April 29, 2017

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पीएम मोदी बोले- मैं BJP से हूं, सरदार पटेल कांग्रेसी थे, फिर भी मानता हूं उनकी विचारधारा

पीएम मोदी ने एकता दिवस पर सोमवार को एक सभा को संबोधित किया।

Author नई दिल्ली | October 31, 2016 21:27 pm
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अपने परिवार के लिए कुछ नहीं किया और उनके परिवार ने भी कभी उनका ‘कापीराइट’ लिया, साथ ही कहा कि ऐसी महान विभूतियों के योगदान को आने वाली पीढ़ियों के समक्ष पेश किया जाना चाहिए । सरदार पटेल के 141वें जन्मदिवस के अवसर पर उनके जीवन पर आयोजित डिजिटल प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगर हम अपने मतभेदों पर ध्यान देंगे तो भारत जैसा विविधतापूर्ण देश आगे नहीं बढ़ सकता। हमें एकता के मंत्र पर ध्यान देते हुए जीना चाहिए।  मोदी ने कहा, ‘जब हम एकता की बात करते हैं तब संदेश स्पष्ट है कि मैं एक भाजपा वाला हूं और सरदार पटेल कांग्रेस से संबंध रखने वाले, फिर भी हम उनकी जयंती को पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मना रहे हैं।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रत्येक महान व्यक्ति के समय में विभिन्न विचार और बहस जुड़ी होती है लेकिन आने वाली पीढ़ियों को यह अधिकार नहीं है कि वह उन महान व्यक्तियों के योगदान एवं उपलब्धियों का इस्तेमाल विभाजन पैदा करने के लिए करें।  ऐसा प्रयास होना चाहिए कि उनके जीवन से ऐसी चीजें निकालें जो प्रत्येक को एक दूसरे से जोड़ने का काम करें ।

वीडियो में देखें- पीएम मोदी ने सरदार पटेल के योगदान के बारे में क्या कहा

मोदी ने अपने आलोचकों पर प्रहार करते हुए कहा, ‘मुझे तब आश्चर्य होता है जब कुछ लोग मुझसे पूछते हैं कि सरदार पटेल की जयंती मनाने वाला मैं कौन होता हूं । लेकिन सरदार पटेल ऐसे व्यक्ति थे, जिनके परिवार ने कोई कापीराइट नहीं लिया। और सार्वजनिक जीवन में उन्होंने अपने परिवार के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने जो कुछ किया, वह देश के प्रति कर्तव्य का निर्वाह था।’ मोदी ने कहा कि कुछ लोग इतने महान थे कि 70 वर्ष तक इनके योगदान को भुलाने का प्रयास किया गया, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली। साथ ही कहा की मैं भारतीय जनता पार्टी से हूं और सरदार पटेल कांग्रेस थी, लेकिन फिर भी मैं उनकी विचारधारा और मान्यता को मानता हूं।

सरदार पटेल को महान चिंतक बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने अहमदाबाद नगर निकाय के प्रमुख के तौर पर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव पेश किया था। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद अधिकांश राज्य पंडित जवाहर लाल नेहरू की बजाए सरदार पटेल को सरकार का प्रमुख बनाने के पक्ष में थे। सरदार पटेल ने हालांकि गांधीजी की इच्छा को स्वीकार किया जिसके बाद नेहरू सरकार के प्रमुख बने। मोदी ने हास्य विनोद के अंदाज में कहा कि शायद गुजराती होने के कारण गांधी एक और गुजराती को नहीं चुनना चाहते थे। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सरदार पटेल के बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि लोग तो नगरपालिका के अध्यक्ष पद को भी नहीं छोड़ते हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सरदार पटेल जैसी विभूतियों के लोगों के जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों पर जोर दिया जो लोगों को एकजुट रहने की प्रेरणा प्रदान करते हैं। मोदी ने कहा, ‘ हम प्रतिदिन देखते हैं और कभी कभी तो ऐसा प्रतीत होता है कि भिन्न दिशाओं में जाने के रास्ते तलाशते हैं । जैसे कि हम दूरबीन लेकर ऐसी चीज तलाश रहे हों जो विभाजन पैदा करती हों । इतनी विविधता से भरे देश को इस तरह से नहीं चलाया जा सकता है । हमें एकता के मंत्र के साथ जीना होगा। और इसे आत्मसात करना होगा क्योंकि यह हमारी धरोहर है और इसे आने वाली पीढ़ियों को देना है।’ उन्होंने कहा कि यह सरदार पटेल का व्यक्तित्व ही था कि सैकड़ों रियासतें भारत में विलय करने के लिए मान गईं ।

समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ योजना पेश की, जो विभिन्न राज्यों में लोगों के बीच जागरूकता फैलाने और विविधता में एकता की भावना को प्रोत्साहित करता हो । इस पहल के तहत दो.. दो राज्यों के बीच छह सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुए । मोदी ने कहा कि लोगों को तब गर्व महसूस होता है जब उनके बच्चे स्पैनिश या फ्रेंच बोलते हैं लेकिन ऐसा माहौल बनाये जाने की जरूरत है कि भारतीय भाषाएं बोलने को प्रोत्साहन दिया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि विभिन्न राज्यों के बच्चे एक भारत, श्रेष्ठ भारत के तहत एक दूसरे के बारे में बेहतर ढंग से जानें । प्रत्येक राज्य से जुड़े 5000 प्रश्नों का डाटाबैंक तैयार किया जा सकता है और क्विज प्रतियोगिता हो सकती है।

 

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First Published on October 31, 2016 5:54 pm

  1. S
    Santosh San
    Oct 31, 2016 at 1:28 pm
    lekin sardar patel nae kabhi bhi RSS ko support nahe kiya
    Reply
    1. S
      shivshankar
      Nov 1, 2016 at 12:31 pm
      वल्लभ भाई पटेल को सरदार टाइटल गाँधी जी ने दिया था . पटेल गाँधी जी को गुरु मानते थे और उनकी हर बात मानते थे
      Reply
      1. V
        Vinay Totla
        Nov 1, 2016 at 8:23 am
        यह भाजपा वाले अंग्रेज़ो की नीति 'फूट डालो राज करो' अपना रहे है| इन्हें यह मालूम है की भारत की जनता इनके खुद के विचारों से मत नहीं है सो दुसरो की विचार धारा पर हा कर रहे है ताकि उस विचार धारा के लोग जाये|कोई भी समझदार व्यक्ति यह समझ सकता है की यह सवाल अप्रासंगिक है की ऐसा होता तो क्या होता|जब सरदार पटेल ने किसी की बात का सन्मान किया तो यह लोग कौन होते है इस तरह की बात करने वाले|सर फूट डालना ही इनका मकसद है और कुछ नहीं|
        Reply
        1. S
          shivshankar
          Nov 1, 2016 at 12:27 pm
          सरदार पटेल ने तो आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था आवर आरएसएस के गुरु गोलवलकर को १९ महीने जेल मैं रखा था और माफ़ी मांगने पर छोड़ा . अब आरएसएस के प्रचारक जी कह रहें हैं के वोह सरदार पटेल को मानते हैं { क्या मानते हैं ?}
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