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किसी मुख्यमंत्री ने अपने बचाव के लिए सरकारी खजाने पर बोझ नहीं डाला: रिजिजू

प्रख्यात वकील राम जेठमलानी ने आज कहा कि वह वित्त मंत्री अरूण जेटली द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ किये गये मानहानि के मामले में मुफ्त में केजरीवाल का बचाव करेंगे, अगर वह फीस देने में सक्षम नहीं हैं तो।
Author नई दिल्ली | April 4, 2017 16:47 pm
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू

केन्द्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने मानहानि के एक मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पैरवी करने वाले वकील की फीस देने के दिल्ली सरकार के कदम की आलोचना करते हुए आज कहा कि किसी भी मुख्यमंत्री ने अब तक अपना मुकदमा लड़ने के लिए सरकारी खजाने पर बोझ नहीं डाला है। रिजिजू ने जाने माने अधिवक्ता राम जेठमलानी को तीन करोड़ की राशि देने के सरकार के कदम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यहां संवाददाताओं से कहा, ‘मुझे कोई दूसरा मुख्यमंत्री याद नहीं आ रहा है जिसने अपने आप को बचाने या अपना प्रचार करने के लिए सरकारी खजाने पर बोझ डाला हो।’

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ बोलने के कारण केजरीवाल पर मानहानि का मामला दर्ज कराया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘जो कुछ भी उन्होंने जेटली जी के बारे में कहा वह उनका अपना बयान है, तो इसके लिए लिए दिल्ली की जनता क्यों भुगतान करे? क्या दिल्ली की जनता ने उनसे मामला लड़ने के लिए कहा था। तो अब दिल्ली की जनता को इसका भुगतान क्यों करना चाहिए।’’
बाद में रिजिजू ने ट्वीट किया,‘‘ केजरीवाल जी को बचाने के लिए जनता का धन…. पहले ही उनके प्रचार के लिए बहुत सारा धन लगाया जा रहा है।’

दिसंबर में उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केजरीवाल के खिलाफ मानहानि के मामले में उनकी पैरवी कर रहे जेठमलानी के लिए फीस जारी करने की मांग की थी। सूत्रों ने बताया कि जेठमलानी को तीन करोड़  रुपए दिए जाने हैं और दिल्ली विधि विभाग ने कहा है कि जब मामला शहर प्रशासन से जुड़ा ही नहीं है तो दिल्ली सरकार बिलों का भुगतान क्यों करे। माना जा रहा है कि दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल ने भी बिलों के भुगतान मामले में सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार से सलाह मांगी है।

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