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Pathankot Attack: सूरजकुंड मेले में पाक पाक कलाकारों को बुलावा नहीं

पठानकोट एअरबेस पर हुए हालिया आतंकी हमले की छाया सूरजकुंड में आयोजित होने वाले 30वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले पर पड़ सकती है।
Author फरीदाबाद/ चंडीगढ़ | January 17, 2016 03:33 am
सूरजकुंड में पाक कलाकारों का नहीं प्रवेश

पठानकोट एअरबेस पर हुए हालिया आतंकी हमले की छाया सूरजकुंड में आयोजित होने वाले 30वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले पर पड़ सकती है। आतंकी हमले के बाद माहौल बदलने और दोनों देशों के रिश्ते बिगड़ने के कारण हरियाणा पर्यटन विभाग और सूरजकुंड मेला प्राधिकरण ने पाकिस्तान के हस्तशिल्पियों को न्योता नहीं भेजा है। इससे पहले इस मेले में 2008 से ही सार्क देशों की गरिमापूर्ण भागीदारी रही है। पाकिस्तान के हस्तशिल्पी भी मेले में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। 1 से 15 फरवरी तक चलने वाले 30वां सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला इस साल दो सहयोगी देशों जापान और चीन पर केंद्रित होगा।

हरियाणा के शिक्षा और पर्यटन मंत्री रामबिलास शर्मा ने पत्रकारों से कहा कि 30वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में पाकिस्तान की प्रतिभागी नहीं होगी। हमने इस बार पाकिस्तान के हस्तशिल्पियों को नहीं बुलाया है। हालांकि शर्मा ने इसके लिए कोई वजह नहीं बताई, लेकिन इस मंशा के पीछे पठानकोट एअरबेस हमले की कसक जरूर नजर आई। मेले का आयोजन हरियाणा पर्यटन विभाग, केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय, कपड़ा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय मिलकर करते हैं। इसके लिए सूरजकुंड मेला प्राधिकरण बनाया गया है।

इस साल किसी भी स्तर से पाकिस्तान के हस्तशिल्पियों को मेले में भागीदारी के लिए न्योता नहीं भेजा गया है। साल 2008 में पहली बार सार्क (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन) देश सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले के प्रतिभागी बने थे। बीते साल तक पाकिस्तान के हस्तशिल्पी सूरजकुंड मेले में अपने हस्तशिल्प का बहतरीन नमूना पेश करते रहे हैं। पाकिस्तानी हस्तशिल्पी देशी-विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का भी केंद्र रहे हैं। 2010 में मेले में सार्क देशों के अलावा कई देशों के हस्तशिल्पियों की भागीदारी शुरू हुई। इसके बाद ही मेले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनी।

शर्मा ने शुक्रवार को मेले के पोस्टर और आॅडियो-वीडियो सीडी का विमोचन भी किया। शर्मा ने कहा कि यह मेला गरीबी का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि हाथ से रोटी कमाने वाले हथकरघा बुनकरों, हस्तशिल्पियों और कलाकारों को दुनिया भर में ख्याति दिलाने का मंच है। मेले में आने वाले हस्तशिल्पियों की कलाकृतियों को बिक्री पर वैट समेत सभी करों से छूट दी जाएगी।
शर्मा ने बताया कि इस बार मेले में स्कूली छात्रों और कॉलेज की छात्राओं के लिए प्रवेश नि:शुल्क होगा। साथ ही कॉलेज छात्रों के लिए प्रवेश टिकट में 50 फीसद की छूट दी जाएगी।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके सूरजकुंड मेले में इस साल पहले के मुकाबले ज्यादा देशों की प्रतिभागिता होगी। इनके अलावा लगभग दो दर्जन सहयोगी देशों के हस्तशिल्पी भी मेले में अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। मेले में पहली बार लाइट एंड साउंड शो के जरिए हरियाणा के इतिहास की झलक दिखाई जाएगी। शाम को नाट्यशाला में हरियाणा समेत विभिन्न राज्यों की पारंपरिक कलाएं, लोक कलाकारों और लोक संस्कृति की झलक दिखाई जाएगी। इसके अलावा मेहमान देशों के कलाकार भी देश की लोक संस्कृति पर अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा मेले में बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए फार्म टूरिज्म का इंतजाम भी किया गया है। इसके तहत मेले में हरियाणा टूरिज्म और मेला प्रबंधन स्टॉल लगाकर मार्गदर्शक की भूमिका निभाएंगे।

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