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पटना हाई कोर्ट की 100वीं वर्षगांठ के जश्न का समापन मोदी करेंगे

पटना हाई कोर्ट के महापंजीयक विनोद कुमार सिन्हा ने कहा, ‘हम लगातार पीएमओ के संपर्क में थे और अंतत: वे मान गए हैं। इसलिए हमारी अदालत के शतवार्षिकी जश्न का समापन माननीय प्रधानमंत्री द्वारा किया जाएगा।
Author पटना | February 18, 2016 22:41 pm
पिछले साल अप्रैल से समारोह की शुरुआत होने के बाद से अब तक हाई कोर्ट ने कई जिलों की विभिन्न स्थानीय अदालतों में समारोहों का आयोजन किया है। (फाइल फोटो)

पटना हाई कोर्ट के 100 साल पूरे होने पर आयोजित शताब्दी समारोह का समापन 12 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। एक साल तक चले इस कार्यक्रम का समापन मोदी समारोह के दौरान करेंगे, जहां अदालत के गौरवमयी सफर को दर्शाता भव्य लेजर शो और वृत्तचित्र दिखाया जाएगा। पटना हाई कोर्ट के महापंजीयक विनोद कुमार सिन्हा ने कहा, ‘हम लगातार पीएमओ के संपर्क में थे और अंतत: वे मान गए हैं। इसलिए हमारी अदालत के शतवार्षिकी जश्न का समापन माननीय प्रधानमंत्री द्वारा किया जाएगा। हमने भव्य समारोह की योजना बनाई है, जिसमें प्रधान न्यायाधीश भी मौजूद होंगे।’

उन्होंने कहा, ‘हम यह आयोजन मार्च के पहले सप्ताह में करना चाहते थे लेकिन हमें खुशी है कि प्रधानमंत्री ने समारोह का समापन 12 मार्च को करने पर अपनी सहमति दे दी है। हमारे समापन समारोह के आयोजन दो दिन तक चलेंगे। 11 मार्च को हम कुछ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे और अतिथियों के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया जाएगा।’ सिन्हा ने कहा, ‘हमने 20 मिनट तक चलने वाले लेजर शो की योजना बनाई है, जो पटना हाई कोर्ट की कहानी को एक व्यापक दृश्यात्मक स्तर पर बयां करेगा। इसके अलावा हमारी अदालत के सफर को बयां करने वाला 20 मिनट का वृत्तचित्र भी दिखाया जाएगा, जिसमें पुरानी तस्वीरों और संग्रहित सामग्री का प्रदर्शन किया जाएगा।’

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पिछले साल 18 अप्रैल को अदालत के मशहूर लॉन में इसके शतवार्षिकी जश्न का उद्घाटन किया था। इस अवसर पर शानदार वास्तुकला की प्रतीक अदालत की इस इमारत को खूबसूरती के साथ रोशन किया गया था और एक स्मृति चिह्न भी जारी किया गया था। अदालत की मुख्य इमारत इलाहाबाद हाई कोर्ट की नई इमारत से प्रेरित है। इसका उद्घाटन तीन फरवरी, 1916 को वायसराय लॉर्ड चार्ल्स हार्डिंग ने किया था। हार्डिंग ने ही एक दिसंबर 1913 को इस संस्थान की आधारशिला रखी थी।

मौजूदा वकीलों और इस प्रतिष्ठित अदालत के गलियारों से होकर गुजर चुके सर अली इमाम और हसन इमाम, सर सुल्तान अहमद और सैयद शरफुद्दीन (पहले बैच के जजों में शामिल) के परिवारों में भी रोमांच का माहौल है। पूर्व में अदालत के खेलकूद समारोहों के आयोजन के लिए इस्तेमाल होने वाले अदालत के मशहूर ईस्ट लॉन से होकर एक रास्ता निर्माणाधीन ‘शताब्दी भवन’ की ओर जाता है जिसकी आधारशिला फरवरी 2014 में रखी गई थी।

महापंजीयक ने कहा, ‘हमारा ‘शताब्दी भवन’ अब भी निर्माणाधीन है और इसका काफी काम अभी बचा है। हम चाहते थे कि यह इस अवसर तक पूरा हो जाए ताकि प्रधानमंत्री से इसका उद्घाटन कराया जाए लेकिन इसमें कम से कम छह माह अभी लगने हैं।’ उन्होंने कहा कि आयोजन के दौरान, हम अपने संग्रहालयों में रखी अदालत और अन्य समारोहों की पुरानी तस्वीरों की प्रदर्शनी मार्बल हॉल में लगाएंगे।

पिछले साल अप्रैल से समारोह की शुरुआत होने के बाद से अब तक हाई कोर्ट ने कई जिलों की विभिन्न स्थानीय अदालतों में समारोहों का आयोजन किया है। यहां वकीलों और न्यायिक अधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर पत्र पेश किए हैं। सिन्हा ने कहा कि जिन वकीलों और अन्य न्यायिक कर्मचारियों ने पटना हाई कोर्ट में 50 या इससे ज्यादा साल की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें समापन समारोह के दौरान सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर न्यायिक क्षेत्र के साथ-साथ विभिन्न अन्य क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित लोगों के पटना में एकत्र होने की संभावना है।

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