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शशिकला को बाहर करने और जयललिता की मौत की जांस कराने की मांग पर अटल है पनीरसेल्वम खेमा

अन्नाद्रमुक के विरोधी ओ. पनीरसेल्वम के खेमा ने आज फिर से पार्टी प्रमुख वीके शशिकला के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए कहा कि उनका ‘‘मूल सिद्धांत’’ है कि पार्टी या सरकार किसी एक परिवार के हाथों में नहीं रहेगी।
Author थेनी (तमिलनाडु) | April 18, 2017 18:23 pm
अपनी खेमे के साथ पनीरसेल्वम

अन्नाद्रमुक के विरोधी ओ. पनीरसेल्वम के खेमा ने आज फिर से पार्टी प्रमुख वीके शशिकला के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए कहा कि उनका ‘‘मूल सिद्धांत’’ है कि पार्टी या सरकार किसी एक परिवार के हाथों में नहीं रहेगी। इस साल फरवरी में विरोध करने के बाद शशिकला द्वारा पार्टी से बाहर निकाले गए पनीरसेल्वम दिवंगत जे. जयललिता की मृत्यु की जांच कराने की मांग पर भी अटल हैं। इसबीच पनीरसेल्वम धड़े के सूत्रोंं का कहना है कि वह पार्टी के दूसरे धड़े से बातचीत इसी शर्त पर करेंगे यदि ‘‘शशिकला के परिवार को अन्नाद्रमुक से बाहर निकाल दिया जाए।’’

गौरतलब है कि कल ही कई मंत्रियों ने चेन्नई में बैठक करके दोनों विरोधी धड़ोंं के बीच संभावित मेल-मिलाप पर चर्चा की थी। पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जयललिता की मृत्यु के बाद पार्टी के कानूनों का उल्लंघन करते हुए शशिकला को अन्नाद्रमुक का महासचिव नियुक्त किया गया, जबकि उसका निर्वाचन होता है।

पनीरसेल्वम ने कहा कि पनीरसेल्वम धड़े ने कल निर्वाचन आयोग के समक्ष याचिका दायर कर पार्टी के कानूनों के आधार पर फैसले करने की मांग की। गौरतलब है कि ये लोग पहले भी आयोग के समक्ष महासचिव के रूप में शशिकला की नियुक्ति को चुनौती दे चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे संस्थापक एमजीआर और अम्मा ने इस पार्टी को, जनता के लिए, कार्यकर्ता आधारित और लोकतांत्रिक संगठन के रूप में खड़ा किया है। यदि हम इस रास्ते पर नहीं चलते हैं तो यह जनता के साथ अन्याय होगा। उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारा मूल सिद्धांत है। अन्नाद्रमुक को एमजीआर और अम्मा द्वारा तय किये गए इसी रास्ते पर चलना चाहिए।’’

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