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पेमा खांडू बने अरुणाचल प्रदेश के नए मुख्यमंत्री, देश के सबसे युवा सीएम

पेमा खांडू 36 साल के हैं और नबाम तुकी की जगह उन्होंने इस पद को संभाला है।
Author ईटानगर | July 17, 2016 18:58 pm
पेमा खांडू, शपथ के दौरान। (फोटो- ANI)

इटानगर। राज्य में तेजी से बदलते घटनाक्रम का पटाक्षेप करते हुए पेमा खांडू ने रविवार (17 जुलाई) को अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। एक दिन पहले ही पार्टी ने नए नेता का चयन कर अपने सभी बागियों का नाटकीय तरीके से समर्थन हासिल कर लिया था। वहीं, चोवना मेइन ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। दिवंगत मुख्यमंत्री दोरजी खांडू के 37 वर्षीय बेटे पेमा देश में सबसे युवा मुख्यमंत्री बने हैं। वह पूर्वोत्तर के इस छोटे से राज्य के नौवें मुख्यमंत्री हैं। उन्हें और मेन को राज्यपाल तथागत राय ने यहां राजभवन में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। दोरजी खांडू की एक विमान दुर्घटना में साल 2011 में मृत्यु हो गई थी।

शपथ लेने के शीघ्र बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पेमा ने कहा कि राज्यपाल के राज्य में लौटने के बाद ही उनके मंत्रालय का विस्तार होगा। राय त्रिपुरा के राज्यपाल हैं। उनके पास अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी है। पेमा ने कहा कि वह राज्य के विकास के लिए निर्वाचित नेताओं में ‘टीम अरुणाचल’ की भावना डालेंगे। ‘राज्य के सभी निर्वाचित नेताओं को राजनीतिक दलों से ऊपर उठते हुए विकास प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा।’

सामाजिक परिवर्तन के लिए काम करने के लिए राजनीति में अपने पिता की सहायता करने से लेकर इस पद पर पहुंचने तक पेमा ने एक लंबा सफर तय किया है। विधानसभा में बहुमत साबित करने के कार्यक्रम से शनिवार (16 जुलाई) को कुछ घंटे पहले कांग्रेस विधायक दल ने पेमा को तुकी के स्थान पर एक नाटकीय घटनाक्रम में अपना नेता चुना। तुकी को उच्चतम न्यायालय ने बुधवार (13 जुलाई) को मुख्यमंत्री पद पर बहाल किया था। तुकी को राज्यपाल ने शक्ति परीक्षण का निर्देश दिया था। फिर पेमा ने पार्टी के 45 विधायकों और दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन के आधार पर सरकार गठन के लिए दावा पेश किया था।

वहीं, निवर्तमान मुख्यमंत्री कालिखो पुल भी 30 बागी विधायकों के साथ पार्टी में लौट आए। इस कदम ने भाजपा को अचंभित कर दिया जिसने उनकी सरकार का समर्थन किया था। 60 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस अब दो निर्दलीय सहित 47 विधायकों का समर्थन हासिल होने का दावा कर रही है। अपने परिवार के सबसे बड़े बेटे पेमा दिल्ली के प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज से स्नातक हैं। अपने पिता की मृत्यु के बाद वह शासन में जल्दी ही प्रवेश कर गए थे। पेमा तवांग के रहने वाले हैं। अपने पिता की मृत्यु से रिक्त हुई सीट को भरते हुए उन्होंने साल 2011 में पहली बार अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में प्रवेश किया।

मुक्तो (एसटी) सुरक्षित सीट से विधायक के रूप में वह निर्विरोध चुने गए थे और शीघ्र ही उन्हें कैबिनेट मंत्री के तौर पर राज्य सरकार में शामिल कर लिया गया था। आम चुनाव के बाद तुकी सरकार में उन्हें एक जून 2014 को शहरी विकास मंत्री के रूप में शामिल किया था। उन्होंने पिछले साल अक्तूबर में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और बागी कालिखो पुल के साथ हो गए थे।

पेमा खांडू ने रविवार (17 जुलाई) को अरुणाचल प्रदेश के सीएम पद की शपथ ले ली है। पेमा 36 साल के हैं और नबाम तुकी की जगह उन्होंने इस पद को संभाला है। पेमा खांडू दिवंगत नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दोरजी खांडू के बेटे हैं। पेमा खांडू उन तीस विधायकों में शामिल थे जिन्होंने नबाम के खिलाफ आवाज उठाई थी। इससे पहले खांडू जाकर राज्यपाल से मिले थे। उन्होंने बताया था कि नबाम के हटने के बाद सारे बागी विधायक कांग्रेस के साथ हैं।

 

 

 

 

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