December 02, 2016

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दिल्ली सरकार के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र तोमर के खिलाफ आरोप पत्र दायर करेगी दिल्ली पुलिस

तोमर की विज्ञान स्नातक की डिग्री फर्जी पाई गई है। स्नातक की डिग्री तोमर ने अवध विश्वविद्यालय फैजबाद से हासिल की थी।

Author भागलपुर | November 24, 2016 04:17 am
दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर ।

दिल्ली सरकार के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर डिग्री मामले में दिल्ली पुलिस दो दिनों से तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में सुराग तलाश रही है। पुलिस ने बुधवार को कुलसचिव डा. आशुतोष प्रसाद के दफ्तर में दो घंटे तक जानकारी हासिल करती रही। 2004 से 2016 के परीक्षा नियंत्रक रहे अधिकारियों के नामों की सूची हासिल की। प्रति कुलपति अवध किशोर राय और आखिरी में कुलपति से मुलाकात की। इसके बाद पुलिस के जल्द तोमर के खिलाफ आरोप पत्र दायर करने के संकेत मिल रहे हैं।  कुलसचिव डा. आशुतोष प्रसाद ने बताया कि इस मामले में परीक्षा नियंत्रक गुलाम मुस्तफा से विश्वविद्यालय गेस्ट हाउस में गहन पूछताछ की है। ऐसे संकेत मिल रहे है कि दिल्ली पुलिस तोमर के खिलाफ आरोप पत्र दायर कर सकती है।

हौजखास थाना के एसएचओ सतिंदर सांगवान ने भी ऐसे संकेत दी है। उन्होंने बताया कि तोमर की विज्ञान स्नातक की डिग्री फर्जी पाई गई है। स्नातक की डिग्री तोमर ने अवध विश्वविद्यालय फैजबाद से हासिल की थी। माइग्रेशन सर्टिफिकेट बुंदेलखंड विश्वविद्यालय का जमा किया, जो फर्जी है। तोमर ने कभी यहां परीक्षा नहीं दी है। उनके बदले किसी और ने परीक्षा में दी थी। यह बात तोमर के दस्तखत और लिखावट के मिलान से जाहिर है। परीक्षा की कॉपी से उसकी लिखावट मेल नहीं खाती। इस गोरखधंधे में विश्वविद्यालय और मुंगेर की कानून कालेज के 14 कर्मचारी और अधिकारी की मिली भगत जाहिर हुई है। विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच समिति ने भी ऐसे कर्मचारियों को दोषी ठहराया है।

सांगवान के मुताबिक इन 14 के साथ-साथ पांच कर्मचारी और अधिकारी शामिल है। पुलिस की जांच में पाया है। जिनमें मुंगेर की कानून कालेज का हेड क्लर्क कृष्णनंदन मुख्य है। 1994 से लेकर अब तक जो-जो परीक्षा नियंत्रक रहे है। वे सभी शक के दायरे में है। दिल्ली पुलिस ने कुलसचिव को 75 पेज की अब तक की जांच का कवर नोट बुधवार को सौंपा है और करीब साढ़े दस हजार पन्ने का आरोप पत्र तैयार कर चुकी है। आरोप पत्र अदालत में दायर होते ही विश्वविद्यालय के 19 अधिकारी और कर्मचारी दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में होंगे। एसएचओ का कहना है कि इन दोषियों की जायजाद का भी आकलन कर लिया है। तोमर ने 1994-1998 सत्र में मुंगेर के विश्वनाथ सिंह आॅफ लीगल स्टडीज में दाखिला लिया था। तोमर ने कभी क्लास नहीं की। भागलपुर विश्वविद्यालय के अधिकारी रहे गुलाम मुस्तफा 1997 में परीक्षा नियंत्रक थे। 2001 में कुलसचिव थे। इसी साल तोमर को प्रोविजनल सर्टिफिकेट जारी किया गया था।

 

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First Published on November 24, 2016 4:17 am

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