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दिल्ली: सनकी दामाद ने सिल-बट्टे और डंडे से ससुर, साले और साढ़ू की ली जान

वारदात के बाद आरोपी दामाद राजेश दूसरी मंजिल से कूद कर भागने की कोशिश में पड़ोसियों के हाथों दबोच लिया गया।
Author नई दिल्ली | September 21, 2016 05:06 am
इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्‍मक तौर पर किया गया है। (Source: Agency)

नंद नगरी इलाके में सोमवार देर रात एक सनकी दामाद ने सोते समय सिल-बट्टे और डंडे से हमला कर अपने 60 साल के बुजुर्ग ससुर रामकिशन, 26 साल के साले राजू और 30 साल के साढ़ू किरणपाल की हत्या कर दी। इतना ही नहीं उसने अपने एक अन्य साढ़ू 28 साल के तरुण व साले के 15 साल के बेटे पर भी जानलेवा हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया। जख्मी हालत में दोनों को गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है। वारदात के बाद आरोपी दामाद राजेश दूसरी मंजिल से कूद कर भागने की कोशिश में पड़ोसियों के हाथों दबोच लिया गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।

छत से कूदने के दौरान राजेश को भी चोट लगी है। उत्तर-पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त अजीत कुमार सिंगला ने बताया कि शुरुआती जांच में यह पारिवारिक कलह का मामला लग रहा है। इस संबंध में हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी भी गुरु तेगबहादुर अस्पताल में भर्ती है।  दिल्ली नगर निगम में सफाई कर्मचारी से सेवानिवृत्त रामकिशन अपने परिवार के साथ नंदनगरी स्थित ई ब्लॉक में पत्नी बीना, चार बेटे मन्नू, रवि, गोविंदा और राजू के साथ रहते हैं। रामकिशन की तीन शादीशुदा बेटियां राखी, आशा और प्रिया भी हैं। उसने बड़ी बेटी राखी की शादी अलवर स्थित लाल खान मोहल्ला निवासी राजेश से की थी। छोटी बेटी की शादी भी अलवर निवासी तरण से जबकि मंझली बेटी आशा व उसका पति किरणपाल रामकिशन के घर के पास में ही रहते हैं। पास रहने के कारण छोटी बेटी और दामाद रामकिशन के घर आते-जाते थे। बताया जा रहा है कि बड़ा दामाद राजेश घरेलू विवाद के कारण सोमवार को अलवर से दिल्ली अपने एक बेटे को लेकर आया था। इसके बाद उसकी पत्नी राखी अपने दोनों बच्चों को लेकर छोटे जीजा तरण के साथ दिल्ली आ गई। रात के समय पूरा परिवार घर में था। राजेश ने बातचीत करने के लिए अपने मंझले साढू किरणपाल को भी घर बुलाया था। उसने किरण को रात में रुकने के लिए भी तैयार कर लिया था। देर रात खाना खाने के बाद परिवार के कुछ सदस्य दूसरी मंजिल स्थित छत पर सोने चले गए। रात करीब डेढ़ बजे आपस में विवाद हुआ और राजेश ने डंडे और सिल-बट्टे से सोते समय पांच लोगों पर जानलेवा हमला कर दिया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हमला करने के बाद राजेश पड़ोस में रहने वाले रामकिशन के बड़े भाई ब्रह्मप्रकाश की पहली मंजिल स्थित छत पर कूद गया। वहां से वह गली में कूदा तो स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया। शोर-शराबे के बीच परिवार के बाकी सदस्य जब ऊपर पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। रामकिशन, राजू, किरणपाल, तरुण और करण खून से लथपथ पड़े हुए थे। घायलों को पड़ोसियों की मदद से तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां रामकिशन, उनके बेटे राजू और दामाद किरणपाल को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
शुरुआती जांच में प्रतीत हो रहा है कि राजेश ने वारदात को अंजाम देने से पहले खाने के दौरान या तो कुछ नशीला पदार्थ मिला दिया या फिर सोते समय परिवार के सदस्यों को कुछ सुंघाया होगा। तभी उसने अकेले ही वारदात को आसानी से अंजाम दे दिया। पुलिस का कहना है कि सोते समय ही सही एक साथ पांच लोगों पर हमला करना किसी एक व्यक्ति के लिए संभव नहीं था। इसलिए पुलिस ने जांच के लिए खाने के नमूने उठाए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी खुद नशे की हालत में नहीं था। क्योंकि उसने अपने 15 साल के बेटे पर हमला नहीं किया जबकि वह भी अपने नाना के साथ ही सो रहा था।  पीड़ित परिवार ने बताया है कि राजमिस्त्री का काम करने और निर्माण के ठेके लेने वाले राजेश का काम पिछले कुछ सालों से ठीक नहीं चल रहा था। इसकी वजह से उसका अपनी पत्नी व परिवार से झगड़ा होता रहता था। राजेश अपने ससुराल वालों से रुपयों की मांग भी कर रहा था।

 

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