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अब तक यमुना की सिर्फ महाआरती

पिछले दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी ने 70 चुनावी घोषणाएं की थीं। उन घोषणाओं को दिल्ली डायलॉग नाम दिया गया था।
Author नई दिल्ली | November 7, 2016 04:04 am
राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान नागपुर ने 2005 की रिपोर्ट में ही कह दिया था, ऊपर से ताजा पानी न मिलने के कारण नदी बड़े क्षेत्र में मौत की कगार पर पहुंच चुकी है। (file photo)

यमुना नदी को दिल्ली की जीवनरेखा मानने वाली और उसे गंदगी से मुक्त करवाने का वादा करने वाली राजधानी की आम आदमी पार्टी और उसकी सरकार ने बीते दो साल में उसे लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। पिछली एक नवंबर को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यमुना के घाट पर जाकर उसकी आरती की और उसे आगामी दो साल के भीतर साफ करवाने की भी घोषणा कर दी है। केजरीवाल ने इसकी सफाई को लेकर एक प्राधिकरण बनाने का भी एलान किया। लेकिन सूचना के अधिकार से पता चला है कि अब तक दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने इसकी सफाई को लेकर पिछले एक साल के भीतर परामर्श को लेकर ही लाखों रुपए बहा दिए हैं।

पिछले दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी ने 70 चुनावी घोषणाएं की थीं। उन घोषणाओं को दिल्ली डायलॉग नाम दिया गया था। उन घोषणाओं में 15वें नंबर की घोषणा यमुना के कायाकल्प करने की थी। पार्टी ने यमुना को दिल्ली की जीवनरेखा बताया और इसकी सौ फीसद सफाई करवाने की घोषणा की। आप ने यह भी आश्वासन दिया था कि यमुना में जो गंदे नालों का पानी गिरता है, उसपर रोक लगाई जाएगी और यमुना को साफ करने को लेकर नए जलशोधन संयंत्र लगाए जाएंगे। यमुना में उद्योगों का जो गंदा पानी गिरता है, उस पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। आम आदमी पार्टी की सरकार जब सत्ता में आई, तो सरकार ने अपनी चुनावी घोषणाओं को अमल में लाने के लिए दिल्ली डायलॉग आयोग का गठन किया। आशीष खेतान को इसका उपाध्यक्ष बनाया गया। उस आयोग और दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने पिछले दो साल में यमुना के कायाकल्प करने के नाम पर सिर्फ एक महाआरती की और उसी दौरान उसकी सफाई को लेकर आगे की नई घोषणाएं कर दी हैं। पिछले पौने दो साल में यमुना की सफाई को लेकर केजरीवाल सरकार ने क्या कदम उठाए हैं, उसका खुलासा आरटीआइ से मिले जवाब करते हैं।

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यमुना की सफाई पर दिल्ली जलबोर्ड के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर वीके गुप्ता ने 7 सितंबर 2016 को जवाब दिया है। यह विभाग दिल्ली सरकार बाकी के मंत्री कपिल मिश्र के अधीन आता है। इसने अपने जवाब में कहा कि दिल्ली जलबोर्ड यमुना नदी की सफाई के लिए सामान्यत: कोई कार्य नहीं करता है, लेकिन यमुना एक्शन प्लान-111 (वाईएपी) के तहत कई कार्य प्रस्तावित हैं, जिनसे नदी के पानी की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा। इन कार्यों में ओखला पर 564 एमएलडी क्षमता के सीवेज उपचार सयंत्र का निर्माण, कोंडली क्षेत्र में ट्रंक सीवर नंबर 4 और 5 का जीर्णोद्धार , कोंडली सीवेज उपचार सयंत्र का जीर्णोद्धार, कोंडली में 800 से 1000 किलोमीटर व्यास की सीवर लाइन का जीर्णोद्धार, अशोक विहार व जहांगीरपुरी में सीवर लाइन का जीर्णोद्धार, भारत नगर पंपिंग स्टेशन के 1100 मिलीलीटर व्यास की सीवर राइजिंग मेन का जीर्णोद्धार, रिठाला फेज 1 सीवेज उपचार सयंत्र का जीर्णोद्धार किया जाएगा।

 

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