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टैंकर घोटाला राजनीति से प्रेरित: शीला दीक्षित

केंद्र और उपराज्यपाल के साथ केजरीवाल सरकार के लगातार टकराव की स्थिति पर शीला ने कहा कि अगर जनता के लिए काम करना है तो साथ मिलकर करना होगा।
Author नई दिल्ली | July 6, 2016 01:00 am
कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को यूपी चुनाव के लिए मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है।

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने 400 करोड़ रुपए के टैंकर घोटाले को राजनीति से प्रेरित बताया है। वहीं दिल्ली के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार की सीबीआइ द्वारा गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा कि जांच एजंसी ने किसी सूचना के आधार पर ही यह निर्णय लिया होगा, इसके पीछे कोई राजनीतिक मंशा नहीं दिखती। केजरीवाल सरकार पर धीमे कामकाज का आरोप लगाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर बिना सोचे-समझे प्रतिक्रिया जताती है।

मंगलवार (5 जुलाई) को एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए शीला दीक्षित ने विश्वास जताया कि वह टैंकर घोटाले के आरोपों से बेदाग बरी हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है। हालांकि, केजरीवाल के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार की गिरफ्तारी के मुद्दे पर शीला ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इसके पीछे कोई राजनीतिक मंशा है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में भी राजेंद्र कुमार अधिकारी थे, लेकिन तब कोई शिकायत नहीं आई थी।

केजरीवाल सरकार के बीत एक साल के कामकाज पर टिप्पणी करते हुए शीला दीक्षित ने कहा उनकी सरकार की तुलना में मौजूदा सरकार के कामकाज में गिरावट आई है। सरकार केवल घोषणाएं करती है, उन्हें पूरा नहीं करती। लगातार तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रह चुकीं दीक्षित ने कहा कि केजरीवाल सरकार हर मुद्दे पर बिना सोचे-समझे प्रतिक्रिया देती है और फैसला लेती है।

केंद्र और उपराज्यपाल के साथ लगातार टकराव की स्थिति पर शीला ने कहा कि अगर जनता के लिए काम करना है तो साथ मिलकर करना होगा। राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह रुकावटों को दूर कर जनता के लिए काम करे। दिल्ली सरकार के अधिकारियों के तबादले के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पहले भी ऐसा होता आया है क्योंकि दिल्ली राजधानी है, लेकिन उनके दौर में चीजें सौहार्दपूर्ण तरीके से निपट जाती थीं।

शीला दीक्षित ने कहा कि उन्होंने भी केंद्र की सहमति से तीन संसदीय सचिव नियुक्त किए थे, लेकिन 70 विधायकों पर 21 संसदीय सचिवों की नियुक्ति कहीं भी अनुपात में नहीं बैठती। शीला दीक्षित ने कहा कि अगर दिल्ली में उपचुनाव की स्थिति पैदा होती है तो उनकी पार्टी पूरी तरह से तैयार है। मोदी सरकार पर टिप्पणी करते हुए शीला दीक्षित ने कहा कि शब्द अच्छे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर काम नहीं हो रहा है।

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