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 (एनएसए) के तहत दी गयी शक्तियों का प्रयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘उपायुक्त स्थिति के आधार पर फैसला कर सकते हैं।’ हालांकि, मलिक ने आरोप लगाया कि यह हरियाणा सरकार के ‘तानाशाही व्यवहार’ को दर्शाता है। मलिक ने फोन पर कहा, ‘एनएसए जम्मू-कश्मीर को छोड़कर पूरे देश पर लागू हो सकता है। जम्मू-कश्मीर में एनएसए नहीं लगाया जा सकता, लेकिन यहां हरियाणा में जहां जाट शांतिपूर्ण तरीके से बैठे हुए हैं, उपायुक्तों को फैसला करने का अधिकार दे दिया गया है।’ उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में प्रदर्शन बढ़ेगा और फैलेगा।

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