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सेना प्रमुख ने किया उत्तरी-पश्चिमी कमानों का दौरा, सर्जिकल स्ट्राइक में शामिल फोर्सेज़ से की बात

अनुमान है कि नियंत्रण रेखा के पार स्थित आतंकी शिविरों पर लक्षित हमले में पाकिस्तानी पक्ष में कम से कम 40 लोगों की जान गई है किन्तु इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
Author उधमपुर/चंडीगढ़ | October 1, 2016 20:31 pm
LoC पार स्थित आतंकी शिविरों पर हमले के बाद भारत-पाक संबंधों में तनाव के मद्देनजर सीमा पर स्थिति से निपटने की भारत की तैयारियों का जायजा लेने के उत्तरी कमान पहुंचे सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग। (PTI Photo/1 October, 2016)

सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने शनिवार (1 अक्टूबर) को उत्तरी एवं पश्चिमी कमान का दौरा किया। नियंत्रण रेखा के पार स्थित आतंकी शिविरों पर लक्षित हमले के बाद भारत-पाक संबंधों में तनाव में वृद्धि के मद्देनजर सीमा पर किसी भी स्थिति से निपटने की भारत की तैयारियों का जायजा लेने के लिए उन्होंने यह दौरा किया। सेना प्रमुख को दो महत्वपूर्ण कमान के शीर्ष कमांडरों ने मौजूदा स्थिति तथा समग्र तैयारियों एवं आपात योजनाओं के बारे में जानकारी दी। लक्षित हमले की योजना और उसे अंजाम देने वाले उत्तरी कमान के उधमपुर मुख्यालय में जनरल सिंह ने स्पेशल फोर्सेज के कर्मियों से बातचीत की, जिन्होंने इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया था। उन्हें कमान क्षेत्र में समग्र सुरक्षा स्थिति के बारे में उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टीनेंट जनरल डी एस हुड्डा ने जानकारी दी।

उत्तरी कमान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘सेना प्रमुख ने कोर कमांडरों के साथ बातचीत की तथा मौजूदा सुरक्षा स्थिति एवं अभियानगत तैयारियों के बारे में स्वयं सारी जानकारी ली।’ उन्होंने बताया कि जनरल सिंह ने लक्षित हमला अभियान में भाग लेने वाले सैनिकों के साथ बातचीत की और इस सफल अभियान के लिए उनकी सराहना की। सिंह ने लीपा, तत्तापानी, केल एवं भीमबार में सात आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाने के लिए अधिकारियों एवं जवानों की व्यक्तिरूप से सराहना की।

चंडीगढ़ में एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया, ‘सेना प्रमुख को पश्चिमी कमान के जीओसी इन सी लेफ्टीनेंट जनरल सुरिंदर सिंह ने अभियानगत मामलों की जानकारी दी।’ सैन्य प्रवक्ता ने बताया, ‘सेना प्रमुख ने विभिन्न वरिष्ठ कमांडरों के साथ बातचीत की तथा उन्हें पश्चिमी सीमाओं पर उच्चतम सतर्कता एवं चौकसी बनाए रहने की आवश्यकता पर बल दिया।’ सूत्रों के मुताबिक 18 सितंबर को उरी में सेना के शिविर पर हमले के कुछ ही समय बाद लक्षित हमले का निर्णय किया गया था।

उन्होंने बताया कि लक्षित हमले के बाद पाकिस्तान के संभावित जवाबी हमले की आशंका को देखते हुए भारत अपनी आपात योजना के साथ तैयार है। अनुमान है कि पाकिस्तानी पक्ष में कम से कम 40 लोगों की जान गयी है किन्तु इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सेना ने अभियान के दौरान भारतीय पक्ष में हताहत होने संबंधी पाकिस्तान से आने वाली खबरों को बकवास बताया है। सेना ने कहा कि स्पेशल फोर्सेज के एक सदस्य को लौटते समय मामूली चोट आयी है किन्तु यह सेना या आतंकवादी कार्रवाई के चलते नहीं आयी है।

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