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आप विधायक गुलाब सिंह के खिलाफ गैरजमानती वारंट

जबरन धन वसूली के एक मामले में संयुक्त जांच में सहयोग ना करने के लिए मटियाला से आम आदमी पार्टी के विधायक गुलाब सिंह के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया गया है।
Author नई दिल्ली | October 15, 2016 00:43 am

जबरन धन वसूली के एक मामले में संयुक्त जांच में सहयोग ना करने के लिए मटियाला से आम आदमी पार्टी के विधायक गुलाब सिंह के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने इसके समय पर सवाल किया है। सिंह पार्टी के गुजरात मामलों के सह-प्रभारी भी हैं। मामला उनके कथित सहयोगियों के खिलाफ वसूली के आरोप से जुड़ा है जिसमें उन्हें भी नामजद किया गया है। केजरीवाल ने गैरजमानती वारंट जारी करने के समय पर सवाल उठाते हुए ट्विटर पर लिखा कि क्या 16 अक्तूबर को गुजरात के सूरत में होने वाली पार्टी की रैली से पहले विधायक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने ट्वीट किया, ‘सूरत रैली से ठीक दो दिन पहले दिल्ली पुलिस ने एक पूरी तरह फर्जी मामले में हमारे गुजरात प्रभारी गुलाब सिंह के खिलाफ गैरजमानती वारंट हासिल कर लिया। क्या गुलाब को रैली से पहले गिरफ्तार किया जाएगा?

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए गुलाब सिंह ने कहा कि उन्होंने पुलिस को सूचित किया है कि वे पार्टी के काम से गुजरात में हैं और 18 अक्तूबर को जांच में शामिल होंगे। पिछले महीने दो प्रापर्टी डीलरों- दीपक शर्मा और रिंकू दीवान ने आरोप लगाया था कि गुलाब सिंह के कार्यालय में काम करने वाले सतीश और देविंदर और एक सहयोगी जगदीश ने उनसे धन की मांग की थी और धमकी दी थी कि अगर पैसे का भुगतान नहीं किया गया तो वे उस भवन को ध्वस्त करा देंंगे जहां ये प्रॉपर्टी डीलर काम करते हैं। पिछली 13 सितंबर को बिंदापुर पुलिस थाने में आइपीसी की धारा 384 (उगाही के लिए सजा) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

संयुक्त पुलिस आयुक्त (दक्षिण पश्चिम) दीपेंद्र पाठक ने शुक्रवार को कहा, ‘हमने गुरुवार शाम गुलाब सिंह के खिलाफ गैरजमानती वारंट हासिल किया। उन्हें जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किए गए थे लेकिन उन्होंने पूछताछ से बचने के लिए बार-बार बहाने बनाए। संगठित उगाही के इस गिरोह को लेकर सच्चाई की तह तक जाने के लिए उनका जांच में शामिल होना जरूरी है’। उन्होंने कहा, ‘हमने अदालत से गैर जमानती वारंट मांगा था और अदालत ने हमारा अनुरोध मान लिया। हम उनसे (सिंह) तत्काल जांच में शामिल होने के लिए कह रहे हैं’।

एक वरिष्ठ पुलिस ने बताया कि सिंह के कथित सहयोगियों सतीश, देविंदर और जगदीश को गिरफ्तार कर लिया गया और मामले की जांच की गई जिसमें पता चला कि विधायक की जानकारी में संगठित जबरन धन वसूली का एक गिरोह चल रहा था। इसके बाद गुलाब सिंह का नाम प्राथमिकी में दर्ज किया गया और जांच में शामिल होने के लिए उन्हें नोटिस भेजे गए। हालांकि विधायक के ‘जांच में सहयोग ना करने’ के बाद दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट हासिल किया।

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