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राजद+जद(एकी)+कांग्रेस=डिप्टी सीएम

नीतीश कुमार ने शुक्रवार को पांचवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री के रूप में लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी सहित 28 मंत्रियों को..
Author पटना | November 21, 2015 01:16 am
पटना में शुक्रवार को बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने नीतीश कुमार को दिलवाई मुख्यमंत्री पद की शपथ। (पीटीआई फोटो)

नीतीश कुमार ने शुक्रवार को पांचवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री के रूप में लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी सहित 28 मंत्रियों को भी गैर भाजपा दलों के नेताओं के जमावड़े के बीच शपथ दिलाई जो भविष्य के संभावित गठजोड़ का संकेत देता है।

चुनावों में विजयी हुए लालू के दूसरे बेटे तेज प्रताप भी शपथ लेने वाले मंत्रियों में शामिल थे। राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने ऐतिहासिक गांधी मैदान में मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। जद (एकी) और राजद से 12-12 और कांग्रेस से चार सदस्यों ने मंत्री के रूप में शपथ ली। राजद नेता लालू के दोनों बेटे पहली बार विधायक बने हैं। नीतीश कुमार ने गृह विभाग अपने पास रखा है जबकि राजद प्रमुख लालू प्रसाद के छोटे पुत्र तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री के रूप में नामित किए गए हैं।

राजभवन के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल राम नाथ कोविंद द्वारा मंजूर की गई सूची में तेजस्वी यादव को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने के साथ ही उनके पास पथ निर्माण और भवन निर्माण जैसे अहम विभाग भी होंगे। तीसरे स्थान पर शपथ लेने वाले तेजस्वी के बड़े भाई तेज प्रताप यादव के पास स्वास्थ्य और पर्यावरण विभाग होंगे और राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी को वित्त विभाग मिला है।

पूर्व में वित्त मंत्री रहे बिजेंद्र प्रसाद यादव ऊर्जा विभाग संभालेंगे जबकि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी को शिक्षा विभाग सौंपा गया है। उनकी पार्टी के मदन मोहन झा को राजस्व विभाग सौंपा गया है। जद (एकी) के राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को जल संसाधन विभाग सौंपा गया है और पूर्व मंत्री जय कुमार सिंह को उद्योग विभाग दिया गया है। तेजस्वी ने नीतीश के बाद दूसरे नंबर पर शपथ ली। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और उनके माता-पिता लालू प्रसाद और राबड़ी देवी राजद कार्यकर्ताओं के बीच मौजूद थे।

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महागठबंधन की बड़ी लाभार्थी रही कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, नेशनल कांफ्रेंस के नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और उनके पुत्र उमर अब्दुल्ला और असम से एआईयूडीएफ के नेता बदरुद्दीन अजमल भी शपथग्रहण समारोह में मौजूद थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भेजे गए केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू भी इस अवसर पर मौजूद थे।

नायडू विशिष्ट व्यक्तियों के बैठने के लिए बनाए गए मंच पर पहली पंक्ति में बाएं से तीसरे स्थान पर और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा और राजद प्रमुख लालू प्रसाद के बीच बैठे हुए थे। वे नीतीश मंत्रिमंडल के शपथ लेने के दौरान लालू के साथ बात करते दिखे। समारोह में समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव और उनके पुत्र और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तो शामिल नहीं हुए लेकिन मैनपुरी से समाजवादी पार्टी के सांसद और लालू के छोटे दामाद तेज प्रताप सिंह मौजूद थे। वहीं नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार और नीतीश के बड़े भाई सतीश कुमार भी मौजूद थे।

समारोह में देरी से अपराह्न करीब तीन बजे पहुंचे राहुल विशिष्ट अतिथियों के लिए बनाए गए मंच के बाएं पहली पंक्ति में पहली सीट पर बैठे। मंच पर अपनी सीट पर जाते हुए राहुल शीला दीक्षित से गले मिले। समारोह में कांग्रेस के कई मुख्यमंत्री भी शामिल हुए जिनमें हिमाचल प्रदेश से वीरभद्र सिंह, केरल से ओमन चांडी, असम से तरुण गोगोई और कर्नाटक से सिद्धरमैया शामिल हुए। माकपा से सीताराम येचुरी, भाकपा से डी राजा और सुधाकर रेड्डी, द्रमुक से एमके स्टालिन और टीआर बालू भी शामिल हुए। पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल (अकाली दल) और रामदास कदम व सुभाष देसाई (शिवसेना) ने भी मौजूदगी दर्ज कराई।

वहीं राकांपा नेता शरद पवार, लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, झामुमो के नेता व झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झारखंड विकास पार्टी के बाबूलाल मरांडी भी मौजूद थे। यह शपथ ग्रहण समारोह भाजपा नीत राजग में शामिल कुछ घटक दलों शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल के अलावा गैर भाजपाई दलों की एकजुटता प्रदर्शित करने वाले एक मंच के तौर पर देखा गया। राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख अजित सिंह और पूर्व कानून मंत्री राम जेठमलानी भी मौजूद थे।

नीतीश कुमार मंत्रिमंडल में राजद के मंत्रियों के दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर शपथ लेने से इस दल का हावी रहना स्पष्ट दिखाई पड़ रहा था। मंत्रिमंडल में राजद प्रमुख लालू प्रसाद के दोनों पुत्रों तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव के अलावा राजद से मंत्री बनने वालों में अब्दुल बारी सिद्दीकी, आलोक कुमार मेहता, चंद्रिका राय, रामविचार राय, शिवचंद राम, अब्दुल गफूर, चंद्रशेखर, मुनेश्वर चौधरी, अनिता देवी और विजय प्रकाश शामिल हैं।

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वहीं, जद (एकी) से नीतीश के अलावा शपथ लेने वालों में विजेंद्र प्रसाद यादव, राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, श्रवण कुमार, जय कुमार सिंह, कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, महेश्वर हजारी, शैलेश कुमार, मंजू वर्मा, संतोष कुमार निराला, खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद, मदन सिंह और कपिलदेव कामत शामिल हैं। जद (एकी) में मंत्री पद की शपथ लेने वालों में कई नए चेहरे शामिल हैं। पुराने चेहरों में विजेंद्र प्रसाद यादव, राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, श्रवण कुमार और जय कुमार सिंह ही मंत्रिमंडल में शामिल किए गए हैं। जद (एकी) के कई पूर्व मंत्रियों श्याम रजक, नरेंद्र नारायण यादव, लेसी सिंह और रंजू गीता को इस बार मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल पायी।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार चौधरी के अलावा इस पार्टी से मंत्री पद की शपथ लेने वालों में अवधेश कुमार सिंह, अब्दुल जलील मस्तान और मदन मोहन झा शामिल हैं। वैसे तो अशोक चौधरी का नाम मुख्यमंत्री के बाद शपथ लेने वाले अन्य मंत्रियों में छठे स्थान पर लिया गया था लेकिन वे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के पटना आगमन पर उनका स्वागत करने चले गए थे, इसलिए उन्हें सबसे अंत में शपथ दिलाई गई।

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नीतीश के साथ मंत्री पद की शपथ लेने वाले मंत्रियों में जद (एकी) और राजद से एक-एक महिला को मंत्री बनाया गया है। नीतीश को मिलाकर 29 मंत्रियों के शपथ लेने के बाद संवैधानिक प्रावधान के अनुसार अभी भी मंत्रिमंडल में सात स्थान रिक्त हैं। प्रावधान के अनुसार 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा के 15 फीसद यानी मुख्यमंत्री सहित कुल 36 मंत्री शपथ ले सकते हैं। अटकलों के मुताबिक, चुनाव परिणाम के अनुसार धर्मनिरपेक्ष महागठबंधन के तीनों दलों जदयू-राजद-कांग्रेस के बीच पांच विधायकों पर एक मंत्री के तय हुए फर्मूले के अनुसार मुख्यमंत्री के अलावा इस गठबंधन में सबसे अधिक सीट जीतने वाले राजद के 16, जद (एकी) के 14 और कांग्रेस से 5 मंत्री बनाए जा सकते हैं।

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पहले ही पाठ में गड़बड़ाए स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप:
राजद प्रमुख लालू प्रसाद के पुत्र तेज प्रताप नवनिर्वाचित विधायक के तौर पर और नीतीश कुमार मंत्रिमंडल में मंत्री पद की शपथ लेते समय दो बार गड़बड़ा गए जिसपर राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने उनकी गलती को सुधारा। तेज प्रताप (25) शपथ लेते शब्द ‘अपेक्षित’ (उम्मीद करना) की जगह ‘उपेक्षित’ बोल गए। राज्यपाल ने उनकी गलती को देखते हुए दोबारा शपथ लेने को कहा। दूसरी बार शपथ लेते समय वे ‘जब’ को ‘तब’ बोल गए और राज्यपाल ने उन्हें दोबारा सुधारा। तेज प्रताप को स्वास्थ्य मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया है।

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  1. हरेश कुमार
    Nov 22, 2015 at 9:32 am
    बहुत ही ी विश्लेषण
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