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सरकारी स्कूलों में अनिवार्य होगा योग: स्मृति ईरानी

केंद्र सरकार की ओर से संचालित स्कूलों में छठी से 10वीं कक्षा तक योग को अनिवार्य विषय बनाए जाने के साथ ही इसे शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का हिस्सा बनाया जाएगा...
Author June 22, 2015 16:56 pm
स्मृति ईरानी ने यह भी सूचित किया कि 17 जुलाई को एक मोबाइल ऐप शुरू होगा जहां पहली से लेकर 12वीं कक्षा तक की एनसीईआरटी की किताबें मुफ्त डाउनलोड की जा सकेंगी। (फ़ोटो-पीटीआई)

केंद्र सरकार की ओर से संचालित स्कूलों में छठी से 10वीं कक्षा तक योग को अनिवार्य विषय बनाए जाने के साथ ही इसे शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का हिस्सा बनाया जाएगा।

मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने आज कहा कि इसके अलावा अगले साल योग पर एक राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन होगा जिसमें सर्वश्रेष्ठ छात्र को पांच लाख रुपये का नगद इनाम दिया जाएगा।

छात्रों के लिए पाठ्यक्रम सामाग्री जारी करते हुए स्मृति ने कहा कि इस विषय का छात्रों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं होगा क्योंकि 80 फीसदी अंक प्रायोगिक परीक्षाओं के लिए होंगे।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह के एक दिन बाद मंत्री ने कहा, ‘‘मैं छात्रों से आश्वासन चाहती हूं कि वे इसे प्रायोगिक स्तर पर पूरे समर्पण के साथ करेंगे।’’ बाद में संवाददाताओं से बातचीत में स्मृति ने कहा कि पाठ्यक्रम को लेकर फैसला करने के लिए राज्य स्वतंत्र हैं।

अधिकारियों का कहना है कि सीबीएसई ने अपने मान्यताप्राप्त स्कूलों में इसे लागू करने के लिए रणनीति अभी नहीं बनाई है। यह कार्यक्रम केंद्रीय विद्यालयों और जवाहर नवोदय विद्यालयों में अनिवार्य होगा।

शिक्षकों के शिक्षा कार्यक्रम के लिए योग पर प्रशिक्षण माड्यूल के बारे में बात करते हुए स्मृति ने कहा कि इसका मकसद शिक्षकों की फौज तैयार करना है ताकि आने वाले समय की मांगों को पूरा किया जा सके।

इस मौके पर स्मृति ने यह भी सूचित किया कि 17 जुलाई को एक मोबाइल ऐप शुरू होगा जहां पहली से लेकर 12वीं कक्षा तक की एनसीईआरटी की किताबें मुफ्त डाउनलोड की जा सकेंगी।

स्मृति ईरानी ने कहा, ‘‘हमने शिक्षकों के लिए पाठ्यक्रम तैयार किया है। योग शिक्षा में एक डिप्लोमा होगा, योग शिक्षा में स्नातक और योग शिक्षा में स्नातकोत्तर की पढ़ाई भी होगी।’’

राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद ने अपनी संशोधित अधिसूचना में आईसीटी, लिंग अध्ययन और समावेशी शिक्षा के साथ योग को अनिवार्य प्रशिक्षण माड्यूल बनाया है।

आगामी दिसंबर महीने में दिल्ली के कनाट प्लेस (सेंट्रल पार्क) में ‘कला उत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है जहां पूरे देश से आए छात्र जातीय संस्कृति, गीत और नृत्य का प्रदर्शन करेंगे।

मानव संसाधन विकास मंत्री यहां दो दिवसीय राष्ट्रीय योग सम्मेलन में भाग लेने पहुंची थी। इस सम्मेलन में पूरे देश से 500 शिक्षक भाग ले रहे हैं जिनमें दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 200 शिक्षक हैं।

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि स्थानीय सरकार ऐसी योजना पर काम कर रही है जिससे मौजूदा पाठ्यक्रम में 25 फीसदी की कटौती हो जाएगी और इसके स्थान पर योग, संगीत, खेल और रंगमंच जैसे विषयों को जोड़ा जाएगा।

उन्होंने कहा कि जहां तक शिक्षा की बात है तो सभी के बीच ‘असमंजस’ है। सिसोदिया ने कहा, ‘‘अगर आप मुझे आजादी देंगे तो मैं मुख्य पाठ्यक्रम को 50 फीसदी तक कम कर दूंगा। परंतु शुरआत में हमने 25 फीसदी की कटौती करने के लिए एक टीम बनाई है। हम शुरुआती योजना के तौर पर कुछ स्कूलों में इसे करेंगे।’’

दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने स्मृति से आग्रह किया कि वह इस बात का ध्यान रखें कि ऐसे पाठ्यक्रमों में छात्रों को ऐसे अंक सुनिश्चित किए जाए कि वे विषय को महत्वपूर्ण पाएं।

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