ताज़ा खबर
 

पंचकूला में भूखंडों के आबंटन की सीबीआइ जांच की सिफारिश

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पिछली कांग्रेस सरकार के शासन के दौरान पंचकूला में औद्योगिक भूखंडों के आबंटन में अनियमितताओं की सीबीआइ जांच की सिफारिश की है..
Author चंडीगढ़ | December 19, 2015 23:55 pm
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पिछली कांग्रेस सरकार के शासन के दौरान पंचकूला में औद्योगिक भूखंडों के आबंटन में अनियमितताओं की सीबीआइ जांच की सिफारिश की है। राज्य सतर्कता विभाग की जांच में आबंटन में कथित अनियमितताएं पाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी जवाहर यादव ने यहां शनिवार को कहा, ‘राज्य सतर्कता विभाग की जांच में भूखंडों के आबंटन में अनियमितताएं मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने आगे के लिए सीबीआइ जांच की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सतर्कता विभाग को मामले में एक प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है, जिसके बाद मामले को सीबीआइ को सौंपा जाएगा। सत्तारूढ़ भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर या तो अपने रिश्तेदारों या अपने करीबी सहयोगियों और मित्रों को भूखंड आबंटन करने का आरोप लगाया था।

उधर, सतर्कता ब्यूरो ने तीन साल पहले पंचकूला में औद्योगिक भूखंडों के आबंटन में कथित अनियमिताओं को लेकर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के तत्कालीन अध्यक्ष व मुख्य प्रशासन के खिलाफ शनिवार को प्राथमिकी दर्ज की। उस समय के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा इस प्राधिकरण के अध्यक्ष थे।

सतर्कता ब्यूरो ने प्राधिकरण के तत्कालीन अध्यक्ष (भूपेंद्र सिंह हुड्डा) और पूर्व आइएएस अधिकारी डीपीएस नागल व इस निकाय के दो अन्य अधिकारियों के खिलाफ भादसं और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। ब्यूरो के एक अधिकारी के अनुसार वैसे प्राथमिकी में भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम नहीं है लेकिन 13 लाभार्थियों के अलावा नागल, प्राधिकरण के तत्कालीन मुख्य वित्त अधिकारी एससी कांसल और अन्य अधिकारी बीबी तनेजा के नाम हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने इस पर कहा कि भाजपा ने हमारे (कांग्रेस नेताओं के) खिलाफ राजनीतिक बदले की कार्रवाई शुरू की है। उन्होंने आरोप लगाया कि खट्टर सरकार सभी मोर्चों पर विफल रही है और वह कथित विफलताओं से लोगों का ध्यान बंटाने के लिए इस तरह से हाथ पैर मार रही है। उधर, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के विशेष कार्य अधिकारी जवाहर यादव ने कहा कि मामला सीबीआइ के पास भेजा जाएगा।

खट्टर ने लुधियाना में संवाददाताओं से कहा कि सतर्कता रिपोर्ट कहती है कि नियमों का पालन नहीं किया गया और भूखंड करीबियों को आबंटित किया गया। बदले की कार्रवाई के आरोप का खंडन करते हुए उन्होंने कहा कि गड़बड़ियां मिलने पर कार्रवाई करना हमारा कर्तव्य है। हम किसी को निशाना बनाकर कोई कार्रवाई शुरू नहीं करते। हरियाणा के मुखर मंत्री अनिल विज ने कहा कि इस मामले की सीबीआइ जांच होगी। भूखंड आबंटन में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं और पिछली सरकार ने करीबियों को भूखंड बांटे।

इससे पहले जवाहर यादव ने कहा था कि खट्टर ने हरियाणा के महाधिवक्ता बलदेव राज महाजन की कानूनी राय पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। महाजन की सलाह के अनुसार, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के तत्कालीन अध्यक्ष के अलावा उसके तत्कालीन मुख्य प्रशासक समेत कुछ अन्य अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना उचित है।

महाधिवक्ता ने कहा था कि हुडा के तत्कालीन अध्यक्ष तत्कालीन मुख्यमंत्री के स्तर पर आबंटन का मानदंड बदला गया था और इसे मंजूरी दी गई थी। ज्यादातर लाभार्थियों को बदले हुए मानदंड के तहत भूखंड आबंटित किया गया था और उनके खिलाफ एक मामला दर्ज करने का यह पर्याप्त कारण है। महाजन ने इसे एक ऐसा मामला पाया, जिसमें राज्य सरकार को सीबीआइ जैसी किसी स्वतंत्र एजंसी से विस्तृत जांच कराने पर विचार करना चाहिए।

मई में, भाजपा सरकार ने इस मामले में सतर्कता जांच का आदेश दिया था क्योंकि उसे पहले उसे औद्योगिक भूखंडों के आवंटन में कथित भ्रष्टाचार की कई शिकायतें मिली थी। इनेलो ने भी राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर इसकी शिकायत की थी। राज्य सतर्कता ब्यूरो ने बाद में इस मामले में एक नियमित जांच के लिए एक मामला दर्ज किया था, जिसमें 496 वर्ग मीटर से लेकर 1,280 वर्ग मीटर के औघोगिक भूखंडों को कथित तौर पर उन्हें आबंटित किया गया जो या तो तत्कालीन मुख्यमंत्री (हुड्डा) के रिश्तेदार थे या जो उनके करीबी सहयोगी और दोस्त थे।

सत्तारूढ़ भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर या तो अपने रिश्तेदारों या अपने करीबी सहयोगियों और मित्रों को भूखंड आबंटन करने का आरोप लगाया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.