December 09, 2016

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घाटे को भांप पुराने नोट भी स्वीकारे, आयुर्वेदिक और खादी उत्पादों को मेले में मिले रहे हर उम्र के कद्रदान

घाटे की आशंका से दिल्ली में चल रहे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले के कई पैवेलियनों में स्टॉल लगाने वालों ने अब खरीदारों से पुरानी करंसी लेनी शुरू कर दी है।

दुकानदार सामान बेचते हुए।

नोटबंदी के कारण घाटे की आशंका से दिल्ली में चल रहे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले के कई पैवेलियनों में स्टॉल लगाने वालों ने अब खरीदारों से पुरानी करंसी लेनी शुरू कर दी है। मेला आयोजकों ने हालांकि मोबाइल एटीएम की संख्या 2 से बढ़ाकर 18 कर दी है, फिर भी नई करंसी लेने वालों की मेले में भीड़ खत्म नहीं हो रही है। इससे निपटने के लिए दिल्ली के प्रगति मैदान में 14 नवंबर से शुरू हुए मेले में हिस्सा ले रहे 7000 से अधिक कारोबारी इसकी काट के तौर पर पेटीएम, कार्ड स्वाइप की सुविधाओं को अपना रहे हैं। नकदी की किल्लत को देखते हुए एसबीआइ ने कार्ड स्वाइप की सुविधा देने के लिए एक स्टॉल बनाया है जहां कारोबारी कार्ड स्वाइप मशीन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

किसी समय खादी और उसके उत्पादों से किनारा करने वाले लोगों में अब खादी उत्पादों के प्रति विशेष रुझान देखा जा सकता है। खादी पैवेलियन में रोजाना 20 से 25 हजार दर्शक आ रहे हैं। प्रगति मैदान में फुलवारी हॉल के सामने खादी के एक अलग पैवेलियन के करीब 200 स्टालों पर 1200 के करीब खादी के उत्पाद हैं। इस पैवेलियन में मुख्य आकर्षण हाथ से बने उत्पाद, खादी के विभिन्न परिधान, उत्तर पूर्व की वस्तुएं व जम्मू कश्मीर की ऊनी खादी है। पैवेलियन चरखे और करघे पर खादी कैसे बनता है, इसका विशेष प्रदर्शन दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना है। खादी पैवेलियन में एक कारीगर चरखे के जरिए कातने का काम करता है और तीन मौके पर ही खादी के वस्त्र बनाने की विधि लोगों को समझाते हैं। वहीं एक कुम्हार पैवेलियन में मिट्टी के बर्तन बनाने की विधि लोगों को समझा रहा है। खादी पैवेलियन में हाथ कागज के बनाने की विधि, पौली खादी की कताई-बुनाई के लिए चरखा, और हथकरघा व हीरा एवं अन्य आभूषणों की कताई, बुनाई के लिए मशीन, उपकरण, आदि प्रदर्शित किए किए गए हैं।

यहां पर कसीदाकारी, लेडिज सूट, आयुर्वेदिक दवाएं, सूती खादी, रेशमी वस्त्र, साड़ियां, ऊनी शॉल, चादर, कोट आदि की भी अच्छी बिक्री हो रही है। खादी पैवेलियन में आने वाले युवा दर्शकों के लिए विचार वस्त्र और फैशन डिजाइनर रितु बेरी की और से डिजाइन किए गए वस्त्र आकर्षण का केंद्र हैं। विचार वस्त्र में खादी का कुर्ता है, जिसकी काफी बिक्री हो रही है। खादी के नए डिजाइन के वस्त्र नई पीढ़ी को लुभा रहे हैं। खादी और ग्रामोद्योग आयोग के निदेशक भाटी ने बताया कि इन दिनों पर्यावरणीय प्रदूषण दुनिया में एक प्रमुख समस्या है। हर उद्योग जो उत्पादन में लगे हैं वे किसी न किसी तरह से पर्यावरण प्रदूषण फैला रहे हैं। जबकि हस्तनिर्मित कागज उद्योग पुनर्वीनीकरण के उपयोग से देश और विदेश में व्यापार करने की अपार संभावनाएं हैं। खादी के कागज का निर्यात विदेशों में किया जा रहा है।

व्यापार मेले में जड़ी-बूटी से बने उत्पादों व सौंदर्य प्रसाधनों के स्टॉलों पर भी दर्शकों की भीड़ देखी जा सकती है। इस साल मेले में कई कंपनियां विभिन्न स्तर के हर्बल उत्पादों को लेकर आई हैं। स्टॉलों में महिलाओं में जड़ी-बूटी के सौंदर्य प्रसाधनों और बुजुर्गों में हर्बल की औषधियों के प्रति दिलचस्पी देखी जा सकती है। आंध्रप्रदेश के पैवेलियन में हर्बल दवाओं की जानकारी ले रहे दिल्ली के उत्तम नगर के राजकुमार ने कहा कि अब वे हर्बल उत्पाद ही इस्तेमाल करना चाहते हैं। एलोवीरा युक्त जैली, मॉइश्चराइजर, हेयर कंडीशनर, साबुन और बालों में लगाने वाला तेल, फेस पैक और टूथपेस्ट लोगों का आकर्षण बने हुए हैं। मेले के दौरान स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर कोई भी 102 नंबर पर फोन कर चिकित्सा सुविधा प्राप्त कर सकता है।

व्यापार मेले में महंगे पेय पदार्थों के बीच 10 रुपए खर्च कर ‘मोदी चाय’ की चुस्की भी ली जा सकती है। मेले में मोदी चाय बेचने वाले एक युवक लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए आवाज लगाता है कि उनकी चाय अदरक से बनी उतनी ही कड़क है, जितने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने फैसलों के लिए कड़क हैं। मेले में आयकर संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए भी स्टॉल हैं। आयकर विभाग में सहायक आयकर आयुक्त राजेश रैना ने बताया कि लोगों के पास पैन संबंधी कोई सवाल या आयकर जमा करने संबंधी कोई प्रश्न हो तो वे यहां उनका समाधान करेंगे। इस मंच के माध्यम से वे लोगों को जागरूक करना चाहते हैं कि आयकर भरना बहुत जरूरी है क्योंकि इसका सीधा संबंध देश के विकास से है।

 

 

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First Published on November 24, 2016 3:47 am

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