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सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिया बड़ा बयान, बोले- हिन्दुत्व का विरोध है विकास का विरोध

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हिन्दुत्व किसी जाति, मत, मजहब या संप्रदाय का पर्याय नहीं है बल्कि राष्ट्रीयता का पर्याय और विकास का पूरक है।
Author लखनऊ | November 14, 2017 19:38 pm
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। (file photo)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को लखनऊ में विपक्षी पार्टियों पर जमकर बरसे और कहा कि जो ‘हिन्दुत्व’ का विरोध करते हैं, वास्तव में वह ‘विकास’ और ‘भारतीयता’ का विरोध कर रहे हैं। नगर निकाय चुनाव के प्रचार के लिए अयोध्या जाने से पहले योगी ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा, ”हिन्दुत्व और विकास एक-दूसरे के विरोधी नहीं बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं। हिन्दुत्व किसी जाति, मत, मजहब या संप्रदाय का पर्याय नहीं है बल्कि राष्ट्रीयता का पर्याय और विकास का पूरक है। हिन्दुत्व का विरोध करने वाले वास्तव में भारतीयता और विकास का विरोध करते हैं। धर्मनिरपेक्षता के नाम पर परिवारवाद और जातिवाद को बढ़ावा देने वाले तत्व इस प्रकार की बातें करते हैं।’’

निकाय चुनाव की जीत को लोकसभा चुनाव की गारंटी होने के बारे में योगी ने कहा, ”लोकसभा चुनाव 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में होंगे और भाजपा प्रचंड बहुमत से चुनाव जीतकर एक बार पुन: सरकार बनाएगी, इसमें संदेह नहीं है। नगर निकाय चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी का प्रदर्शन बहुत बेहतरीन होगा।” उनसे पूछा गया कि आपने अयोध्या में दीपावली मनाई थी तो क्या मथुरा में होली मनाएंगे, इस पर योगी ने कहा, ”हां क्यों नहीं, हमारे पर्व और त्योहार से पहचान है। अगर उनको भव्यता के साथ उनकी परंपरागत पहचान को हम देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत कर सके तो यह हमारा सौभाग्य होगा।”

योगी ने कहा कि दीपावली अयोध्या से जुड़ी हुई थी। हमारी सरकार ने प्रयास किया कि दीपावली के इस पर्व को अयोध्या के साथ जोड़ा जाए। उन्होंने बताया कि पिछले सात महीने के कार्यकाल में पूरे अयोध्या के विकास के लिए एक विस्तृत खाका तैयार किया है। 137 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शिलान्यास किया है और बड़ी परियोजनाएं अयोध्या के लिए तैयार की हैं। विकास की योजनाओं के लिए पर्याप्त पैसा केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार भी दे रही है। यह पैसा वास्तव में जमीन तक पहुंचे इसके लिए नगर निकाय चाहिए।

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  1. M
    manish agrawal
    Nov 14, 2017 at 9:30 pm
    कल्याण सिंह की बीजेपी हुकूमत ने,हिन्दोस्तान की अदालत-ए-उज़्मा में,हलफनामा दिया हुआ था कि बाबरीमस्जिद की पूरी हिफाज़त की जायेगी,लेकिन फिर भी मस्जिद को शहीद कर दिया गया ! यानि बीजेपी हुकूमत की नाकामयाबी और अदालत द्वारा दिए गए stay को कायम रखवाने में नाफरमानी साबित हुयी ! जब अदालत के जारी किये गए stay के हुक्मनामे के बाबजूद बाबरी मस्जिद को शहीद कर दिया गया तो क्या अदालत की ये जिम्मेदारी नहीं बनती थी की पहले बाबरी मस्जिद की दोवारा तामीर करवाकर,स्टे आर्डर को enforce कराया जाता,और तब तक अदालती कार्रवाई मुल्तवी रखी जाती?अयोध्या में प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ था,इस बात से किसी को इंकार नहीं,पर माता कौशल्या ने मस्जिद वाले भूखंड पर ही उनको जन्म दिया था, ये तथ्य साबित नहीं किया जा सकता ! पुरातत्व सर्वेक्षण महकमे के द्वारा बाबरीमस्जिद के नीचे खुदाई की गयी थी,उसमे निकले अवशेष की कार्बन डेटिंग से यदि वो डेढ़ लाख वर्ष पुराने राजा दशरथ के महल के साबित हों, तब कुछ बात बनेगी,अन्यथा ये सब वकवास है ! हिन्दुओं की किसी भी मज़हबी किताब में रामजन्मभूमि की कोई निशानी नहीं दी गयी है, ना ही अयोध्या का नक्शा दिया है !
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