December 11, 2016

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स्वराज इंडिया ने किया दावा अरविंद केजरीवाल सरकार की मिलीभगत से दिल्ली में चल रहा है ऑटो घोटाला

स्वराज इंडिया के प्रवक्ता ने आगे कहा कि इतना ही नहीं, इस गोरखधंधे को अंजाम देने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक के आदेश का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है।

Author नई दिल्ली | November 30, 2016 10:43 am
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल। (फाइल फोटो)

स्वराज इंडिया ने मंगलवार को दावा किया कि वित्त माफिया (फाईनेंसर) और सरकार की साठगांठ से आॅटो दोगुनी कीमत पर बेचे जा रहे हैं। पार्टी के मुताबिक, दिल्ली में 1.85 लाख का आॅटो गरीब आॅटो चालक को 4.50 लाख रुपए में बेचा जा रहा है। पार्टी ने इस मामले में मुख्यमंत्री से सफाई देने और सीबीआइ जांच कराने की मांग की है।  पार्टी ने इस बाबत बुलाई प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन करते हुए आॅटो परमिट की खरीद-फरोख्त धड़ल्ले से जारी है। दिल्ली सरकार की नाक के नीचे चल रहे इस बड़े घोटाले का पर्दाफाश करते हुए स्वराज इंडिया ने घोटाले से संबंधित कागजात पेश किए। पार्टी ने दावा किया कि असल कीमत से दुगने से भी ज्यादा पैसों में आॅटो मिलने का कारण दिल्ली सरकार और फाइनेंस माफिया के बीच मोटी कमाई के लिए साठगांठ है।

पार्टी प्रवक्ता अनुपम ने कहा कि जिनके समर्थन से आम आदमी पार्टी आज सत्ता में बैठी है, वही लोग छले जा रहे हैं। फाइनेंस माफिया और दिल्ली सरकार के गठजोड़ से सबसे पहले किसी पुराने आॅटो को किसी और के लाइसेंस बैज के नाम किया जाता है। फिर उस पुराने आॅटो को स्कै्रप कराके स्कै्रपिंग सर्टिफिकेट लिया जाता है। इसके बाद परिवहन विभाग नो ड्यू सर्टिफिकेट देता है। इसके बदले नया आॅटो खरीदने के लिए दिल्ली सरकार के ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी की मिलीभगत से एलओआइ (लेटर आॅफ इंटेंट) जारी करवा दिया जाता है और कानून की आंखों में धूल झोंकते हुए, सभी नियमों और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को धता बताते हुए गरीब आॅटो चालक को नया आॅटो फाइनेंस करा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में हर कदम पर दिल्ली परिवहन विभाग के अधिकारियों की साठगांठ होती है। दिल्ली में लगभग सभी आॅटो फाइनेंस पर ही बिकते हैं। इस पूरे गोरखधंधे में फाइनेंसर की मुख्य भूमिका होती है जो सरकारी अधिकारियों, नेता, मंत्री से साठगांठ करके आॅटो चालक का शोषण करता है।

पार्टी प्रवक्ता ने आगे कहा कि इतना ही नहीं, इस गोरखधंधे को अंजाम देने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक के आदेश का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। अदालत ने किसी भी रूप में परमिट की खरीद-बिक्री को निषेध करार दिया है और कहा है कि ऐसा करते पाए जाने पर परमिट रद्द कर दिया जाएगा, साथ ही ऐसा करने वाले पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन दिल्ली सरकार और फाइनेंस माफिया की मिलीभगत से सरेआम परमिट की ट्रेडिंग हो रही है। आॅटो रिप्लेसमेंट स्कीम की आड़ में हो रहे इस घोटाले के कारण 1.85 लाख रुपए के नए आॅटो की कीमत दिल्ली में 4.50 लाख से 4.70 लाख रुपए कर दी गई है।

पार्टी ने इस आॅटो घोटाले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को घेरते हुए उनसे सफाई मांगी है। स्वराज इंडिया अध्यक्ष मंडल के सदस्य पुरुषोत्तम ने इस मौके पर कहा कि दिल्ली में हर आॅटो की खरीद में 2.65 लाख से 2.85 लाख रुपए के कालेधन का लेन-देन हो रहा है। वकील सुशील कुमार ने कहा कि आॅटो चालकों का यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट में विचाराधीन है जिसकी अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होनी है। दिल्ली सरकार आॅटो घोटाले पर सीबीआइ जांच भी करवाएगी? वहीं स्वराज इंडिया ने मांग की है कि आॅटो घोटाले की सीबीआइ जांच हो और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही 324 आॅटो चालकों की गाड़ियों का तुरंत पंजीकरण किया जाए।

 

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First Published on November 30, 2016 4:47 am

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