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दिल्ली में प्लास्टिक की थैलियों के इस्तेमाल पर अंतरिम पाबंदी

राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में 50 माइक्रोन से भी कम मोटाई वाले अक्षरणीय प्लास्टिक की थैलियों के इस्तेमाल पर अंतरिम प्रतिबंध लगा दिया।
Author नई दिल्ली | August 11, 2017 01:14 am

राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में 50 माइक्रोन से भी कम मोटाई वाले अक्षरणीय प्लास्टिक की थैलियों के इस्तेमाल पर अंतरिम प्रतिबंध लगा दिया। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार के अध्यक्षता वाले पीठ ने यह भी घोषणा की कि अगर किसी व्यक्ति के पास से इस तरह के प्रतिबंधित प्लास्टिक बरामद होते हैं तो उसे 5,000 रुपए की पर्यावरण क्षतिपूर्ति देनी होगी। अधिकरण ने दिल्ली सरकार को गुरुवार से एक हफ्ते में इस तरह के प्लास्टिक के समूचे भंडार को जब्त करने का निर्देश दिया है। पीठ ने आप शासित दिल्ली सरकार और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को किसी वरिष्ठ अधिकारी के जरिए एक हलफनामा दायर करने और शहर में कचरा प्रबंधन विशेषकर प्लास्टिक के संदर्भ में निर्देशों को कैसे लागू किया जा रहा है, इस बारे में सूचित करने के लिए कहा।

हरित पैनल ने एक जनवरी, 2017 से प्रभावी अपने आदेश में पिछले साल दिल्ली व एनसीआर में डिस्पोजेबल किस्म के प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया था और दिल्ली सरकार को फेंके गए कचरे को कम करने के संबंध में कदम उठाने का निर्देश दिया था। अधिकरण ने इससे पहले 31 जुलाई को रोक के बावजूद राष्ट्रीय राजधानी में प्लास्टिक के अंधाधुंध व बेहिसाब इस्तेमाल पर दिल्ली सरकार को फटकार भी लगाई थी। पीठ ने निर्देश दिया था कि शहर में सख्ती से प्रतिबंधों को लागू करे और इस मुद्दे पर स्थिति रिपोर्ट तलब की थी।

एनजीटी ने समूचे शहर में विशेषकर होटलों, रेस्तराओं और सार्वजनिक व निजी कार्यक्रमों में डिस्पोजेबल प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक लगाई थी, जबकि दिल्ली सरकार से इस साल एक जनवरी से ऐसी सामग्री के ‘भंडारण, बिक्री व इस्तेमाल’ के खिलाफ समुचित कदम उठाने के लिए कहा था। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने पर सब्जी बेचने वालों और बूचड़खानों को 10,000 रुपए की पर्यावरण क्षतिपूर्ति देनी होगी।

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