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जेएनयू में बढ़ गए दाखिले के दावेदार

विश्वविद्यालय के प्रवेश निदेशक प्रोफेसर मिलाप पुनिया ने बताया कि इस बार प्रवेश प्रक्रिया के दौरान पिछली बार की तुलना में करीब 19,000 आवेदकों की वृद्ध हुई है।
Author नई दिल्ली | October 22, 2017 00:47 am
नई दिल्‍ली स्थित जवाहर लाल नेहरू विश्‍वविद्यालय का प्रशासनिक भवन। (PHOTO: Express Archive)

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) प्रशासन ने सभी पाठ्यक्रमों की दाखिला प्रक्रिया में बदलाव करते हुए दिसंबर में प्रवेश परीक्षा का आयोजन करने का फैसला किया जो अब सही साबित हो रहा है। दरअसल, प्रवेश के लिए आवेदन करने वालों की संख्या में पिछली बार के मुकाबले करीब एक तिहाई बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस बार 78,000 के आसपास आवेदन प्राप्त हुए हैं कि जबकि छह महीने पहले आयोजित हुई दाखिला प्रक्रिया में 59,000 के करीब उम्मीदवारों ने दाखिले के लिए आवेदन किया था। विश्वविद्यालय के प्रवेश निदेशक प्रोफेसर मिलाप पुनिया ने बताया कि इस बार प्रवेश प्रक्रिया के दौरान पिछली बार की तुलना में करीब 19,000 आवेदकों की वृद्ध हुई है।

उन्होंने बताया कि हमने पूरे देश के अधिक से अधिक विद्यार्थियों को जेएनयू में प्रवेश का मौका देने के लिए इस बार प्रवेश परीक्षाओं का कार्यक्रम जुलाई से बदलकर दिसंबर में किया। आवेदकों ने इसे हाथोंहाथ लिया और पिछली बार के मुकाबले 33 फीसद अधिक आवेदन प्राप्त हुए। उन्होंने बताया कि 15 सितंबर से आॅनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की गई थी जिसकी अंतिम तिथि 13 अक्तूबर थी। लेकिन उम्मीदवारों के उत्साह को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने अंतिम तिथि को बढ़ाकर 17 अक्तूबर कर दिया था।

मार्च-अप्रैल में आएगा परिणाम

प्रोफेसर पुनिया ने बताया कि दिसंबर में प्रवेश परीक्षा होने के बाद मार्च-अप्रैल में परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। इसके बाद उम्मीदवार बहुत आराम से जेएनयू में प्रवेश ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि इससे पहले जब हम जुलाई में परीक्षाओं का आयोजन होता था जबकि उम्मीदवार असमंजस में रह जाते थे।

53 शहरों में प्रवेश परीक्षा

प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन 27 से 30 दिसंबर के बीच देश के 53 शहरों और नेपाल की राजधानी काठमांडू में किया जाएगा। ये परीक्षाएं एमफिल/पीएचडी, एमफिल/पीएचडी जेआरएफ के माध्यम से, पीएचडी, पीएचडी जेआरएफ के माध्यम से, एमटेक, एमपीएच, पीजीडीई, एमए, एमएससी, एमसीए, बीए (आॅनर्स) विदेशी भाषाओं और पार्ट टाइम पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए होंगी।

पीएचडी/एमफिल की 720 सीटें उपलब्ध

विश्वविद्यालय में 720 पीएचडी/एमफिल सीटें उपलब्ध हैं जबकि पिछली बार सिर्फ 120 सीटों पर ही दाखिला दिया गया था। इसके अलावा बीए प्रोग्राम की 430 सीटें, स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों (एमए, एमएससी, एमटेक और एमपीएच) की 1,118 और पार्ट टाइम पाठ्यक्रमों (डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स) की 201 सीटें उपलब्ध हैं। पीएचडी और एमफिल में प्रवेश यूजीसी के गजट 2016 के आधार पर होगा।

 

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