December 09, 2016

ताज़ा खबर

 

VIDEO: सपा में झगड़े पर बोले रामगोपाल, अमर सिंह ने कहा था- समाजवादी पार्टी को तोड़ना मेरा परम लक्ष्य

रामगोपाल यादव ने कहा कि कुछ लोग मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की लोकप्रियता से डर गए हैं। रामगोपाल यादव ने कहा कि पार्टी का 90% कार्यकर्ता आज अखिलेश के साथ है।

समाजवादी पार्टी से निष्कासित नेता रामगोपाल यादव

समाजवादी पार्टी में चल रही लड़ाई में पहली बार रामगोपाल यादव ने मुंह खोला है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की लोकप्रियता से डर गए हैं। रामगोपाल यादव ने कहा कि पार्टी का 90% कार्यकर्ता आज अखिलेश के साथ है। उन्होंने कहा कि सोमवार की बैठक में अखिलेश यादव की बेइज्जती करना, धक्का-मुक्की करना गलत और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वो अखिलेश के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश के बिना समाजवादी पार्टी नहीं है। रामगोपाल यादव ने अमर सिंह पर इस लड़ाई की साजिश रचने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने कहा था समाजवादी पार्टी को तोड़ना उनका परम लक्ष्य है। पार्टी से निकाले जाने पर उन्होंने कहा कि कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने शिवपाल यादव को चुनौती दी कि यूपी में कहीं भी जाकर मेरे खिलाफ बोलकर दिखाएं, उन्हें पता चल जाएगा कि मैं क्या चीज हूं। रामगोपाल यादव ने ये भी कहा कि मुलायम सिंह कुछ असुरी शक्तियों से घिर गए हैं। फिलहाल, आज तीसरी बार अखिलेश और शिवपाल के बीच सीएम आवास पर बैठक हो रही है। इससे पहले पार्टी कार्यालय में और उसके बाद मुलायम के आवास पर दोनों की मुलाकात बेनतीजा रही थी।

गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी ने रविवार को रामगोपाल यादव को महासचिव पद से हटाते हुए पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था। इसकी घोषणा शिवपाल यादव ने की थी। शिवपाल ने अखिलेश सरकार से बर्खास्तगी के बाद रामगोपाल यादव पर हमला बोला था और आरोप लगाया था कि सीबीआई के डर से उन्होंने बीजेपी से हाथ मिला लिया और अखिलेश को गुमराह कर रहे हैं। शिवपाल ने अखिलेश को कहा था कि वो रामगोपाल यादव की साजिश के शिकार हो गए हैं। रामगोपाल यादव ने बीजेपी से मिलने के आरोपों को भी सिरे से खारिज किया है। साथ ही समाजवादी पार्टी के टूटने की अटकलों को भी खारिज किया है।

वीडियो देखिए: समाजवाद पर भारी परिवारवाद

रविवार को ही शिवपाल  यादव ने रामगोपाल यादव को पत्र लिखा था। उन्होंने पत्र में लिखा, ‘आप निरंतर सांप्रदायिक ताकतों के इशारे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय नेताजी की गरिमा एवं गुरुत्व के प्रतिकूल टिप्पणी करते हुए लांछित रहे हैं एवं नेताजी की नेतृत्व क्षमता पर प्रश्न उठा रहे हैं। षडयंत्र के तहत उन पत्रों को मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक कर रहे हैं। यही नहीं आप अखिलेश सरकार की स्वच्छ छवि को भी बार-बार धूमिल करने पर आमादा हैं। इसके पूर्व भी बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान सेकुलर व सोशलिस्ट महागठबंधन को आपके षडयंत्र के कारण ही बिखरना पड़ा था, जबकि सांप्रदायिकता विरोधी सभी नेता मुलायम सिंह जी को अपना नेतृत्व एवं चुनाव चिन्ह तक सौंपने पर सहमति व्यक्त कर चुके थे। राष्ट्रीय महासचिव के रूप में आपने गत वर्षों में समाजवादी पार्टी के सभी आनुषांगित संघटनों को काफी कमजोर कर दिया है। नेताजी की उदारता का दुरूपयोग करते हुए राष्ट्रीय राजनीति में समाजवादी पार्टी की छवि एवं विश्वसनीयता का अवमुल्यन किया है। आप सीबीआई से स्वंय, अपने पुत्र अक्षय एवं पुत्रवधु को बचाने के लिए पूरी की पूरी समाजवादी पार्टी के अस्तितव को सांप्रदायिक ताकतों के हाथों गिरवी रखने की कवायद में लगे हुए हैं।

Read Also- सपा के मुस्लिम MLC आशु मलिक का मुख्यमंत्री अखिलेश के आरोपों से इनकार, कहा- कभी नहीं कहा औरंगजेब

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on October 24, 2016 6:42 pm

सबरंग