ताज़ा खबर
 

तापमान बढ़ने के साथ घट गई बिजली आपूर्ति

प्रचंड गर्मी के बीच बिजली कटौती ने लोगों की नींद उड़ा दी है। पिछले कुछ दिनों से तापमान के बढ़ने के साथ ही नो पावर कट जोन (बिजली कटौती मुक्त) में शामिल नोएडा में 7-10 घंटों तक कटौती हो रही हैं।
Author नोएडा | May 20, 2016 02:08 am
(Express PHOTO)

प्रचंड गर्मी के बीच बिजली कटौती ने लोगों की नींद उड़ा दी है। पिछले कुछ दिनों से तापमान के बढ़ने के साथ ही नो पावर कट जोन (बिजली कटौती मुक्त) में शामिल नोएडा में 7-10 घंटों तक कटौती हो रही हैं। जबकि गाजियाबाद में कटौती का 10-12 घंटे तक होने से लोग गर्मी की तपिश में पसीना बहाने को मजबूर हैं। करीब एक हफ्ते पहले तक नोएडा में बिजली कटौती काफी हद तक नियंत्रित थी। सूत्रों के अनुसार दोनों सटे जिले गाजियाबाद और नोएडा में कटौती के अंतर को लेकर गाजियाबाद में लोगों के जनआक्रोश को शांत करने के लिए नोएडा में बिजली गुल होने की समयावधि बढ़ाई गई है। अलबता बिजली विभाग के अधिकारी इस तर्क से इनकार कर रहे हैं। तापमान बढ़ने से लोकल फाल्ट और ट्रांसफार्मरों का क्षमता से ज्यादा इस्तेमाल होने कटौती की मुख्य वजह है।

नए औद्योगिक इलाके जनरेटर के सहारे
शहर के उद्यमियों की संस्था नोएडा एंटरप्रिन्योर्स असोसिएशन (एनईए) के अध्यक्ष विपिन मल्हन के मुताबिक पिछले 4 दिनों से पुराने औद्योगिक इलाकों में 6-10 घंटों तक कटौती हो रही है। जिसका खमियाजा फैक्ट्रियों के कामकाज पर पड़ रहा है। पहले से मंदी की मार झेल रही औद्योगिक इकाईयां बिजली कटौती के कारण आधी से कम क्षमता पर काम कर रही हैं। वहीं, नए औद्योगिक सेक्टर-64, 66, 67 आदि में कटौती 12 से 14 घंटे तक हो रही है। बिजली विभाग के अधिकारी इस कटौती की समस्या को दूर करने से हाथ उठा चुके हैं। बताया गया है कि प्राधिकरण ने औद्योगिक सेक्टर काटकर फैक्टरियों को जमीन आबंटित कर दी है। अलबत्ता बिजली वितरण का ढांचा तैयार नहीं किया है।
नोएडा बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता मुकुल सिंघल ने बताया कि प्राधिकरण से 8 महीने पहले 60 ट्रांसफार्मर मांगे गए थे। अभी तक एक भी ट्रांसफार्मर नहीं मिला है। तेज गर्मी होने के कारण ट्रांसफार्मर लोड बढ़ने पर ट्रिप या फुंक रहे हैं। ट्रांसफार्मर बचाने के लिए क्षमता से ज्यादा लोड होने पर बिजली कटौती करनी पड़ रही है। विपिन मल्हन ने जल्द सुधार नहीं होने पर मुख्यमंत्री से मामले की शिकायत करने को कहा है।

नो पावर कट जोन में 10 घंटों तक की कटौती
केवल औद्योगिक इकाईयां ही नहीं बल्कि रिहायशी इलाकों में कटौती 8-10 घंटे होने से लोग बेहाल हैं। पिछले तीन दिनों से अलग-अलग इलाकों में बिजली की अघोषित कटौती ने लोगों को परेशान कर रखा है। मांग बढ़ने की वजह से बिजली घरों से रात के समय एक ही सेक्टर के अलग-अलग फेज में कटौती करनी शुरू की है। ताकि ट्रांसफार्मर पर क्षमता से ज्यादा लोड पड़ने से बचाया जा सके। इससे फायदे के बजाए नुकसान हो रहा है। लोग चेंज ओवर के जरिए बिजली आने वाले फेज से अपना कनेक्शन जोड़कर ट्रांसफार्मर फुंकने के मामले बढ़ा रहे हैं। सेक्टर- 49, 41, 50, 51 आदि इलाकों में कटौती के विरोध में लोगों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखे हैं।

गाजियाबाद : ट्रांस हिंडन में 12-14 घंटे बिजली गुल
बिजली विभाग के अफसरों के अनुसार बिजली कटौती की मुख्य वजह मांग का एकाएक बढ़ना है। अलबत्ता लोकल फाल्ट और ट्रांसफार्मर फुंकने से कटौती मजबूरी वश करनी पड़ रही है। हालांकि गर्मियों के दौरान मरम्मत या सुधार कार्यों को अपरिहार्य स्थिति में करने का ही फैसला किया गया है। दूसरी तरफ गाजियाबाद के पॉश ट्रांस हिंडन इलाके में बिजली कटौती ने लोगों की नींद उड़ा दी है। 12-14 घंटों तक की रिहायशी इलाकों में कटौती होने से इनवर्टर तक फेल साबित हो रहे हैं। पावर बैकअप की सुविधा वाले अपार्टमेंटों में जैसे-तैसे पंखे के सहारे जनता रह रही है। कई घंटों तक बिजली नहीं आने के कारण ऐसे अपार्टमेंटों में जनरेटर एसी का लोड नहीं ले पा रहे हैं। लोगों के अनुसार ट्रांस हिंडन इलाके में कटौती की समस्या खुद बिजली अफसरों की देन है। गर्मियां शुरू होने के दौरान होने वाला मरम्मत का काम 45-46 डिग्री तापमान के मौसम में हो रहा है। दो दिनों पहले महाराजपुर के 220 केवीए क्षमता वाले बिजली घर पर मरम्मत होने से साढ़े पांच घंटे की घोषित कटौती का दावा किया गया था। जबकि आपूर्ति सामान्य होने में 8 घंटे तक का समय लग गया। साहिबाबाद के 220 केवीए बिजली घर पर मरम्मत के चलते 6 घंटे कटौती हुई। वहीं वसुंधरा सेक्टर- 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 18 में 8-10 घंटे की कटौती से लोगों को दो-चार होना पड़ रहा है। नीति खंड पर 33 केवीए क्षमता के बिजली घर पर ब्रेकर बदलने का काम महज 3.30 घंटे में होना था। वास्तविकता में आपूर्ति सामान्य होने में 6-8 घंटे तक का समय लग गया। बिजली विभाग के अफसरों के अनुसार आबादी और मांग बढ़ने के मुकाबले संसाधनों को नहीं बढ़ाया गया। इस कारण ओवर लोडिंग संबंधी दिक्कतों ने कटौती बढ़ाई है।

ग्रेटर नोएडा : किसानों ने खोला मोर्चा
उधर, ग्रेटर नोएडा के इलाकों में शहरी और ग्रामीण इलाकों में बिजली सप्लाई में भेदभाव को लेकर भारतीय किसान यूनियन समेत कई संगठनों ने आवाज उठाई है। सेक्टरों के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में तीन गुना ज्यादा कटौती हो रही है। सेक्टरों में 5-6 घंटे तो गांवों में 12-14 घंटे बिजली गुल रहने से ग्रामीणों ने नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (एनपीसीएल) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग