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केजरीवाल ने मोदी पर लगाया काम में अड़चन डालने का आरोप, कहा- एलजी के कंधों पर बंदूक रखकर चलाते हैं

अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके लिखा कि एलजी और मोदी सरकार दिल्ली सरकार के काम में दखल दे रही है।
Author नई दिल्ली | June 2, 2016 21:59 pm
अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके लिखा कि एलजी और मोदी सरकार दिल्ली सरकार के काम में दखल दे रही है।

पीएम मोदी और लेफ्टिनेंट गवर्नर नजीब जंग पर गुरूवार को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर हमला बोला। केजरीवाल ने उनपर दिल्ली सरकार के काम में अड़चन डालने का आरोप लगाया। विपक्षी नेता विजेंद्र गुप्ता द्वारा दायर की गई शिकायत पर एंटी क्रप्शन ब्रांच ने ऐप बेस प्रीमियम बस सर्विस के खिलाफ जांच शुरू की है। आरोप है कि आप सरकार ने गुड़गांव की बस सर्विस को फायदा पहुंचाने के लिए यह स्कीम लॉन्च की है।

अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके लिखा कि एलजी और मोदी सरकार दिल्ली सरकार के काम में दखल दे रही है। मोदीजी एलजी के कंधे पर रख कर बंदूक चलाते हैं। इस स्कीम के तहत बसों का पंजीकरण किया जा रहा है। इस स्कीम में लोग बस में अपनी सीट ऐप के माध्यम से बुक करा सकते हैं। सिर्फ एसी बसे ही इस स्कीम में चलेंगी। दिल्ली सरकार से लाइसेंस पाने के लिए बस मालिक को कम से कम 50 वाहन चलाने पड़ेंगे।

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  1. I
    Insaan
    Jun 3, 2016 at 2:02 am
    ओ दिल्ली वालो, मैंने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है कि तुम मुझे मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल जैसी भारी भरकम सजा दे रहे हो| मुझे याद है कि सामान्य शासकीय उपलब्धियों में तीव्र अभाव के होते हम सब ने मिल फिरंगी के प्रतिनिधि कार्यवाहक कांग्रेस राज में कई दशकों कठिनाइयां ीं हैं| कांग्रेस को दिल्ली से खदेड़ा तो केंद्र में राष्ट्रीय शासन के होते तुम यह क्या अपने ऊपर नया बखेड़ा ले आए हो?
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    1. I
      Insaan
      Jun 3, 2016 at 2:03 am
      दिल्ली में काम वाम से नाता तोड़ यह महाशय जी राष्ट्रवादी मोदी जी के पीछे लगे हैं और इसकी तुम्हें कतई भान नहीं है| आरम्भ में मैंने सोचा था कि विपक्ष में बैठ आआपा और भाजपा मिल दिल्लीवासियों के लिए विकास और व्यवस्था को ऊंचे स्तर पर ले जाएंगे और इस प्रकार उनका जीवन इक्कीसवीं सदी की उपलब्धियों से परिपूर्ण होगा|
      Reply
      1. I
        Insaan
        Jun 3, 2016 at 12:37 pm
        न वे स्वयं खाएंगे और न ही राष्ट्रद्रोहियों को खाने देंगे तो नरेन्द्र मोदी ऐसी स्थिति को बीच चौराहे गाली-गलौच द्वारा नहीं बल्कि निष्कपट न्याय प्रणाली के माध्यम से नियंत्रित करना चाहेंगे| ऐसे में अरविन्द केजरीवाल को प्रधान मंत्री का अनादर करते नहीं, धैर्य से काम लेना चाहिये|
        Reply
        1. I
          Insaan
          Jun 3, 2016 at 2:10 am
          बीजेपी को नेतृत्व देते श्री नरेन्द्र मोदी के अधीन राष्ट्रीय राजनीतिक दल में महत्वपूर्ण परिवर्तन को तुम लोग नहीं पहचान सके अन्यथा मैं ऐसा मानता हूँ कि यह सब जानते हुए भी तुमने कांग्रेस के लिए अपने अप्रत्यक्ष प्रेम को दिखाया है| आज स्थिति यह है कि कांग्रेस की भांति श्री अरविन्द केजरीवाल राष्ट्रवादी प्रधान मंत्री जी की निंदा किये जा रहे हैं|
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          1. I
            Insaan
            Jun 3, 2016 at 2:12 am
            यदि अच्छे नागरिक की मर्यादा में हम अपने प्रधान मंत्री का सम्मान कर उन्हें अपना समर्थन व अपना योगदान नहीं देंगे तो अवश्य ही हम अपने को देशद्रोहियों की कतार में खड़ा पाएंगे| मैं चाहूँगा कि यदि तुम दिल्लीवासी देश का भला चाहते हो तो आआपा को पत्राचार द्वारा उनके निंदनीय व्यवहार से दूर रहते उन्हें दिल्ली के प्रशासन में अपनी ऊर्जा और ध्यान लगाने के लिए कहें|
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            1. I
              Insaan
              Jun 3, 2016 at 2:05 am
              लेकिन भ्रष्टाचार की जननी कांग्रेस के साथ सांठ गाँठ से शासन में आ आआपा ने मानो मृत्यु-शय्या पर पड़ी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पुनरुत्थान कर दिल्लीवासियों के साथ विश्वासघात किया है| दूसरी बार जब तुम दिल्ली वालों ने आआपा को पूर्ण बहुमत दे शासन में बिठाया है तो अवश्य ही तुमने ऐसा केवल बीजेपी के विरोध में किया है|
              Reply
              1. I
                Insaan
                Jun 3, 2016 at 2:12 am
                वहां राष्ट्रद्रोही परिस्थितियों से स्वयं अपनी निराशा के कारण मैंने दिल्ली में पाँव न रखने की सौगंध खाई है इस पर भी मैं दिल्लीवासियों का भला सोचता हूँ और श्री प्रभु जी से प्रार्थना करता हूँ कि वहां लोगों को सम्मति और विवेक प्रदान करे|
                Reply
                1. I
                  Insaan
                  Jun 3, 2016 at 12:01 pm
                  वैसे भी मोदी-विरोधियों के साथ जूझने के लिए तनाव-मुक्त (loose) स्वभाव की बहुत आवश्यकता है ताकि भोंकते कुत्तों के बीच गजराज एकाग्रचित सभी काम ठीक प्रकार करते रहें और सभी भारतीय नागरिक सशक्त व समृद्ध भारत में आत्म-सम्मान एवं आत्म-विश्वास के साथ जी सकें|
                  Reply
                  1. J
                    jai prakash
                    Jun 3, 2016 at 4:51 am
                    ये काम धाम को कुछ करता नही फालतू की बाते साले से करबा लो नाचे न आबे आँगन टेढ़ा
                    Reply
                    1. N
                      Nagender Parjapat Nonu
                      Jun 3, 2016 at 12:31 pm
                      केन्दर् सरकार ने पहले ही दिल्ली सरकार के 14 बिल रोक रखे ह।क्या दिल्ली वालो ने बीजेपी को वोट नही किया था लोकसभा में।फिर बिल पास क्यों नही होने देते।बिल पास करो फिर देखेंगे मोदी में दम ह या केजरीवाल में।
                      Reply
                      1. I
                        Insaan
                        Jun 3, 2016 at 1:14 pm
                        ऐसी स्थिति को बीच चौराहे गाली-गलौच द्वारा नहीं बल्कि निष्कपट न्याय प्रणाली के माध्यम से नियंत्रित करना चाहिए| ऐसे में अरविन्द केजरीवाल को प्रधान मंत्री का अनादर करते नहीं, धैर्य से काम लेना चाहिये| एक बात समझ में क्यों नहीं आती कि यदि सभी राजनीतिज्ञ भारत और भारतवासियों का भला चाहते हैं तो वे प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके नेतृत्व में राष्ट्रीय शासन का विरोध क्यों करते हैं?
                        Reply
                      2. N
                        Nagender Parjapat Nonu
                        Jun 3, 2016 at 12:27 pm
                        बीजेपी कॉग्रेस को डर ह अगर केजरीवाल को काम करने से नही रोका गया तो ।जनता में ये उनका रायता फेला देगा
                        Reply
                        1. I
                          Insaan
                          Jun 3, 2016 at 1:14 pm
                          ऐसी स्थिति को बीच चौराहे गाली-गलौच द्वारा नहीं बल्कि निष्कपट न्याय प्रणाली के माध्यम से नियंत्रित करना चाहिए| ऐसे में अरविन्द केजरीवाल को प्रधान मंत्री का अनादर करते नहीं, धैर्य से काम लेना चाहिये| एक बात समझ में क्यों नहीं आती कि यदि सभी राजनीतिज्ञ भारत और भारतवासियों का भला चाहते हैं तो वे प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके नेतृत्व में राष्ट्रीय शासन का विरोध क्यों करते हैं?
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                        2. N
                          Nagender Parjapat Nonu
                          Jun 3, 2016 at 12:29 pm
                          सीबीआई,ib, acb, दिल्ली पुलिस सब बीजेपी के अंडर ह जांच करा लो।पर बसो को तो चलने दो।
                          Reply
                          1. R
                            radha
                            Jun 3, 2016 at 8:01 am
                            रोंदू केजरीवाल फिर रोया
                            Reply
                            1. S
                              sujesh
                              Jun 3, 2016 at 3:26 am
                              After delhi bjp will loose punjab and goa
                              Reply
                              1. I
                                Insaan
                                Jun 3, 2016 at 12:01 pm
                                सुजेश भैया, बावर्ची अंग्रेजी में लिखे गा तो ऐसा ही सोचेगा क्योंकि राष्ट्रद्रोहियों की चापलूसी और सेवा करते तुम्हें तो मुफ्त की दाल रोटी मिलती रहेगी लेकिन भारतीय जनसंख्या के उन दो तिहाई गरीब व अाय जनसमूह का कौन सोचेगा जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (२०१३) के अंतर्गत निर्वाह करने को बाध्य है?
                                Reply
                              2. V
                                Vijay S
                                Jun 3, 2016 at 4:57 am
                                इस को कोई काम नहीं है कयआ. सिवाए फालतू की बातें करने के. नौटंकी कही का.
                                Reply
                                1. V
                                  virendra
                                  Jun 3, 2016 at 9:01 am
                                  केजरीवाल करना क्या चाहते है, अगर ये गलत नहीं है तो जाँच से क्यों डरते है , ये पता होते हुए भी की आज तक किसी भी जाँच का फैसला नहीं हुआ है और कोई भी जाँच पूरी नहीं होती
                                  Reply
                                  1. I
                                    Insaan
                                    Jun 3, 2016 at 12:37 pm
                                    आप जो कहते हैं वह अड़चन ही है जिसके दूसरे पर्यायवाची शब्द अथवा शैली, रोड़ा, कठिनाई , एवं “कार्य में प्रगति न हो पाना” हैं| अंतर केवल इतना है कि “अड़चन” के लिए उलाहना करते अरविन्द केजरीवाल पहले बोल पड़े हैं| एक मोटी बात हमें समझ लेनी चाहिए कि यदि सभी राजनीतिज्ञ भारत और भारतवासियों का भला चाहते हैं तो वे प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके नेतृत्व में राष्ट्रीय शासन का विरोध क्यों करते हैं?
                                    Reply
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