December 09, 2016

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नीति पर राजनीति कभी हावी नहीं होनी चाहिए: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 बैच के आइएएस अधिकारियों से मुलाकात के दौरान गुरुवार को संदेश दिया कि नीति पर राजनीति कभी हावी नहीं होनी चाहिए।

Author नई दिल्ली | October 28, 2016 01:05 am
New Delhi:Prime Minister Narendra Modi addresses the concluding session of “Global Conference on National Initiative towards Strengthening Arbitration and Enforcement in India” in New Delhi on Sunday. PTI Photo by Atul Yadav (PTI10_23_2016_000068A)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 बैच के आइएएस अधिकारियों से मुलाकात के दौरान गुरुवार को संदेश दिया कि नीति पर राजनीति कभी हावी नहीं होनी चाहिए। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से अपील की कि वे टीम की तरह काम करने की भावना अपने भीतर जगाएं और यथास्थिति खत्म करने की दिशा में काम करें, चाहे वे किसी भी पद पर क्यों न काम कर रहे हों। बयान के मुताबिक नीति पर राजनीति कभी हावी नहीं होने देने की अपील करते हुए प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे फैसले लेने में अपनी मदद की खातिर दो कसौटियों का इस्तेमाल करें- एक तो यह कि फैसले कभी राष्ट्रहित के खिलाफ नहीं होने चाहिए और एक यह कि फैसलों से सबसे गरीब व्यक्ति को नुकसान नहीं होना चाहिए। केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में सहायक सचिवों के तौर पर तीन महीने का प्रशिक्षण पूरा करने वाले इन आइएएस अधिकारियों ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी), स्वच्छ भारत, ई-कोर्ट, पर्यटन, स्वास्थ्य और शासन में उपग्रहों के अनुप्रयोग जैसे विभिन्न विषयों पर मोदी के सामने आठ प्रस्तुतियां दीं।

 


प्रधानमंत्री ने इन विषयों पर काफी गहराई से प्रस्तुति देने को लेकर युवा अधिकारियों की तारीफ की। पीएमओ के बयान के मुताबिक, मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार में सहायक सचिवों के तौर पर आइएएस अधिकारियों की तैनाती एक ऐसी व्यवस्था के तौर पर सुझाई गई थी, जिससे युवावस्था व अनुभव के मेल से सर्वश्रेष्ठ नतीजा सामने आए। मोदी ने युवा अधिकारियों से कहा कि आज जैसे नतीजे पेश किए गए, उससे उन्हें संतुष्टि मिली कि उनका सपना साकार होने की ओर बढ़ रहा है। मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी से फाउंडेशन कोर्स पूरा करने के बाद इन अधिकारियों ने खुद को आबंटित कैडर राज्यों में सेवाएं देने के बजाय एक अगस्त से केंद्र सरकार के 58 विभागों में सहायक सचिवों के तौर पर काम करना शुरू किया था।

इन अधिकारियों को संबंधित मंत्रालयों व विभागों की नीतियों व महत्त्वाकांक्षी कार्यक्रमों से जुड़े अहम डेस्कों पर काम सौंपा गया था। सचिव स्तर के अधिकारियों के मार्गदर्शन में इन अधिकारियों ने सहायक सचिवों के तौर पर अपनी सेवाएं दीं। केंद्र सरकार में सहायक सचिवों के तौर पर अपने करिअर की शुरुआत करने वाला यह आइएएस अधिकारियों का दूसरा बैच था। कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक केंद्र सरकार में अपनी तीन महीने की तैनाती के दौरान उन्हें केंद्र सरकार के कामकाज की समग्र रूपरेखा से अवगत कराया गया। बहरहाल, उन्होंने पहले दिन से ही अपने दफ्तर का काम शुरू कर दिया और अपने डेस्क से जुड़ी फाइलों का निपटारा किया। बयान के मुताबिक, इस पहल का मकसद अपने करिअर के बहुत शुरुआती चरण में ही आइएएस अधिकारियों को भारत सरकार के कामकाज से परिचित कराना है।

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First Published on October 28, 2016 1:05 am

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