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नीतीश कटारा हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने यादव भाईयों को दी 25-25 साल कैद की सज़ा

कटारा की वर्ष 2002 में हत्या कर दी गई थी और इन तीनों को सनसनीखेज मामले में दोषी ठहराया गया था।
Author नई दिल्ली | October 3, 2016 20:12 pm
नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में दोषी विकास यादव, उसका चचेरा भाई विशाल यादव। (पीटीआई फाइल फोटो)

उच्चतम न्यायालय ने 2002 में हुए नीतीश कटारा के अपहरण और उसकी हत्या के मामले में विकास यादव और उसके चचेरे भाई विशाल यादव को सोमवार (3 अक्टूबर) को 25-25 साल की कैद की सजा सुनायी। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति सी नागप्पन की पीठ ने इस सनसनीखेज अपराध में तीसरे अभियुक्त सुखदेव पहलवान को 20 साल की कैद की सजा सुनाई हैं। पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस फैसले में सुधार कर दिया जिसमें विकास और विशाल यादव को हत्या के जुर्म में 25 साल और सबूत नष्ट करने के जुर्म में पांच साल की कैद की सजा सुनाते हुये कहा गया था कि यह लगातार चलेगी। शीर्ष अदालत ने कहा कि दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी और एक तरह से इस मामले में यादव बंधुओं को 25 साल की कैद की सजा हुई है।

इसी तरह, सुखदेव पहलवान को उच्च न्यायालय ने 25 साल की सजा सुनायी थी लेकिन अब उसे 20 साल की सजा ही भुगतानी होगी।
न्यायालय ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ विकास और विशाल यादव की अपील पर यह निर्णय सुनाया। उच्च न्यायालय ने दोनों की उम्र कैद की सजा बगैर किसी छूट के बढ़ाकर 25-25 साल कर दी थी। इसके अलावा दोनों को इस मामले में सबूत नष्ट करने के जुर्म में पांच पांच साल की अतिरिक्त सजा सुनायी गई।

इसी तरह, यादव बंधुओं के ही तीसरे साथी सुखदेव पहलवान को बगैर किसी छूट के 25 साल की कैद की सजा सुनायी गयी थी। उच्च न्यायालय का कहना था कि यह अपराध दुर्लभ से भी दुर्लभतम की श्रेणी में आता है लेकिन अदालत ने उन्हें फांसी के फंदे से यह कहते हुए बचा दिया था कि उनके सुधरने और पुनर्वास की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है। शीर्ष अदालत ने 17 अगस्त, 2015 को विकास, विशाल और सुखदेव पहलवान को दोषी करार देने के फैसले को सही ठहराते हुये कहा था कि इस देश में सिर्फ अपराधी ही न्याय के लिए गुहार लगा रहे हैं। इससे पहले, उच्च न्यायालय ने कहा था कि विकास की बहन से प्रेम करने वाले नीतीश कटारा की हत्या ’झूठी शान’ के लिये की गयी थी और इस वारदात को बहुत ही सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था।

अदालत ने विकास और विशाल पर लगाए गए जुर्माने की राशि भी बढाकर 54-54 लाख रुपए कर दी थी। नीतीश कटारा हत्याकांड में 39 वर्षीय विकास, 37 वर्षीय विशाल और 40 वर्षीय वर्षीय सुखदेव पहलवान को निचली अदालत ने मई, 2008 में उम्र कैद की सजा सुनायी थी। विकास, विशाल और सुखदेव ने नीतीश कटारा की 16-17 फरवरी, 2002 की रात में हत्या कर दी थी क्योंकि वे उत्तर प्रदेश के नेता डी पी यादव की पुत्री भारती के साथ उसके प्रेम प्रसंग के खिलाफ थे। उच्च न्यायालय ने दो अप्रैल, 2014 को अपने निर्णय में निचली अदालत का फैसला बरकरार रखा था।

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