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खिड़की एक्सटेंशन : सोमनाथ भारती के खिलाफ पूरक आरोपपत्र

दिल्ली पुलिस ने मध्यरात्रि में छापे के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक सोमनाथ भारती के खिलाफ एक स्थानीय अदालत में नयी शिकायत दर्ज कराके आरोप लगाया कि उन्होंने लोक सेवकों को उनके कर्तव्य का निर्वाह करने से कथित रूप से रोका।
Author नई दिल्ली | October 4, 2015 08:50 am
दिल्ली पुलिस ने मध्यरात्रि में छापे के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक सोमनाथ भारती के खिलाफ एक स्थानीय अदालत में नयी शिकायत दर्ज कराके आरोप लगाया कि उन्होंने लोक सेवकों को उनके कर्तव्य का निर्वाह करने से कथित रूप से रोका।

अरविंद केजरीवाल की ओर से आम आदमी पार्टी (आप) के नेता व पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती पर मुकदमा चलाने की मंजूरी मिलने के बाद पुलिस ने आधी रात की छापेमारी व कथित छेड़खानी के मामले में कड़ा रुख अख्तियार किया है। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को उनके खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया।

मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अंकिता लाल के सामने दायर पूरक अंतिम रिपोर्ट में पुलिस ने अदालत से कहा कि भारती के खिलाफ अभियोजन संबंधी मंजूरी सक्षम प्राधिकार से मिल गई है। 22 पन्नों की इस रिपोर्ट में पुलिस ने फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट भी लगाई है और एफएसएल निदेशक व एक वैज्ञानिक को गवाह बनाया है। भारती अभी पत्नी लिपिका मित्रा के साथ घरेलू हिंसा के मामले में पुलिस हिरासत में हैं। अदालत ने भारती के खिलाफ जांच अधिकारी विजय चंदेल की ओर से दाखिल इस रिपोर्ट पर विचार करने के लिए 30 अक्तूबर की तारीख तय की।

अदालत ने 16 जनवरी को पुलिस उपायुक्त को नोटिस जारी किया था और भारती के खिलाफ अभियोजन के लिए जल्द मंजूरी लेने को कहा था। अदालत ने पुलिस से कहा था कि मामले में आगे की कार्यवाही के लिए भारती के खिलाफ सक्षम अधिकारी से मंजूरी लें, क्योंकि निर्वाचित प्रतिनिधि और संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए यह कानूनन जरूरी प्रक्रिया है। उस समय भारती तत्कालीन आप सरकार में कानून मंत्री थे। इस पर पुलिस ने कहा कि उसे मंजूरी मिल गई है। जनवरी, 2014 में खिड़की एक्सटेंशन इलाके में छापे की कार्रवाई की अगुआई करने के मामले में भारती पर मुकदमे के लिए उपराज्यपाल नजीब जंग की मंजूरी को दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने पिछले महीने अधिसूचित कर दिया।

पिछले साल सितंबर में दायर आरोपपत्र में पुलिस ने कहा था कि खिड़की एक्सटेंशन इलाके में भारती के नेतृत्व में नौ अफ्रीकी महिलाएं भीड़ के छेड़छाड़ करने और हाथापाई की शिकार हुई थीं। तब पुलिस ने इस मामले की और जांच करने के भारती के अनुरोध पर सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट दाखिल की थी। पिछले साल 27 सितंबर को दाखिल आरोपपत्र में दिल्ली पुलिस ने कहा था कि नौ अफ्रीकी महिलाएं तत्कालीन कानून मंत्री सोमनाथ भारती की अगुआई में आई भीड़ के हाथों छेड़खानी व दुर्व्यवहार की शिकार बनीं। आरोपपत्र में भारती और 17 अन्य पर भादंसं की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने युगांडा की नौ महिलाओं समेत 41 लोगों को इस मामले में गवाह बनाया है।

पिछले साल 15-16 जनवरी की दरम्यानी रात को भारती की अगुआई में आई भीड़ ने इन महिलाओं से कथित तौर पर छेड़खानी व दुर्व्यवहार किया था। आरोपपत्र में पुलिस ने कहा था कि पीड़िताओं के मूत्र नमूने की फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है लेकिन एम्स में लगे सीसीटीवी कैमरे की वीडियो फुटेज और न्यूज चैनलों के फुटेज संबंधी रिपोर्ट मिल गई है। पीड़िताओं को मेडिकल चेकअप के लिए एम्स ले जा गया था। अदालत के आदेश पर पिछले साल 19 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उससे पहले युगांडा की एक महिला पुलिस को अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश देने की मांग करते हुए अदालत पहुंची थी।

बाद में एक अन्य अफ्रीकी महिला अलग से प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए अदालत पहुंची थी। उसने आरोप लगाया था कि भीड़ ने उससे भी छेड़खानी की थी। अदालत ने पिछले साल 29 जनवरी को पुलिस से स्थिति रिपोर्ट देने को कहा था लेकिन पृथक प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश देने से इनकार कर दिया था। लेकिन अदालत ने पुलिस से दूसरी महिला को पहली प्राथमिकी में सह शिकायतकर्ता बनाने को कहा था क्योंकि वह भी इस घटना की शिकार बनी थी।

22 पन्नों की इस पूरक अंतिम रिपोर्ट में में पुलिस ने फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट भी लगाई है और एफएसएल निदेशक व एक वैज्ञानिक को गवाह बनाया है।

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